डेनमार्क ओपन के क्वार्टरफाइनल में थम गया किदांबी श्रीकांत का सफ़र

किदांबी श्रीकांत के डेनमार्क ओपन से बाहर हो जाने के बाद अब इस प्रतियोगिता में कोई भी भारतीय शटलर नहीं बचा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) डेनमार्क ओपन 2020 से बाहर हो गए हैं। शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में किदांबी श्रीकांत को चीनी ताइपे चौउ टिएन-चेन (Chou Tien Chen) ने 21-22, 21-13, 21-16 से मात दी। 

इस प्रतियोगिता में श्रीकांत इकलौते भारतीय रह गए थे लेकिन आज वह भी बाहर हो गए हैं। लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) की बात की जाए तो उन्हें दूसरे राउंड में अपने कारवां को समाप्त करना पड़ा और साथ ही शुभांकर डे (Subhankar Dey) और अजय जयराम (Ajay Jayaram) को पहले ही राउंड में करारी हार झेल कर बाहर का रास्ता देखना पड़ा था।

BWF सुपर 750 को 2017 में जीतने वाले श्रीकांत ने इस मुकाबले में उम्दा प्रदर्शन किया लेकिन परिणाम उनके हक में न आ सका। ग़ौरतलब है कि 2020 ऑल इंग्लैंड ओपन के सिल्वर मेडल विजेता ने भारतीय शटलर को मात देते हुए अपने कारवां को आगे बढ़ाया है।

5वीं वरीयता हासिल श्रीकांत ने अच्छी प्लेसमेंट करते हुए शुरूआती अंक बटोरे लेकिन रैली के आगे बढ़ने पर उनकी लय डगमगाती भी दिखी। पहले गेम के मध्य समय तक दूसरी वरीयता प्राप्त चौउ टिएन-चेन ने 1 अंक से बढ़त अपने पास रख कर अपने मनोबल को भी ऊंचा रखा।

खेल दोबारा शुरू होने के बाद दोनों ही खिलाड़ियों ने अच्छा खेल दिखाया और किसी के लिए भी अंक बटोरना आसान न था। एक समय ऐसा आया कि स्कोर 17-17 से बराबर था और अब सिर्फ नव्ज़ को काबू में करने की देर थी। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी 20-19 से पीछे हो गए थे लेकिन उम्दा ड्रॉप शॉट की मदद से उन्होंने इस गेम को 22-20 से अपने नाम किया।

दूसरे गेम में चेन ने ताकत भरा खेल खेलना शुरू किया और वह कुछ हद्द तक सफल भी हुए। हालांकि श्रीकांत ने इस शटलर के जवाबों का कड़ा जवाब दिया और गेम को एक बार फिर अपने पाले में करने की कोशिश की। देखते ही देखते चेन ने दूसरे गेम पर 21-13 से कब्ज़ा जमाया और पुरानी हार को बराबर किया।

ग़ौरतलब है कि लंबे चलने वाले मुकाबलों में चेन का रिकॉर्ड बेहतर है और उन्हें ऐसे मुकाबलों को अपने पक्ष में करना आता है। अपने अनुभव और फॉर्म का इस्तेमाल करते हुए चौउ टिएन-चेन ने 21-16 से इस गेम को जीत कर मुकाबला भी अपने नाम किया और भारतीय शटलर को बाहर का रास्ता दिखाया।

यह दोनों खिलाड़ी 7वीं बार एक दूसरे के सामने थे। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने अपने इस प्रतिद्वंदी को 2014 हांगकांग ओपन में मात दी थी और उसके अलावा 6 बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।