भारत के लक्ष्य सेन ने जीता बांग्लादेश ओपन 

बांग्लादेश ओपन की जीत के साथ लक्ष्य ने इस सीज़न के छठे खिताब को अपने नाम कर लिया।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

बांग्लादेश इंटरनेशनल चैलेंजर 2019 फाइनल भारतीय खिलाड़ी लक्ष्य सेन के हाथ लगा। मलेशिया के लिओंग जून हाओ के खिलाफ खेलते हुए भारतीय शटलर सेन ने फाइनल मुकाबला उम्दा खेल दिखाते हुए अपने नाम किया।

इस 18 वर्षीय भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने कोर्ट पट बिना किसी गेम के हारे बांग्लादेश ओपन 2019 अपने नाम किया। अगस्त से लेकर अब तक, सेन ने 6 खिताबों को हासिल किया और यह बताया कि भारतीय बैडमिंटन सुरक्षित हाथों में हैं।  

कोर्ट पर कसी कमान

सेन ने इस प्रतियोगिता की शुरुआत में ही अपने जज़्बे का प्रमाण दिया और देखते ही देखते अपने हर प्रतिद्वंदी को पस्त करना शुरू कर दिया। भारत के ही राजेश वर्मा के खिलाफ खेलते हुए सेन ने उन्हें 21-5, 21-10 के बड़े अंतर से हराया और मुकाबले को अपने नाम किया। अगले राउंड में भी सेन को मलेशिया के एम्डी ताह एम ज़ियाद ज़्यादा तंग नहीं कर पाए और मुकाबला गंवा दिया। भारतीय शटलर 21-13, 21-6 से विजयी रहकर अपने कारवां को आगे बढ़ाया। बांग्लादेश ओपन सेन के रैकिट का प्रशंक तब बना जब उन्होंने अपने अगले दो मुकाबले बेहद आसानी से जीते और सेमीफाइनल में अपने कदम रखे। 

सेमीफाइनल से पहले सेन ने ऐदिल शोले अली सादिकिन को 21-17, 21-9 और एनजी त्ज़े योंग को 21-9, 21-11 से हराया। अब बारी थी तीसरे सीड के खिलाड़ी इखसन लियोनार्डो इमानुएल रूम्बे को पस्त कर फाइनल में जगह बनाने की। यह मुकाबला पिछले कुछ मुकाबलों से रोमांचक रहा और दोनों ही खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर चैंपियनशिप को अपने नाम करने की पूरी कोशोश की। हालांकि अपनी नव्जों को काबू में रखते हुए भारत के सेन ने इस मुकाबले को 21-18, 21-16 से जीता और खुद को एक और फाइनल के लिए तैयार किया। 

बांग्लादेश ओपन के फाइनल मुकाबले में सेन की भिडंत मलेशिया के लिओंग जून हाओ से होने वाले थी और विजेता के हाथ आने वाला था यह खिताब। लगभग 50 मिनट के मुकाबले में दोनों ही प्रतिद्वंदियों ने शरीर के साथ अपने दिमाग का भी प्रयोग किया और अपनी रणनीतियों से कोर्ट को फतह करने की कोशिश की। 

पहली गेम का रोमांच देखते ही बना और एक समय पर स्कोर 20-20 से बराबर हो गया। अब सेन को ज़रूरत थी तो खुद पर भरोसा रखने की और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। अंततः पहली गेम सेन ने 22-20 से अपने हक में की और ट्रॉफी के एक कदम और नज़दीक आगए। अगर लिओंग जून हाओ को मुकाबले में खुद को जीवित रखना था दूसरी गेम को जीतना ज़रुरी था। दोनों ही खिलाड़ियों ने अपने आत्मविश्वास और तजुर्बे को झोंक दिया और खिताब को जीतने की जद्दो-झड़ में जुट गए। आज के दिन सेन का खेल जून हाओ से बेहतर रहा और उन्होंने 21-18 से गेम के साथ-साथ मुकाबले भी अपे नाम किया और बन गए बांग्लादेश ओपन के विजेता। यह जीत लक्ष्य सेन के लिए इस सीज़न की छठवीं जीत थी।

लक्ष्य सेन का लक्ष्य – जीत

असल खिलाड़ी वही है जो समय के साथ खुद के खेल और आत्मविश्वास को बढ़ाए और सभी का मन मोह ले। सेन ने भी कुछ ऐसा ही किया, जब उन्होंने स्कॉटिश ओपन 2019 को ब्राज़ील के गोर कोएल्हो को 18-21, 21-18, 21-19 को हराकर अपने नाम किया। 

इतना ही नहीं, सेन ने 2019 बेल्जियन इंटरनेशनल में शानदार प्रदर्शन कर जीत की देहलीज़ पर कदम रखे। पूरे ही सीज़न में उम्दा खेल दिखाते हुए डच ओपन, सारलोरलक्स ओपन 2019 भी जीता। इन सब परिणामों और साथ ही बांग्लादेश ओपन की बात की जाए तो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का लक्ष्य साफ़ दिखा और हर जीत के साथ उन्होंने अपने उज्जवल भविष्य का भी प्रमाण दिया।

साल 2019 के हवाले से देखा जाए तो भारत की सर्वश्रेठ पीवी संधु ने बीडब्लूएफ अपने नाम किया लेकिन उसके अलावा उनका प्रदर्शन ख़ासा प्रभावित नहीं करता। भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ियों की बात करें तो लगभग सभी खिलाड़ी अपनी खराब फॉर्म से जूझते नज़र आए। ऐसे में लक्ष्य सेन का यह प्रदर्शन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए ज़यादा ख़ास बन जाता है।