टेनिस

जीत के साथ लिएंडर पेस ने बनाई ऑस्ट्रेलियन ओपन के प्री-क्वार्टर में जगह

46 वर्षीय इस भारतीय दिग्गज को वाइल्ड कार्ड एंट्री के ज़रिए इस ग्रैंड स्लैम में मिली है जगह

लेखक सैयद हुसैन ·

लिएंडर पेस और उनकी जोड़ीदार जेलेना ओस्तापेन्को ने रविवार को बेहद रोमांचक मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी स्टॉर्म सैंडर्स और मार्क पोलमैन्स को 6-7 (7), 6-3, 10-6 से हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल के प्री-क्वार्टर में जगह बना ली।

दोनों ही टीमों को एंट्री वाइल्ड कार्ड के ज़रिए इस टूर्नामेंट में मिली है, और दोनों ही की नज़र जीत के साथ सफ़र को आगे बढ़ाने पर थी। जो पहले सेट में दिखा भी, चौथे गेम में भले ही पेस-जेलेना की जोड़ी ने सर्विस गंवा दी थी लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए स्कोर 6-6 तक ले गए, और फिर इस सेट का फ़ैसला टाई-ब्रेकर से हुआ।

जहां लिएंडर पेस और उनकी जोड़ीदार की सर्विस तीन बार ब्रेक हुई और नतीजा ये हुआ कि पेस-जेलेना ने ये सेट 6-7 से गंवा दिया।

लेकिन शानदार वापसी करते हुए पेस और जेलेना ने दूसरा सेट अपने नाम कर लिया, इस सेट में इस जोड़ी का दबदबा साफ़ दिख रहा था और 6-3 से सेट जीतते हुए मैच अब 1-1 से बराबर हो चुका था।

अब मैच का फ़ैसला सुपर टाई-ब्रेकर से होना था, और अंत तक ये तय हो पाना मुश्किल था कि जीत किसके तरफ़ जाएगी। लेकिन तीन बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन मिश्रित युगल विजेता (2003, 2010, 2015) लिएंडर पेस ने अपने अनुभव का परिचय दिया और संयम बरक़रार रखते हुए आख़िरकार विजेता रहे। इससे पहले रोहन बोपन्ना और उनकी जोड़ीदार नादिया किचेनोक ने भी दूसरे दौर का मुक़ाबला जीतते हुए क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली थी।

नज़र ओलंपिक पर

1991 से प्रोफ़ेशनल टेनिस खेल रहे लिएंडर पेस ने क्रिसमस के दौरान इस बात का ऐलान कर दिया था कि उनके 29 साल लंबे करियर पर टोक्यो 2020 के बाद विराम लग जाएगा।

46 वर्षीय ये बारतीय दिग्गज रिकॉर्ड आठवें ओलंपिक में खेलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, अब तक इनके नाम एक ओलंपिक कांस्य पदक और 18 ग्रैंड स्लैम ख़िताब भी शामिल हैं।

‘’मैंने 1992 ओलंपिक क्वालिफ़ायर भी खेला था और 1996 अटलांटा ओलंपिक में कांस्य भी जीता था। इस दौरान तीन बार ओलंपिक पदक जीतने के बेहद क़रीब भी आकर चूका, जिसमें एथेंस में युगल मुक़ाबला शामिल है।‘’ मुंबई मिरर के साथ बातचीत में पेस ने ये कहा।

‘’हमारे परिवार में ओलंपिक का सफ़र शानदार रहा है, हमारे यहां आपको दो ओलंपिक चैंपियन मिल जाएंगे।‘’ पेस ने ये बातें अपने पिता वेस पेस के बारे में ध्यान रखते हुए कहा, जो 1972 म्यूनिक ओलंपिक में पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे।

‘’ज़ाहिर तौर पर मेरे दिमाग़ में 2020 टोक्यो ओलंपिक चल रहा है, लेकिन मंज़िल अभी दूर है।‘’ : लिएंडर पेस