लिएंडर पेस ने किया ऐलान: प्रोफेशनल सर्किट पर 2020 उनके करियर का होगा आखिरी साल

भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का नाम खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने अपने करियर में 1996 अटलांटा खेलों में ब्रॉन्ज़ मेडल और कुल 18 ग्रैंड स्लैम युगल सहित कई खिताब जीते।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय टेनिस को दुनियाभर में एक नए मुकाम पर पहुंचाने वाले दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अपने करियर को लेकर बुधवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने साफ कर दिया कि साल 2020 प्रोफेशनल सर्किट पर उनके 30 साल के करियर का आखिरी साल होगा। 46 वर्षीय लिएंडर पेस ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “मैं ऐलान करना चाहता हूं कि एक प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी के तौर पर 2020 मेरा आखिरी साल होगा”।

सभी को कहा शुक्रिया

सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में पेस ने कहा, “मैं साल 2020 के टेनिस कैलेंडर की ओर देख रहा हूं, जिसमें मैं कुछ चुनिंदा टूर्नामेंट ही खेलूंगा। अपनी टीम के साथियों के साथ यात्रा करूंगा और दुनियाभर में अपने दोस्तों और प्रशंसकों के साथ जश्न मनाऊंगा। आप सभी ने सही मायने में मुझे वो बनने के लिए प्रेरित किया, जो आज मैं हूं। मैं आप सभी को शुक्रिया कहना चाहता हूं।”

इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता डॉक्टर वेस पेस और मां जेनिफर का भी शुक्रिया अदा किया। पेस ने कहा, “मैं अपने माता-पिता को शुक्रिया कहना चाहता हूं। दोनों ने मुझे भारत का प्रतिनिधित्व करने के लायक बनाया और हमेशा मुझे प्रेरित किया।”

प्रशंसकों से कही दिल की बात

इस टेनिस खिलाड़ी ने अपनी दो बड़ी बहनों और बेटी आयना का भी आभार जताया। साथ ही उन्होंने कहा कि 2020 मेरे लिए बहुत ही भावुक साल रहने वाला है और मैं आप सभी का साथ चाहता हूं। अपने प्रशंसकों से भी खास तरह से अपील करते हुए पेस ने कहा कि आप हैशटैग लास्ट रोर के जरिए मुझसे जुड़ें और सभी पसंदीदा लम्हों को मेरे साथ साझा करें।

पेस का शानदार करियर

टेनिस को दुनियाभर में नई पहचान देने वाले लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलिंपिक में देश को ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। यह नहीं, पेस डेविस कप की युगल स्पर्धा में 44 जीत के साथ इतिहास के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ी हैं। वह हाल ही में 19 सालों में पहली बार शीर्ष 100 युगल खिलाड़ियों की सूची से बाहर हुए।

पेस ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ डेविस कप मुकाबले से पहले ही संन्यास लेने के संकेत दे दिए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था, “मेरा अनुभव मेरे काफी काम आया है, लेकिन आगे की बात करें तो टीम के लिए अच्छा यही है कि मैं और एक साल तक न खेलूं। मैं अब अधिक समय तक नहीं खेल सकूंगा। डेविस कप के साथ मेरा जुड़ाव 30 साल से रहा है। सही मायने में देश के लिए खेलते हुए मैंने अपना करियर जी लिया है।“ हालांकि उन्होंने जरूरत पड़ने पर देश के लिए हमेशा मौजूद रहने की बात कही। उन्होंने कहा, “जब भी देश को किसी मुकाबले के लिए मेरी जरूरत होगी, मैं उपलब्‍ध रहूंगा।”

हाल ही में बनाया नया रिकॉर्ड

पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ भारत के डेविस कप टाई के न्यूट्रल स्थान की तलाश में इसके आयोजन पर दो बार पुनर्विचार करना पड़ा। जिसके बाद कई शीर्ष भारतीय खिलाड़ियों को बाहर किया गया और पेस को युवा टीम का नेतृत्व करने के लिए वापस बुलाया गया।

कज़ाकिस्तान के नूर सुल्तान में पहली बार नेदुन्चझियान के साथ जोड़ी बनाते हुए पेस ने एक प्रतियोगिता में सबसे अधिक युगल जीत हासिल करके का अपना रिकॉर्ड बेहतर किया। इससे पहले, पेस ने महेश भूपति के साथ युगल स्पर्धा में लगातार 24 मैच जीतते हुए ट्रॉफी पर रिकॉर्ड जीत हासिल की थी।