मुंबई के रास्तों की दौड़ से लें लंदन मैराथन का अनुभव!

मुंबई उपनगर के सात धावकों ने 2020 के लंदन मैराथन के वर्चुअल संस्करण में भाग लिया।

लेखक रितेश जायसवाल ·

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की वजह से लंदन मैराथन के 2020 संस्करण को कैसे आयोजित किया जाएगा, इस बात पर सभी को संदेह था। 

लेकिन रविवार को इस तरह के सभी सवालों के जवाब खुद-ब-खुद ही मिल गए, जब इथियोपिया की शूरा किताटा (Shura Kitata) ने केन्याई विन्सेंट किपचुम्बा (Vincent Kipchumba) के रूप में एक बड़ी चुनौती को पार करते हुए खिताब को अपने नाम कर लिया। 

इस वर्ष अमेच्योर धावकों के लिए लंदन मैराथन को बंद कर दिया गया था। लेकिन आयोजकों ने लंदन मैराथन ऐप का उपयोग करके अपनी सड़कों से 45,000 धावकों के साथ दौड़ को दर्शकों के लिए आभासी भागीदारी करने के साथ ही आयोजित कर दिया।

मुंबई के एक उपनगर में सात अमेच्योर धावक वर्चुअल लंदन मैराथन 2020 का हिस्सा बने। 

इनमें सात उत्साही लोगों का एक समूह भी शामिल था, जिन्होंने रविवार की तड़के मुंबई उपनगर में सड़कों पर दौड़ लगाई।

इनमें डॉ. महेश बेडेकर, गीतांजलि लेंका, यशविंदर सिंह, आदित्य रथ, रवि नादर, हंस और विजय गैंबियर शामिल थे।

एक अनुभवी धावक डॉ. बेडेकर ने ओलंपिक चैनल को बताया, "मैं पांच साल से दौड़ रहा हूं और सुपर सिक्स (दुनिया की छह सर्वश्रेष्ठ दौड़) हमेशा से मेरा सपना रहा है।"

"मैंने पिछले सीजन में बोस्टन दौड़ के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन उसे (इस वर्ष) रद्द कर दिया गया। तब बर्लिन ने भी घोषणा की कि वे दौड़ में आगे नहीं बढ़ेंगे। इसलिए जब लंदन के आयोजकों ने दौड़ को आभासी बना दिया तो यह मेरे लिए एक आसान निर्णय था।”

आपको बता दें, रिदमिक रनिंग ग्रुप के छह अन्य लोगों के साथ डॉ. बेडेकर ने कुछ महीने पहले दौड़ के लिए पंजीकरण कराया था।

डॉ. महेश बेडेकर और उनकी टीम के लिए लंदन मैराथन खुद को चुनौती देने के जैसा था। फोटो: डॉ. महेश बेडेकर

लेकिन उनकी एंट्री को स्वीकार किए जाने के बाद ही पूरे समूह ने इस बड़े दिन के लिए ट्रेनिंग की। 

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि जून के अंत में हमने इस दौड़ के लिए प्रशिक्षण शुरू किया था। आमतौर पर एक दौड़ की तैयारी में लगभग चार से पांच महीने लगते हैं। लेकिन इस बार यह मज़े लेने के बारे में था।

डॉ. बेडेकर ने आगे कहा, “हम बहुत लंबे समय से अपने घरों के अंदर रहे हैं, इसलिए हम पीबी (पर्सनल बेस्ट) की उम्मीद नहीं कर रहे थे।”

“(लंदन मैराथन) ऐप रिकॉर्डिंग के समय 12:00 AM BST से हमने 4:40 AM IST के आसपास अपनी दौड़ शुरू करने का फैसला किया। यह सब अपने आप को चुनौती देने के बारे में था। शहर का यह क्षेत्र आमतौर पर नम होता है, लेकिन सुबह की बारिश और हमारे कुछ दोस्तों के प्रोत्साहन से हमें इसे पूरा करने में मदद की।” 

इस साल भले ही वह लंदन की 'असली' सड़कों पर नहीं दौड़ सके, लेकिन मुंबई के धावकों ने अपने 'होम कोर्स' पर हर एक पल इस वर्चुअल मैराथन का आनंद लिया।