दिविज शरण को ऑस्ट्रेलियन ओपन में मिला कोच के रूप में सहयोग 

अनिश्चितताओं के दौर में भारतीय युगल विशेषज्ञ को मेलबर्न में मिल रही कोच की बेहतरीन सुविधा

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

दिविज शरण की किस्मत उनके भारतीय साथी रोहन बोपन्ना से अच्छी रही, जिन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन से पहले क्वारींटाइन के दौरान 15 दिनों तक कमरे के अंदर बंद रहना पड़ा था, लेकिन खेल में उनका एकाकी संघर्ष महामारी के बाद के विभिन्न रूपों में प्रकट हुआ।

अनिश्चित टूर्नामेंट कार्यक्रम, युगल के लिए जोड़ीदार की मारा-मारी, हर देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रतिबंध जैसी स्थितियों के साथ क्वरंटाइन प्रोटोकॉल की पालना करते हुए वह खेलना चाहता है। 34 वर्षीय ने अपने दम पर यह सब किया। यहां तक कि ऑफ सीजन प्रशिक्षण भी योजना के अनुसार आसान नहीं रहा।

सोमवार से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में मुकाबला करने वाले भारतीय युगल विशेषज्ञ ने मेलबर्न से फोन पर कहा, "मैं पांच-छह सप्ताह (2020 के अंत में) नई दिल्ली में था।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने कुछ समय के लिए छुट्टी ले ली थी, लेकिन तब मैं सिरी फोर्ट में प्रशिक्षण ले रहा था। मैंने ज्यादातर (भारतीय खिलाड़ी) युकी (भांबरी) के साथ अभ्यास किया। तब मैं ब्रिटेन में प्रशिक्षण लेने की योजना बना रहा था। मैं वहां गया था, लेकिन तब वहां लॉकडाउन लग गया। इसलिए कोर्ट बंद थे। फिर मैं ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले अभ्यास के लिए करीब 10 दिनों के लिए दुबई चला गया। मैं अपने आप में बिल्कुल ठीक था। मैं वहां अपने एक दोस्त के साथ घूम रहा था, लेकिन मैं अपनी फिटनेस का ध्यान भी खुद रख रहा था। मेरे पास कोर्ट में जिम और फिटनेस की सुविधा थी।"

64वीं वरियता के साथ शरण भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रैंक वाले युगल खिलाड़ी हैं। पांच ATP टूर युगल खिताब जीतने के साथ उन्होंने विंबलडन के पुरुषों युगल में क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई।

दिल्ली निवासी ने आमतौर पर अपनी मुसीबतों का सामना खुद किया है। बांये हाथ से खेलने वाले शरण स्थिर सर्विस और फोरकोर्ट गेम के साथ भारतीय टेनिस के गौरवशाली दिनों में वापसी करते हुए 2012 के आसपास युगल में शुरुआत की और 2018 में करियर की सबसे ऊंची रैंकिंग 36वें स्थान पर पहुंच गये।

साल 2020 ने इनमें से कई लोगों को आरामदायक स्थिति से बाहर कर दिया। महामारी के दौरान वास्तविक विश्व खेल का अनुसरण करते हुएटेनिस खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना किया है।

दिविज शरण और उनके डच पार्टनर रॉबिन हासे ने प्राग ओपन 2020 के मेंस डबल्स में शीर्ष वरीयता प्राप्त की।   

शरण कहते हैं, "यह बहुत सारी बातों के साथ आसान नहीं है। आमतौर पर ATP टूर में आपके पास हर हफ्ते दो-तीन टूर्नामेंट होते हैं। जो कम हो गए हैं, टूर्नामेंट रद्द कर दिए गए हैं। कट-ऑफ बहुत बढ़ गया है। इसलिए किसी (युगल जोड़ीदार) के साथ इसे ठीक करना आसान नहीं है। वहां बहुत शिफ्टिंग और स्विचिंग है। मुझे पिछले साल कई अलग-अलग जोड़ीदारों के साथ खेलना पड़ा। फिर विभिन्न नेशनल्स के लिए प्रवेश प्रतिबंध हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद मुझे यकीन नहीं है कि मैं कहां खेलने जाऊंगा। कुछ विकल्प हैं, लेकिन उससे पहले मुझे यह देखना होगा कि मैं बिना किसी समस्या के कहां जा सकता हूं। यह नई स्थिति सभी के लिए मुश्किल है। हर कोई बस यही करने की कोशिश कर रहा है कि वे सबसे बेहतर क्या कर सकते हैं।"

कोरोना वायरस महामारी के कारण छह माह बाद अगस्त, 2020 में एक बार दौरे शुरू हो गए। शरण ने आठ अलग-अलग जोड़ीदारों के साथ 10 टूर्नामेंटों में भाग लिया। ऑस्ट्रेलियन ओपन में वो 38 वस्लोवाकिया के इगोर ज़ेलेनी के साथ खेलेंगे।

शरण व जेलेनी ने 2019 में सेंट पीटर्सबर्ग ओपन जीता था और पिछले साल के अंत में अपनी साझेदारी फिर से शुरू की थी। उन्होंने इस सप्ताह ऑस्ट्रेलियन ओपन के वार्मअप इवेंट, मुर्रे रिवर ओपन में मुकाबला किया, लेकिन दूसरे दौर में पांचवीं वरियता प्राप्त जोड़ी फेब्रिस मार्टिन और जेरेमी चार से हार गए।

शरण का मानना है कि वह 'भाग्यशाली' खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्हें मेलबर्न में सख्त क्वारींटाइन से नहीं गुजरना पड़ा था और वे उन्हें साथी के साथ सख्त दायरे में डाल सकते थे।उन्होंने कहा, "हमें ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए कुछ हफ्तों का अच्छा प्रशिक्षण मिला है। मैंने नवंबर की शुरुआत से कोई मैच नहीं खेला था। इसलिए ऑस्ट्रेलियन ओपन में मैच को तेज और शिखर पर पहुंचाने का विचार था। मुझे विश्वास है कि हम वास्तव में यहां अच्छा कर सकते हैं।"

शरण के लिए अच्छी बात ये है कि ऑस्ट्रेलियन ओपन की पूरी अवधि दौरान उनके कोच साथ रहेंगे। थाईलैंड में न्यूजीलैंड के पॉल डेल मेलबर्न में उनकी मदद करेंगे।

शरण कहते हैं, "मैंने पहले भी उनके साथ अभ्यास किया है और सम्पर्क बनाये रखा। पिछले साल सभी प्रतिबंधों के कारण मुझे खुद को यात्रा करनी पड़ी थी, लेकिन वह इस समय अवधि के दौरान उपलब्ध थे।"

प्रो टूर पर बहुत सारे खिलाड़ियों के लिए एक कोच होना आरामदायक है। आमतौर पर एक एथलीट के लिए दिया जाता है।

वे कहते हैं, "हम काफी यात्रा कर रहे हैं। इसलिए नियमित यात्रा में कोच रखना महंगा हो जाता है। यह दोगुने से भी ज्यादा होता है, क्योंकि आपको दो लोगों कर देखभाल करने के अलावा उनका खर्चा उठाना पड़ता है, जो संभव नहीं है।"

"लेकिन अगर आपके पास एक कोच को रखने का विकल्प है तो इससे बहुत फर्क पड़ता है। इससे आपके अभ्यास सत्र थोड़े व्यवस्थित हो जाते हैं, वहां आपका सहयोग करने के लिए कोई न कोई मौजूद होता है। आपके अभ्यास को बाहर से देखने वाले किसी व्यक्ति का इनपुट देना आसान होता है, क्योंकि कभी-कभी आप चीजों को भूल जाते हैं। कभी-कभी जब चीजें बहुत अच्छी नहीं होती हैं, तो आपकी बात सुनने के लिए कोई होता है। कोई आपका मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद होता है।"

शरण को डेल की अंतर्दृष्टि और जेलेनी के अनुभव से ऑस्ट्रेलियाई ओपन की तैयारी को सबसे बेहतर बनाने की उम्मीद है। स्लैम में भारतीय का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 में रहा था, जब उन्होंने पुरुषों के युगल में प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। शरण-जेलेनी ऑस्ट्रेलियन ओपन के शुरुआती दौर में जर्मन जोड़ी यान्निक हनफमन्न और केविन क्रिट्ज से भिड़ेंगे।