टोक्यो 2020 की तैयारियों के लिए मैरी कॉम मुक्केबाजी शिविर में हुई शामिल  

एशियाई ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के बाद कोरोना महामारी के कारण एक साल के बाद रिंग में रखेंगी कदम 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

छह बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरी कॉम (M.C.Mary Kom) वर्तमान में बेल्लारी के इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट में चल रहे मुक्केबाजी राष्ट्रीय शिविर में शामिल हुई हैं।

वर्तमान में वह क्वारेंटाइन में है, लेकिन सोमवार से उनके प्रशिक्षण शुरू करने की उम्मीद है। क्योंकि उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी हैं। 

लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता का कोविड-19 टेस्ट नेगेटिव आया है। मैरी कॉम को रिंग में कदम रखे करीब एक साल हो चुका है।

उन्होंने आखिरी बार मार्च 2020 में जॉर्डन के अम्मान में एशियाई ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा में भाग लिया था। जिसमें उन्होंने 51 किग्रा वर्ग में टोक्यो के लिए क्वालिफाई किया था। 

तब से कोरोना महामारी के कारण मैरी कॉम सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय शिविर और प्रतियोगिताओं से दूर रहीं। पहली बार वो इतने लम्बे समय तक रिंग से दूर रहीं।

उन्होंने महसूस किया कि टोक्यो के लिए उसकी तैयारी फिर से शुरू करने के लिए पर्याप्त समय है। अब ओलंपिक के आयोजन में सात महीने से भी कम समय बचा है।  

मैरी कॉम ने हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से कहा था, “अब हालात बहुत बेहतर हैं और टीका आने वाला है यह अच्छी खबर थी। मैंने अपने पति और कोच के साथ चर्चा की और महसूस किया कि बाहर जाकर प्रशिक्षण करने का समय आ गया है। मुझे यह कदम उठाना पड़ा, क्योंकि अगर मैं एक और महीने सही तरह से प्रशिक्षण नहीं लेती हूं, तो मुझे टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों में विलम्ब हो जाएगा और मैं अपना सपना सच नहीं कर पाऊंगी।”  

मुक्केबाजी का राष्ट्रीय शिविर 26 दिसंबर, 2020 को शुरू हो गया था और 18 फरवरी, 2021 तक चलेगा। भारतीय मुक्केबाजी के उच्च प्रदर्शन निदेशक सैंटियागो नीवा और महिलाओं के मुख्य कोच राफेल बर्गमैस्को भी इस शिविर के लिए बेल्लारी में हैं। इसमें 22 महिलाओं सहित 52 सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज शामिल हैं।

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37 वर्षीय ने कहा, “मैं कोविड के खिलाफ सभी सावधानी बरत रही थी। मुझे डेंगू (नवंबर में) भी हो गया था। एक हफ्ते तक बुखार रहा और बहुत कमजोरी भी महसूस हो रही थी। 2-3 दिनों तक बोलने तक की ताकत नहीं रही। फिर मैंने खुद के अंदर एक ऊर्जा भरते हुए नकारात्मक विचारों को दूर किया और 5-6 किलो वजन भी बढ़ाया। मेरे ठीक होने के बाद मेरे बच्चों को एक के बाद एक को चिकनपॉक्स हो गया। यह परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था।”  

मैरी कॉम तीन बेटे और एक बेटी की मां हैं। वो प्रेरणादायक मुक्केबाज हैं और पूरे देश में उनका बहुत सम्मान किया जाता है। 

उन्होंने खुलासा किया कि लॉकडाउन के दौरान उसने अपने कोच छोटे लाल के साथ एक फिजियो और एक स्ट्रेंगथ और कंडीशनिंग विशेषज्ञ के साथ प्रशिक्षण करके खुद को फिट रखने की कोशिश की। 

“मैं अभी रिकवरी कर रही हूं और 80-90 फीसदी तक ही ठीक हूं, लेकिन अपनी लय में वापस लौट रही हूं। मैं धीरे-धीरे फिर से पहले वाली स्थिति में लौटने के लिए प्रयासरत हूं, लेकिन खुद को तेजी से इसमें नहीं झौंकना चाहती। क्योंकि इससे चोट लगने का खतरा है। मैं देखना चाहती हूं कि शरीर कितना तनाव झेल सकता है, फिर उसी के हिसाब से आगे कदम बढ़ाना चाहती हूं।”