टोक्यो ओलंपिक से पहले वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू अमेरिका में करेंगी ट्रेनिंग

कैन्सास में थोड़े दिन बिताते हुए मीराबाई चानू को उम्मीद रहेगी कि वह लंबे समय से चली आ रही बैक इंजरी से भी निजात पाएंगी।

लेखक सैयद हुसैन ·

स्पोर्ट्स ऑथिरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) और मिशन ओलंपिक सेल (MOC) ने सोमवार को इस बात पर मुहर लगा दी कि 2021 में होने वाले टोक्यो 2020 के लिए भारतीय स्टार महिला वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) अमेरिका में अभ्यास करने जाएंगी।

MOC ने ये भी साफ़ किया कि टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत एथलीट्स को मदद पहुंचाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे।

इनमें अलग अलग छ: खेलों जैसे शूटिंग, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, पैरा स्पोर्ट्स, वेटलिफ़्टिंग और हॉकी के एथलीट्स शामिल होंगे।

MOC ने 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू को 40 लाख रुपये की आर्थिक मदद की है, जिसके ज़रिए वह दो महीने तक अमेरिका के कैन्सास में ट्रेनिंग करेंगी। इस दौरान उनके साथ उनके कोच और फ़िज़ियोथेरपिस्ट भी होंगे।

इस सत्र के दौरान ये भी कोशिश की जाएगी कि मीराबाई की पीठ में लंबे समय से चली आ रही चोट को भी पूरी तरह से ठीक किया जाए। इसी चोट की वजह से वह 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में नहीं जा पाईं थीं।

भारतीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि, “हमारा पूरा ध्यान उन भारतीय एथलीटों पर है जो ओलंपिक में जाने वाले हैं।“

“कमेटी में मौजूद जानकारों ने ये महसूस किया था कि मीराबाई चानू को अमेरिका भेजकर उन्हें सर्वश्रेष्ठ रिहैबिलेशन प्रोगराम और ट्रेनिंग मुहैया कराई जाए। इसलिए हमने उन सुझावों पर हामी भर दी है और मीराबाई के साथ उनके कोच और फ़िज़ियोथेरपिस्ट को भी अमेरिका भेजा जाएगा।“

चानू महिला वर्ग के 49 किग्रा भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं, और उनकी नज़र टोक्यो 2020 में जगह पक्की करने पर है। इसके लिए उन्हें कज़ाक़िस्तान के नूर-सुल्तान में होने वाले फ़ाइनल ओलंपिक एशियन क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करना होगा, ये प्रतियोगिता अप्रैल 2021 में आयोजित होगी।

भारतीय स्टार महिला वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू की नज़र टोक्यो 2020 में जगह पक्की करने पर है।

बॉक्सिंग, शूटिंग, हॉकी को भी मिलेगी मदद

इसी तरह का एक आर्थिक पैकेज भारतीय मुक्केबाज़ विकास कृष्ण (Vikas Krishan) को भी दिया गया है, जो तीन महीने के लिए अमेरिका में अभ्यास कर रहे हैं और इसकी शुरुआत 7 सितंबर से हो चुकी है।

विकास कृष्ण ने टोक्यो का टिकट भी हासिल कर लिया है और उन्हें भी SAI ने अमेरिका जाकर अभ्यास करने की अनुमति पहले से ही दे रखी है। भारतीय मुक्केबाज़ के साथ उनके व्यक्तिगत कोच रॉन सिम्स जूनियर (Ron Simms Jr.) भी इस समय वर्जिनिया के एलेक्ज़ेंडरिया बॉक्सिंग क्लब में मौजूद हैं जहां विकास अभ्यास कर रहे हैं।

मीराबाई और विकास के अलावा इस कमेटी ने टोक्यो की तैयारी कर रहे भारतीय निशानेबाजों के गोला-बारूद और ज़रूरी चीज़ें ख़रीदने के लिए भी राशि आवंटित की है ताकि वे कोरोना वायरस  (COVID-19) महामारी के बीच अपने घर की शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण ले सकें।

इसी तरह उपकरण और प्रशिक्षण आवश्यकताओं के लिए अंजुम मोदगिल (Anjum Moudgil) और मेराज अहमद खान (Meraj Ahmad Khan) के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी गई है।

बैडमिंटन में इसी तरह किदांबी श्रीकांत (Kidambi Shrikanth), साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) को भी दानिश ओपन सुपर 750 में खेलने की अनुमति मिल गई है। सेन की डेनमार्क में ट्रेनिंग और फिर सारलोर्लक्स ओपन में खेलने के प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल गई है।

MOC ने टीम के विदेशी फ़िज़ियो डेविड मैकडोनाल्ड (David McDonald) के जाने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अंतरिम फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में आरबी कन्नन (RB Kannan) की तीन महीने की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है।

पैरा स्पोर्ट्स के लिए इस समिति ने भारतीय पैरा हाई जंपर शरद कुमार (Sharad Kumar) के कोच येविन निकितिन (Yevhen Nikitin) की कोचिंग फीस को भी एक साल की अवधि यानी टोक्यो पैरालंपिक तक के लिए मंजूर कर दिया है।