वेटलिफ्टिंग

मीराबाई चानू ने नेशनल चैंपियनशिप में अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए जीता गोल्ड

इस जीत के साथ साईखोम मीराबाई चानू ने पांच महीने के भीतर दो बार 200 किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे उनकी ओलंपिक पदक संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

पूर्व विश्व चैंपियन और भारत की शीर्ष वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने मंगलवार को कोलकाता में चल रहे सीनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 49 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता। इस दौरान उन्होंने 203 किग्रा वजन उठाकर अपना पिछला नेशनल रिकॉर्ड बेहतर किया। उन्होंने पिछले साल थाईलैंड में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में 201 किग्रा वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

मणिपुर की 25 वर्षीय एथलीट ने स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा भार उठाया। जिसने न केवल उन्हें राष्ट्रीय खिताब दिलाया, बल्कि चीन की जियांग हुइहुआ (212 किग्रा), हू झीहुई (211 किग्रा) और उत्तर कोरिया की री सोंग गम (204 किग्रा) के बाद वो विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर रहीं।

पिछले साल थाईलैंड में 2019 विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मीराबाई चानू ने कुल 201 किग्रा भार उठाया था, जो उस समय उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और 49 किग्रा वर्ग में एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड था।

भारत की 2020 ओलंपिक उम्मीद

अप्रैल में कज़ाकिस्तान में होने वाली ओलंपिक स्वर्ण स्पर्धा एशियाई चैंपियनशिप के लिए कोलकाता में भारतीय खिलाड़ियों के लिए एकदम सही वार्मअप था। हालांकि, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (IWF) ने कज़ाकिस्तान में मीराबाई चानू के अवसरों के साथ बहुत विश्वास किया।

साइखोम मीराबाई चानू 

IWF के महासचिव सहदेव यादव ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से कहा, “हमें मीराबाई से सिल्वर की उम्मीद है। हमारी लड़ाई चीन के साथ एक गोल्ड के लिए होगी।”

यादव ने आगे कहा, “हम मीराबाई के कज़ाकिस्तान में रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने की उम्मीद करते हैं। अगर वह ऐसा करने में कामयाब हो जाती हैं तो मेरे शब्दों को याद रखिएगा।”

हालांकि, मीराबाई चानू ने अपने भार वर्ग में कुल 210 किग्रा भार उठाने का लक्ष्य रखा है। उन्हें यह बात अच्छी तरह पता है कि यह संभवतः उन्हें ओलंपिक स्वर्ण पदक दिला सकता है।

मीराबाई चानू ने स्पोर्टस्टार से बात करते हुए कहा, “मैं अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास से बहुत खुश हूं। स्नैच में 90 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 120 किग्रा करने का लक्ष्य है। मुझे उम्मीद है कि अप्रैल में कज़ाकिस्तान में एशियाई चैंपियनशिप (2020 ओलंपिक क्वालीफाइंग इवेंट) में मैं इसे हासिल करने में कामयाब रहूँगीं।”