साऊथ एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेगीं मीराबाई और जेरेमी

काठमांडू में होने वाली प्रतियोगिता से ओलंपिक मान्यता छीन ली गई और इस वजह से भारतीय वेटलिफ्टरों ने अपना नाम वापस लिया।  

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय वेटलिफ्टिंग के दो जाने माने सितारे सैखोम मीराबाई चानू और जेरेमी लालरिनुंगा की नज़र है 2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने की। कहते है ना कि बड़े मकाम हासिल करने के पथ पर बाधाओं का आना लाज़मी है। मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुजब इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरशन (आईडब्लूएलएफ) ने दोनों ही खिलाड़ियों को नेपाल में होने जा रहे 2019 साऊथ एशियन गेम्स के में भाग न लेने को कहा। यह प्रतियोगिता दिसंबर 1 से खेली जानी है।

हम आपको बता दें कि इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरशन (आईडब्लूएफ) ने 2019 साऊथ एशियन गेम्स से ओलंपिक क्वालिफिकेशन की मान्यता हटा दी है और यही वजह है कि इन दोनों भारतीय खिलाड़ियों का इस प्रतियोगिता में हिस्सा न लेना तय है।

न्यूज़ रिपोर्ट्स की मानें तो बहुत से देशों के खिलाड़ी वर्ल्ड गवर्निंग काउंसिल को अपना सही ठिकाना बताने में नाकाम रहे और इसी वजह से आईडब्लूएफ ने काठमांडू में होने जा रही प्रतियोगिता से ओलंपिक स्टेटस जैसी बड़ी मान्यता वापस लेली है। फेडरेशन के नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय संगठनों को प्रतियोगिता से दो महीने पहले हर खिलाड़ी का विवरण कर पूर्ती करनी पड़ती है और ऐसा न होने पर फेडरेशन ने यह बड़ा कदम उठाया। नियम को संक्षेप में समझा दें कि अगर राष्ट्रीय संगठन किसी भी वजह से खिलाड़ियों का विवरण करने में नाकाम होते हैं तो यह एंटी-डोपिंग नियम के तहत गलत माना जाता है। 

भारतीय कोच विजय शर्मा ने समाचार वेबसाइट, Scroll.in से बात करते हुए बताया कि “हम इस परेशानी की उम्मीद लगा रहे थे और दोहा में होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए हमने पहले से ही अर्ज़ी डाल दी है। यह सब मुश्किलात हमारे टोक्यो 2020 में क्वालिफाई करने में बाधा नहीं डाल पाएंगी। 

चानू और लालरिनुंगा अब इंटरनेशनल कप में खेलती दिखाई देंगी। यह प्रतियोगिता 19 से 24 दिसंबर तक दोहा में खेली जाएगी और इसके परिणामों का असर टोक्यो 2020 के क्वालिफिकेशन पर ज़रूर पड़ेगा। दोनों ही भारतीय खिलाड़ी इसमें उम्दा प्रदर्शन कर 2020 ओलंपिक गेम्स के एक कदम और नज़दीक आना चाहेंगी।

इस प्रतियोगिता में प्रत्येक खिलाड़ी 6 इवेंट में भाग लेगें और अंत में उसके शेष 4 परिणामों पर गौर किया जाएगा। यह इवेंट 18 महीनों तक चलेगा और हर देश का खिलाड़ी इसके द्वारा टोक्यो 2020 के करीब पहुंचना चाहेगा।