मुंबई मैराथन में अविनाश साबले और सुधा सिंह पर होंगी सभी की नज़रें

दुनिया की सबसे बड़ी सामूहिक भागीदारी वाले खेलों में से एक मुंबई मैराथन का पुरस्कार 420,000 डॉलर है।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

दुनिया की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक मुंबई मैराथन 2020 इस जनवरी की 19 तारीख को आयोजित की जाएगी, जिसमें 3000 मीटर स्टीपलचेज़ धावक अविनाश साबले आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगे। साबले उस वक्त सुर्खियों में आए जब वह 1952 के बाद पिछले साल अपने खेल में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक ने 8:22.00 के ओलंपिक क्वालिफाइंग मानक को तोड़ने के लिए 8 मिनट 21.37 सेकंड का समय लिया था और इस दौरान वह 8:25.23 के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ को तोड़ने में भी कामयाब रहे। विश्व एथलेटिक्स (आईएएएफ) गोल्ड लेबल रोड रेस में 2019 में उपविजेता रहे शंकर मान थापा से अविनाश साबले का मुकाबला होगा।

फुल-मैराथन के शीर्ष धावकों की सूची

पिछले संस्करण से पूर्ण मैराथन के विजेता केन्या के कॉस्मास लगात और इथियोपिया के वर्कनेश अलेमु अगले रविवार को फिर से प्रतिस्पर्धा करेंगे। पुरुष और महिला एकल मैराथन स्पर्धा में विजेताओं को रिकॉर्ड के लिए 15,000 डॉलर के बोनस के अलावा जीतने वाले प्रत्येक धावक को 45,000 डॉलर की इनाम राशि दी जाएगी।

2019 में कॉस्मास लगात ने रेस को 2:09:15 समय में जीतने के लिए लगभग 29 किलोमीटर की दूरी में ही सभी को पीछे छोड़ दिया था। यह 2016 में गिदोन किपकेटर के बनाए गए रिकॉर्ड से सिर्फ 40 सेकेंड पीछे था। वहीं, पिछले साल फुल-मैराथन में वर्कनेश अलेमु का 2:25:45 का समय भी महिला वर्ग में मुंबई मैराथन के इतिहास में दूसरा सबसे तेज गति का रिकॉर्ड रहा।

भारत के फुल-मैराथन प्रतिभागियों में सेना के श्रीनू बुगाथा, रशमल सिंह, राहुल पाल और कई अन्य नाम शामिल हैं। श्रीनू बुगाथा ने पिछले साल दिल्ली हाफ मैराथन और कोलकाता 25 किलोमीटर जीता था, जबकि राशमल सिंह 2019 काठमांडू दक्षिण एशियाई खेलों में राहुल पाल के साथ रजत पदक विजेता थे, जिन्होंने पुणे अंतरराष्ट्रीय मैराथन 2019 भी जीता था।

महिला धावकों में हुई वृद्धि

मुंबई मैराथन में धावकों की संख्या में इस वर्ष बड़ी वृद्धि हुई है। सिर्फ महिला प्रतिभागियों में 35 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। भारत की ओर से फुल-मैराथन इवेंट में ओलंपियन और अर्जुन अवार्ड धारक सुधा सिंह साल 2016, 2018 और 2019 में विजेता रही हैं, इस वाल वह हैट्रिक की तलाश में दौड़ लगाएंगी। हालांकि, उन्हें 2017 की मुंबई मैराथन विजेता ज्योति गवटे से कड़ी चुनौती मिल सकती है।

भारत की महिलाओं की हाफ-मैराथन सूची में 2019 की मुंबई मैराथन उपविजेता और 2018 संस्करण की विजेता मोनिका अथारे के साथ दिग्गज स्वाति गढ़वे भी शामिल हैं।

मुंबई मैराथन के 17 वें संस्करण में फुल मैराथन में 9,660 धावक, हाफ मैराथन में 15,260, ड्रीम रन में 19,707, सीनियर सिटीजन रन में 8,032 और विकलांगता श्रेणी में 1,596 धावक दौड़ लगाते हुए नज़र आएंगे।