एथलेटिक्स

डेरारा हरिसा ने मुंबई मैराथन में बाज़ी मारी 

इथियोपिया के 23 वर्षीय धावक डेरारा हरिसा ने 2:08:09 के समय द्वारा एक नए कोर्स रिकॉर्ड के साथ मुंबई मैराथन 2020 का खिताब अपने नाम किया।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

मुंबई में सुबह हलके ठंड वातावरण में दुनिया भर के धावक मुंबई मैराथन 2020 में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। इथियोपियाई धावक डेरारा हुरिसा ने मुंबई मैराथन 2020 संस्करण को अपने नाम तो किया ही साथ ही उन्होंने एक नया कोर्स रिकॉर्ड़ भी बनाया। 

इथियोपिया के इस धावक ने साल 2016 में केन्या के धावक गिडियोन किपकेटर के 2:08:35 से कम समय में रेस को पूरा करते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस जीत के बाद डेरारा हरिसा को 60,000 यूएस डॉलर (45,000 जीत के लिए + 15,000 कोर्स रिकॉर्ड के लिए) का कुल नकद पुरस्कार दिया गया। जीत के प्रबल दावेदार एले अबशेरो ने 2:08:20 का समय निकालकर रजत पदक जीता, जबकि तशोम बिरहानू ने 2:08:26 का समय निकालकर कांस्य पदक तो जीता ही साथ ही पोडियम पर इथियोपिया का कब्जा सुनिश्चित कर दिया।

इथियोपिया के 23 वर्षीय धावक डेरारा हरिसा ने 2:08:09 के बेहतरीन समय की बदौलत जीत हासिल की। फोटो क्रेडिट: TMM मीडिया  

इथियोपिया की ही अमान बेरीसो ने महिलाओं की वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया, अमान ने रेस को पूरा करने के लिए 2:24:51 का समय निकाला और मुंबई मैराथन के गोल्ड पर अपने देश की मुहर लगा दी। केन्या की रोडाह जेपकोरिर ने 2:27:14 का समय निकालकर रजत पदक जीता, जबकि इथियोपिया के हेवेन हैलु ने 2:28:56 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता।

धावक की दहाड़

मुंबई की सड़क पर दौड़ने के लिए मौसम भी अनुकूल था, यही वजह है कि इस कोर्स पर अधिक संख्या में धावक दौड़ते नज़र आए। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कुछ धावकों ने मुंबई मैराथन में शानदार दौड़ दौड़ी।

प्रारंभिक पेससेटर फ्रेडरिक किप्टू और जॉन लैंगट ने इस दौड़ का नेतृत्व किया, पहले मरीन ड्राइव की ओर दौड़े फिर वहां से हाजी अली की ओर 10 किलोमीटर की दूरी को केवल 30 मिनट, एक सेकंड में पूरा किया।

जबकि अधिकांश झुंड में दौड़ने वाले धावक तेज गति से दौड़ रहे धावकों को देखकर आनंद ले रहे थे, डिफेंडिंग चैंपियन कॉस्मास लैगाट को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण जल्द ही रेस से बाहर होना पड़ा, जब लगभग 13 किलोमीटर की दौड़ बची हुई थी।

राजीव गांधी सागर लिंक की ओर बढ़ रहे एथलिट आसानी से आगे बढ़ रहे थे, उच्च स्तर के धावकों ने 1:00:35 में 20 किलोमीटर का सफर तय कर लिया था। दूसरी ओर अपनी लय में दौड़ रहे अबशेरो और डेरारा हरिसा धीरे धीरे लक्ष्य की ओर बढ़ रहे थे।

अंतिम कोशिश

30 किलोमीटर तक की दूरी को युगांडा के जैक्सन किप्रॉप और इयोथोपिया के बिरहानू ने एक साफ पूरी की, इसके बाद दोनों अपनी अपनी लय में दौड़ने लगे। जब एथलीटों को पता चला की जीत के लिए कुछ ही दूरी रह गदई है तब उन्होंने अपनी शैली के अनुसार दौड़ना शुरू कर दिया।

दौड़ के बाद अबशेरो ने कहा कि 30 किलोमीटर तक मुझे लगा कि यहां एक रिकॉर्ड बनाया जा सकता है और मैंने बिरहानू से इस बारे में बाताया। भले ही मैं इस रेस को नहीं जीत सका लेकिन मुझे खुशी है कि मैं अपने पिछले रिकॉर्ड को सुधारने में कामयाब रहा।

रिटर्न लेग में एक खाली कैरिज-वे पर दौड़ते हुए, रेस के अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों ने काफी आगे निकलने की कोशिश की।

38 किलोमीटर के सफर को एक घंटे और 55 सेकेंड में पूरी करने के बाद डेरारा हरिसा ने बाकी धावकों को पीछे छोड़ने के लिए अपना गियर बदला। इसके बाद 23 वर्षीय इस धावक ने अपनी पहली मैराथन दौड़ में पीछे मुड़कर नहीं देखा और स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया।

अमन बेरीसो - एक दिग्गज धावक

इस बीच महिलाओं की हाफ मैराथन में अमान बेरीसो ने आसानी से जीत हासिल की, पहले ही वो झूंड से अलग होकर आगे निकल गई, जिसके बाद सिर्फ उन्हें समय को बचाने के लिए दौड़ना था।

हाफ मैराथन में महिला वर्ग की पुर्व चैंपियन वर्कनेश अलेमु 31 किलोमीटर के आसपास प्लॉंडरिंग राउंड के बाद वो आगे नहीं बढ़ सकी और रेस पूरी कर पाईं। अमेन बेरीसो को किसी कारण परेशानी हुई, नहीं तो वो रेस जीतने के इरादे से सबसे आगे चल रही थीं।

यह इथियोपियाई एथलीट कोर्स रिकॉर्ड बना सकती थीं, लेकिन अंतिम 200 मीटर में उनके पैरों ने उनकी सहायता नहीं की और रिकॉर्ड अगले साल तक के लिए बरकरार रहा।

दौड़ के बाद बरीसो ने कहा कि “मैं 32-33 किलोमीटर के बाद थक गई थी, लेकिन मैं अपनी लीड को खोना भी नहीं चाहती थी। मेरे पेसमेकर ने मुझे धक्का दिया। एक रिकॉर्ड बन सकता था, लेकिन मैं अंतिम कुछ मीटर में अच्छा नहीं दौड़ पाई। मुझे लगता है कि एक साल के लंबे ब्रेक लेने की वजह से ऐसा हुआ।"

श्रीनू बुगाथा, सुधा सिंह ने हासिल की जीत।

भारतीय धावको में श्रीनू बुगाथा और सुधा सिंह ने क्रमश पुरुषों और महिलाओं की दौड़ जीतने में कामयाब रहे।

पुणे में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग करने वाले बुगाथा ने 2:18:44 का समय निकाला।