मुनीता प्रजापति ने तोड़ा रेशमा पटेल का रिकॉर्ड, 10000 मीटर रेस वॉक में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड  

मुनीता क्लॉक सब-48 मार्क करने वाली पहली अंडर-20 महिला रेस वॉकर बनी

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

गुवाहाटी के सरूसुजाई स्टेडियम में चल रही 36वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मंगलवार को मुनीता प्रजापति (Munita Prajapati) ने अंडर-20 महिलाओं की 10000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा में एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। 

एथलीट ने 47 मिनट 53.58 सेकंड में स्पर्धा खत्म करते हुए रेशमा पटेल द्वारा बनाये 48:25:90 के रिकॉर्ड को तोड़ा। इस समय के साथ वह 48 मिनट से कम समय में स्पर्धा पूरी करने वाली अंडर-20 में पहली भारतीय महिला रेस वॉकर बन गई। 

वाराणसी की 19 वर्षीय इस खिलाड़ी ने पिछले महीने भोपाल में आयोजित फेडरेशन कप अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इसी स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया था। इस टूर्नामेंट में पटेल ने स्वर्ण पदक जीता था। 

मुनीता के पिता उत्तर प्रदेश के सहवाजपुर बादाहिनी खुर्द जिले में निर्माण कार्य में मजदूरी का काम करते हैं। उन्होंने अपनी बड़ी बहन के कहने के बाद एथलेटिक्स में रूचि लेना शुरू किया। 

मुनीता ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "मेरी बहन एथलीट नहीं थी, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि केवल एक यही रास्ता है जिससे मैं गांव से बाहर निकल कर कुछ कर सकती हूं। मैं ये भी जानती थी कि अपने परिवार की मुश्किलों को खत्म करने के लिए मुझे कुछ करना होगा। मेरे माता-पिता ने मेरे लिए बहुत कुछ त्याग किया है। इसलिए अब मेरा सपना है कि मैं उनको बेहतर भविष्य दे सकूं।"

उसने पिछले रेस वॉकिंग नेशनल्स में निर्धारित 50:30 सेकंड के कट ऑफ के भीतर सिर्फ एक सेकंड पहले स्पर्धा पूरी कर अगस्त 2021 में नैरोबी में आयोजित होने वाले विश्व जूनियर्स के लिए स्थान पक्का किया है। 

2017 में उसने भोपाल में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में हुए ट्रायल में भाग लिया और चयनित भी हो गई। इसके बाद उसने घरेलू सर्किट में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत उसने खेलो इंडिया छात्रवृत्ति भी हासिल की है। 

5000 मीटर रेस वॉक श्रेणी में उसने नवंबर, 2019 में मंगलगिरी में 24:32:30 का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। 

वहीं, ऊंची कूद में ख्याति माथुर ने 1.77 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाते हुए अंडर-18 के हाई जंप इवेंट में स्वर्ण पदक अर्जित किया। घुटने की चोट के बाद वापसी में ऐसा प्रदर्शन प्रभावशाली था। 

वह नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में प्रशिक्षण ले रही थीं। मध्य प्रदेश में उसने खूब वाह-वाही बटोरी और अंडर-16 श्रेणी में अपने प्रदर्शन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया था।