डोपिंग पर एथलीटों को शिक्षित करने के लिए भारत ने उठाया पहला डिजिटल क़दम

नाडा इंडिया द्वारा लॉन्च किए गए इस नए ऐप का उद्देश्य एथलीटों को प्रतिबंधित पदार्थों और डोपिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना है।

भारत की राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (NADA) ने खेलों को डोपमुक्त बनाने के अपने प्रयास के चलते मंगलवार को अपना पहला डिजिटल मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। यह ऐप खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं और उनके इस्तेमाल से बचने की पूरी जानकारी देगा। सीधे शब्दों में कहें तो यह डिजिटल पहल नाडा और खिलाड़ियों के बीच में सेतु का काम करेगी।

इस मौके पर भारत के यूथ अफेयर्स और स्पोर्ट्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा, "यह भारतीय खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि हम खेलों को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह उस दिशा में पहला कदम है जो एथलीटों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें सही जानकारी प्रदान करेगा।”

"इस एप्लिकेशन के साथ एथलीट खुद ही प्रतिबंधित पदार्थों की सूची की जांच कर सकते हैं और ऐसे में उन्हें सहायता के लिए किसी और पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।"

किरेन रिजिजू फोटो: खेलो इंडिया
किरेन रिजिजू फोटो: खेलो इंडियाकिरेन रिजिजू फोटो: खेलो इंडिया

नाडा इंडिया ऐप वर्तमान में केवल एंड्राइड उपकरणों के लिए गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड करें। इसके साथ ही यह उपयोगकर्ताओं को इस बारे में सूचित करता है कि क्या निर्धारित दवा में कोई ऐसा पदार्थ है जो NADA द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो कोचों को दवाओं का फैसला करने में मदद करेगी, जो एथलीट अस्वस्थ होने की स्थिति में इस्तेमाल करते हैं।

इस ऐप का मुख्य उद्देश्य एथलीटों को प्रतिबंधित पदार्थों के बारे में बेहतर जानकारी देना है, इसमें खेल के विभिन्न पहलुओं पर आसान और सुलभ जानकारी देना शामिल है। इसका उद्देश्य नाडा और एथलीटों के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना है।

एप्लिकेशन में डोपिंग नियंत्रण अधिकारियों को किसी एथलीट की उपलब्धता के अनुसार परीक्षण शेड्यूल करने की सुविधा उपलब्ध है, इससे प्रक्रिया आसान और तेज़ हो सकेगी।

इसके अलावा यह ऐप एथलीटों को जानकारी देने के साथ ही डोपिंग मामलों की पहचान करने की प्रक्रिया को तेज करने में एंटी-डोपिंग बॉडी की भी सहायता करेगा।

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