पहलवान नरसिंह यादव बेलग्रेड में अपनी छाप छोड़ते हुए टोक्यों में जगह करेंगे पक्की 

चार साल के प्रतिबंध के बाद नरसिंह यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर वापसी

लेखक Dinesh Chand Sharma ·

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा सर्बिया में चल रहे इंडिविजुअल वर्ल्ड कप की फ्रीस्टाइल स्पर्धाएं बुधवार 16 दिसंबर से शुरू होंगी। इसके लिए भारतीय फ्रीस्टाइल कुश्ती दल सोमवार को बेलग्रेड के लिए रवाना हो गए।

बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट जैसे कई शीर्ष भारतीय पहलवानों ने इस आयोजन को छोड़ दिया है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, जॉर्जिया, कजाकिस्तान और क्यूबा जैसे देश कोरोना महामारी के कारण अपने पहलवानों को इसमें नहीं भेज रहे।

लेकिन यह टूर्नामेंट नरसिंह यादव को पसंद है। इसलिए 31 वर्षीय यादव 74 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भाग लेने के लिए तैयार हैं, क्योंकि इस श्रेणी में ओलंपिक कोटा हासिल करने के लिए उनके पास कोई और तरीका नहीं है।

2019 विश्व चैम्पियनशिप में जितेन्द्र कुमार के बेहतर प्रदर्शन करने में विफल रहने के बाद भारत को इस श्रेणी में जगह बनाना अभी बाकी है।

जीत हासिल करने के बाद दर्शकों का अभिवादन करते पहलवान बजरंग पूनिया

जितेन्द्र और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार पेकिंग क्रम में यादव से बहुत आगे हैं लेकिन इसके बावजूद 2015 विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता यादव हार नहीं मान रहे।

यादव चार साल के प्रतिबंध के बाद अंतर्राष्ट्रीय मंच पर वापसी कर रहे हैं कहते हैं। इंडिविजुअल विश्व कप उनके लिए एक बड़ा मौका है और उन्हें यह समझने में मदद करेगा कि वो इस प्रतियोगिता में दूसरे खिलाडियों से कैसे मेल खाते हैं।

नरसिंह यादव ने बताया कि “मैं बिल्कुल भी चिंतित नहीं हूं। कुछ भी हो मुझे फिर से प्रतिस्पर्धा कर खुद को परखने का मौका मिल रहा है और इस बात की मुझे वास्तव में बहुत खुशी है। सर्वश्रेष्ठ पहलवानों के खिलाफ खुद को आजमाने से बडी कोई बात नहीं हो सकती।” यादव को अपने कौशल और क्षमता पर पूर्ण विश्वास है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि अच्छा प्रदर्शन टोक्यो ओलंपिक में क्वालीफाई करने में मददगार साबित होगा।

उन्होंने कहा कि “मुझे लगता है कि कई सालों तक प्रतिस्पर्धा नहीं करने के बाद भी मेरे अंदर कुछ नहीं बदला है। इसलिए मैं केवल प्रतिस्पर्धा पर ही ध्यान दे रहा हूं। हालांकि मैं यह जरूर जानता हूं कि अगर मैंने इस प्रतिस्पर्धा में बेहतर परिणाम दिया तो इससे मुझे आगे बढने का मौका मिलेगा (टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद)। इसलिए यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है।”

खेल के मैदान में उनकी वापसी बिना नाटकीय घटनाक्रम के नहीं हुई। विश्व कप के लिए टीम में शामिल किए जाने के बाद उनका कोरोना टेस्ट पॉजीटिव आ गया। गनीमत रही कि पिछले शुक्रवार को दोबारा किया गया कोरोना टेस्ट नेगेटिव आ गया।

उन्होंने खुलासा किया कि “मैं केवल थोड़ा अस्वस्थ था। मैं पहले भी कई बार गंभीर बीमारियों और चोटों से उबरा हूं। उस दिन भी मैं प्रशिक्षण ले रहा था जिस दिन मैंने टेस्ट कराया था। क्योंकि मुझे कुछ ऐसे लक्षण नजर आए जिस कारण कोरोना टेस्ट कराना पड़ा। कोरोना टेस्ट पॉजीटिव आने के तीन दिन बाद फिर परिक्षण कराया जो नेगेटिव आया। अब मैं पूरी तरह स्वस्थ्य हूं और वापस प्रशिक्षण ले रहा हूं।”