नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप: उन्नाथी अयप्पा ने 80 मीटर बाधा दौड में तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड

एथलीट ने 300 मीटर बाधा दौड़ में भी बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

गुवाहाटी में आयोजित हुई 36वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्नाथी अयप्पा (Unnathi Aiyappa) ने अंडर—16 बालिका वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किए।

राष्ट्रीय खेलों में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्नाथी ने 80 मीटर बाधा दौड़ 11.50 सेकंड में पूरी कर 1979 में प्रसिद्ध धावक पीटी उषा (P.T. Usha) द्वारा 12.2 सेकंड के साथ बनाये राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा। हालांकि, 1985 में एएन रेखा (A.N. Rekha) ने उषा के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी, लेकिन अयप्पा ने 12 सेकंड से पहले ही स्पर्धा पूरी कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज किया।

300 मीटर बाधा दौड़ को 40.11 सेकंड में पूरा करके उन्होंने एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। पश्चिम बंगाल की सौमिता पॉल (40.15 सेकेंड) और उत्तर प्रदेश की रोशानी यादव (40.94 सेकेंड) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।

उन्नाथी प्रमिला अयप्पा और बी.पी. अयप्पा की बेटी हैं। उनकी मां पूर्व हेप्टाथलीट और पिता 400 मीटर धावक रहे हैं। उनकी मां प्रमिला ने 2010 में गुआनझो में हुए एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।

छोटी उम्र से ही वह मां के साथ बेंगलुरु के कांटेरावा स्टेडियम में रहती थी, जो वर्तमान में भी उनका अड्डा है। वह अपने पिता के अधीन ही प्रशिक्षण ले रही हैं, जो राष्ट्रीय एथलेटिक कोच हैं।

उन्होंने 2018 में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में अंडर-14 वर्ग की लंबी कूद में स्वर्ण पदक पर भी कब्जा जमाया था।

पदक जीतने के बाद उन्नाथी अयप्पा

वहीं, पावना नागराज (Pavana Nagraj) ने अंडर—16 हाई जंप और यशवंत कुमार (Yashwant Kumar) ने अंडर—20 110 मीटर बाधा दौड़ में शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। दोनों को अपने-अपने आयु वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

अंडर—20 की लंबी कूद में जेसविन एल्ड्रिन (Jeswin Aldrin) ने स्वर्ण पदक जीता। जबकि, प्रवीण चित्रावेल (Praveen Chithravel) और रोहित यादव (Rohit Yadav) ने क्रमशः अंडर—20 ट्रिपल जंप और अंडर—20 भाला फेंक में पहला स्थान हासिल किया। 

इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) की 10 सदस्यीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट में नौ पदक (7 स्वर्ण, 1 रजत, 1 कांस्य) हासिल किये। 

IIS के हैड कोच याइच ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "ग्रुप के लिए यह मीट महत्वपूर्ण थी। क्योंकि, एक साल के अंदर पहली बार उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला।" 

उन्होंने आगे कहा, "मैं खुश हूं, क्योंकि यह हमारे एथलीटों के लिए एक अच्छी शुरुआत थी और कुछ प्रदर्शन वास्तव में उच्च स्तर के थे। मैं उम्मीद करता हूं कि आगामी मीटों में, वे मौजूदा अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार करते हुए और बेहतर करेंगे।"