नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में फोगाट, मलिक ने जीता गोल्ड 

नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में फोगाट और मलिक ने गोल्ड मेडल जीता और वहीं अनीता श्योराण ने खेल पलटा। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

जालंधर में चल रही नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के पहले दिन भारतीय पुरुष पहलवानों ने जमकर नाम कमाया और दूसरे दिन बारी थी भारतीय महिला पहलवानों की सुर्खियां बटोरने की। भारत की ओर से विनेश फोगाट (55 किग्रा), दिव्या काकरण (68 किग्रा) और साक्षी मलिक (62 किग्रा) खेलती नज़र आईं। 

विनेश और मलिक ने अपने-अपने वर्ग में गोल्ड मेडल जीता और भारतीय खेल प्रेमियों की झोली खुशियों से भर दी। वहीं दूसरी तरफ काकरण को फाइनल में हार झेलनी पड़ी। इतना ही नहीं भारत की किरण बिश्नोई (72 किग्रा) और शीतल तोमर (55 किग्रा) भी जीत कर पोडियम का हिस्सा बनीं।

फोगाट का बेहतरीन प्रदर्शन

फोगाट की जीत का फासला लंबा करती नज़र आयीं हरियाण की युवा पहलवान अंजू। शुरुआत में अंजू ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए फोगाट पर हमला बोला। अंजू के जोश और तकनीक से कॉमनवेल्थ गेम्स की चैंपियन फोगाट को अलग सोचने पर मजबूर किया। पहले राउंड के बाद कोहनी में लगी चोट के कारण फोगाट को चिकित्सीय प्रक्रिया से गुज़ारना पड़ा।

दूसरे राउंड में फोगाट ने अपने तजुर्बे का उपयोग कर पलट वार किया और अंक बटोरें। हालांकि अंजू के प्रयास जारी थे और वह फोगाट की लातों पर लगातार वार करने में दतीं रहीं। 2019 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ जीत चुकीं फोगाट ने फाइनल राउंड में 7-3 से जीत हासिल की और गोल्ड मेडल पर अपना कब्ज़ा जमाया।

मलिक ने झपटा मौका

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में मेडल जीतने के बाद साक्षी मलिक का करियर कठिनायिओं भरा रहा। नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप मलिक के लिए एक बेहतरीन मौके के तौर पर आया और उन्होंने इसका जमकर फायदा उठाया। फाइनल मुकाबले में मलिक के सामने हरियाणा की राधिका थीं और इन दोनों के बीच मुकाबले देखते ही बना। दोनों ही पहलवानों के जोश के बजाए तकनीक पर भरोसा जताया और इसी वजह से इस मुकाबले का रोमांच भी बढ़ गया। 

साक्षी की कोशोश राधिका की टांग पर हमला करने की थी लेकिन वे इसमें लगातार असफल हो रहीं थीं। फाइनल मुकाबले से ठीक पहले साक्षी और उनके कोच के बीच बातचीत हुई और जिसका असर उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा। मौका पाते ही साक्षी ने टेकडाउन के ज़रिए 4-2 के अंतर से जीत हासिल की। 2020 ओलंपिक गेम्स से पहले साक्षी के लिए यह जीत बेहद ख़ास है क्योंकि इससे उनके मनोबल पर काफी असर पड़ेगा। 

श्योराण ने पलटी बाज़ी

अब बारी थी दिव्या काकरण और अनीता श्योराण के मुकाबले का। काकरण जो कि बेहद सफल सीज़न से गुज़र रहीं हैं वह इस मुकाबले को जीतने के लिए फेवरिट थीं। वहीं 2010 कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल जीत चुंकि श्योराण का मनोबल भी सातवें आसमान पर था। इस धमाकेदार मुकाबले में श्योराण विजेता रहीं और वनेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहीं।

फाइनल दिन

नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के तीसरे यानि आखिरी दिन मेंस ग्रीको-रोमन स्टाइल में खेला जाएगा। साजन भनवाल (77 किग्रा) में खेलते दिखाई देंगे।

प्रतियोगिता की लाइव स्ट्रीमिंग www.wrestlingtv.in पर देखि जा सकती है।