राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप: प्रतिस्पर्धी वापसी से टोक्यो ओलंपिक की उम्मीदों में खुशी  

कोरोना महामारी के बाद पहली बार करीब 250 भारतीय पहलवान करेंगे प्रतिस्पर्धा 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

टोक्यो ओलम्पिक में कोटा हासिल करने की होड में शामिल भारतीय पहलवान रविवार को 65वीं सीनियर मेंस फ्री रेसलिंग चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करने के लिए नोएडा के नवनिर्मित इंडोर स्टेडियम में उतरे।

कोरोना महामारी के बाद पहली बार हो रही कुश्ती चैंपियनशिप में करीब 250 पहलवानों को शामिल किया गया है। इनमें 97 किग्रा भारवर्ग में ओलंपिक कोटे के लिए शीर्ष दावेदार राष्ट्रीय चैंपियन सत्यव्रत कादियान (Satyawart Kadian) भी शामिल हैं।

एक साल तक मुकाबलों से दूर रहने के बावजूद कादियान ने धमाकेदार वापसी करते हुए अपने राष्ट्रीय खिताब का बचाव किया। उन्होंने फाइनल में बिना पसीना बहाए मोनू (सर्विसेज) को आसानी से मात दी।

कादियान ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, “आंतरिक प्रतियोगिता शुरू करना बहुत जरूरी था। पिछले एक साल के दौरान न तो हमारी कोई योजना थी और न कोई लक्ष्य।”

उन्होंने कहा, “पहलवान बहुत मुश्किल दौर से गुजरे हैं। विभिन्न स्थानों पर प्रतिबंधों के कारण हम प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे थे। केवल उनके कुछ साथी अखाड़ों (कुश्ती मैदान) में व्यक्तिगत प्रशिक्षण ले पा रहे थे। अब हमने पूर्ण प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।”

कादियान ने सर्बिया में हुए विश्व कप में भारत के खराब प्रदर्शन को भी उजागर किया, क्योंकि इसमें भारतीय पहलवान केवल एक पदक ही हासिल कर पाये थे।

मुकाबले में दाव लगाते नेशनल चैंपियन सत्यव्रत कादियान 

उन्होंने कहा, “विश्व कप को लेकर सभी देश अच्छी तैयारी के साथ उतरे थे। क्वारैंटाइन अवधि ने प्रशिक्षण शिविरों को काफी मुश्किल बना दिया। आपको बस एक कमरे में बंद रहना था। इस दौरान आप प्रशिक्षण भी नहीं ले सकते। टीका आने से राहत मिली है। इसलिए अब इन नियमों को भी खत्म कर दिया जाना चाहिए।”

वहीं, 79 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाले प्रदीप ने कहा कि वह ओलंपिक में कोटा हासिल करने के लिए 74 किलोग्राम में शिफ्ट होना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “ओलंपिक में स्थान पक्का करने के लक्ष्य को देखते हुए, मैं अपनी श्रेणी बदल कर 74 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करना चाहता हूं। इस प्रतियोगिता के बाद, मैं इसके लिए तैयार रहूंगा।”  

चार भारतीय पहलवानों- बजरंग पुनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया और विनेश फोगाट ने टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जबकि अन्य पहलवान अपना स्थान पक्का करने के लिए 29 अप्रैल से शुरू होने वाले विश्व ओलंपिक क्वालीफायर्स का इंतजार कर रहे हैं।