टोक्यो गेम्स के दौरान नीरज चोपड़ा परिवार और सोशल मीडिया से बनाएंगे दूरी

अगले साल टोक्यो में 22 वर्षीय नीरज चोपड़ा ओलंपिक में अपना डेब्यू करेंगे लेकिन वह इस दौरान परिवार और सोशल मीडिया से दूर रहेंगे ताकि उनका ध्यान न भटके।

भारतीय जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) अपने परिवार को उस समय स्टैंड्स में नहीं देखना चाहते जब वह अगले साल टोक्यो 2020 में मैदान में नज़र आएंगे। चोपड़ा का ये पहला ओलंपिक होगा और इस दौरान वह सोशल मीडिया को भी अलविदा कहने वाले हैं।

नीरज चोपड़ा को भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में से एक माना जा रहा है, लिहाज़ा जब ये 22 वर्षीय खिलाड़ी टोक्यो में होगा तो लाखों-करोड़ों भारतीय फ़ैंस की नज़रें उन्हीं पर होंगी।

युवा भारतीय जेवलिन थ्रोअर मानते हैं कि जब उनका परिवार स्टैंड्स में मौजूद रहेगा तो फिर उनपर दबाव भी ज़्यादा होगा और इससे उनकी एकाग्रता भी भंग हो सकती है।

फ़र्स्टपोस्ट के साथ बातचीत में नीरज ने कहा, ‘’मुझे लगता है कि अगर मैं अपने परिवार के सामने खेलता हूं तो मैं फ़िक्रमंद हो जाता हूं। यही वजह है कि मैंने कभी उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में आज तक नहीं बुलाया है।‘’

हो सकता है भविष्य में मेरी सोच बदले, लेकिन कम से कम अगले साल यानी ओलंपिक में ऐसा नहीं होगा। अगर मैं उन्हें ओलंपिक में ले जाता हूं, तो मुझे नहीं लगता कि इससे मुझपर कितना असर पड़ेगा।

टोक्यो ओलंपिक में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं चाहते हैं नीरज चोपड़ा
टोक्यो ओलंपिक में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं चाहते हैं नीरज चोपड़ाटोक्यो ओलंपिक में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं चाहते हैं नीरज चोपड़ा

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता ने ये भी बताया कि कैसे परिवार की मौजूदगी उन्हें मानसिक तौर पर भी प्रभावित करती है।

मैं थोड़ा असहज महसूस करता हूं जब मेरे परिवार का कोई सदस्य उस प्रतियोगिता को वहां लाइव देख रहा होता है। एक प्रतियोगिता के दौरान एथलीट बिल्कुल अलग इंसान होता है, क्योंकि उस समय आप अपनी नसों के दवाब को भी महसूस कर सकते हैं। लेकिन जब मैं घर पर होता हूं तो मेरी भावनाएं बिल्कुल अलग होती हैं।

नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के लिए 87.86 मीटर के थ्रो के साथ क्वालिफ़ाई किया है, जो उन्होंने इसी साल जनवरी में दक्षिण अफ़्रीका के एथलेटिक्स सेंट्रल नॉर्थ इस्ट मीटिंग के दौरान हासिल किया था।

सोशल मीडिया को भी अलविदा

नीरज चोपड़ा सोशल मीडिया पर काफ़ी सक्रिय रहते हैं, नई-नई तस्वीरें और अपडेट्स हमेशा करते रहते हैं। लेकिन प्रतियोगिता के कुछ दिन पहले और प्रतियोगिता के दौरान वह इससे दूरी बना लेते हैं।

2018 एशियन गेम्स में भी नीरज ने ऐसा ही किया था – ऐसा इवेंट जहां उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया था और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ डाला था।

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Training makes me happy :)

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सोशल मीडिया से दूर रहने की उनकी इस आदत पर नीरज ने कहा, ‘’लगातार सोशल मीडिया पर अपडेट देते रहना एक एथलीट के लिए अच्छा है। लेकिन मुझे लगता है कि जब आप पहली बार कुछ कर रहे होते हैं जैसे कि इस बार का ओलंपिक तब आपसे सभी लोग जुड़ना चाहते हैं।‘’

हर कोई कहना चाहता है कि स्वर्ण पदक लेकर लौटिए, इस तरह के कमेंट आपके ज़ेहन में घुस जाते हैं और इससे ग़ैर ज़रूरी दबाव बन जाता है। साथ ही साथ उस दौरान आप सबी का जवाब दें, ये मुमकिन भी नहीं। इसलिए मैं हमेशा प्रतियोगिताओं के दौरान अपने फ़ोन का इस्तेमाल कम से कम ही करता हूं।

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