नीरज चोपड़ा का नये साल में लिया अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड तोड़ने का संकल्प  

बेहतरीन भाला फेंक खिलाडी भुवनेश्वर में ओलंपिक की तैयारी में व्यस्त...

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

नीरज चोपड़ा आगामी टोक्यो ओलंपिक में एथलेटिक्स में भारत के लिए पदक की उम्मीद है। इस बडे आयोजन के लिए उन्होंने जनवरी, 2020 में दक्षिण अफ्रीका में हुई ACNC लीग में 87.86 मीटर पर भाला फेंक कर क्वालीफाई किया।

इस दौरान वो अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में भी नहीं थे। क्योंकि कोहनी में चोट के कारण वो 2019 में मैदान से बाहर रहे थे। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका में उनके प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया।

इसके बाद से यह एथलीट भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के लिए कडी मेहनत के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं।

2021 के लिए उन्होंने कुछ लक्ष्य तय किए हैं इनमें से एक है 90 मीटर की सीमा के बाहर भाला फेंकना।

उन्होंने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “2021 के लिए मैंने लक्ष्य निर्धारित किये हैं और इन्हें मैं चरणबद्ध तरीके से पूरा करना चाहता हूं। मेरा पहला लक्ष्य व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (88.06 मीटर) के रिकॉर्ड को तोड़कर फिर 90 मीटर के निशान से आगे निकलने का प्रयास होगा।”

प्रतियोगिता में भाला फेंकते नीरज चोपड़ा

कोरोना वायरस महामारी के कारण यह 23 वर्षीय एथलीट भी आगे की किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सके। इसने उनकी प्रगति को प्रभावित किया है लेकिन नेशनल कैंप के माध्यम से वह दृढ़ता के साथ दोबारा वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “महामारी के कारण मैंने पूरा साल बिना प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के गुजार दिया। शुक्र है कि हमें कम से कम राष्ट्रीय शिविर में खुद को तैयार करने का मौका मिला। मेरा प्रशिक्षण अब वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ रहा है। मैं 2021 में ओलंपिक पदक जीतने की उम्मीद कर रहा हूं।”

चोपड़ा भारत में सबसे ज्यादा अनुसरण किए जाने वाले एथलीटों में से हैं। उनके युवा कंधों पर देश की उम्मीदें टिकी हैं। इससे दबाव महसूस करने की बजाय वो इससे प्रेरणा लेने के साथ खुद के अंदर आत्मविश्वास को और मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा, "ओलंपिक में पदक जीतने के लिए देश ने मुझ पर विश्वास जताया है। यह मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली बात है।”

2018 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता को लगता है कि भारतीय भाला फेंक दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक और यूरोपीय समकक्षों के बराबर है।

"हमारा वर्तमान समूह देश का सबसे अच्छा है। हम दुनिया में नंबर 2 या नंबर 3 पर हैं। हमने जर्मनी, चीनी, ताइपे और चेक गणराज्य जैसे देशों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में चुनौती दी है।"

उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की भूमिका की सराहना की जो अभूतपूर्व तरीके से एथलीटों का सहयोग करती है। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों का सहयोग करने के लिए ओडिशा सरकार का भी उल्लेख किया।

"भारतीय खेल प्राधिकरण के माध्यम से खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग और एथलीटों को दिए गए सहयोग से बहुत बदलाव आया है। JSW, गो स्पोर्ट्स और कुछ अन्य कॉर्पोरेट घराने भी स्पांसर करने के लिए आगे आए हैं। यह बहुत ही सकारात्मक विकास है।

उन्होंने कहा, "ओडिशा (सरकार) ने विभिन्न खेलों का सहयोग करने के लिए बडा कदम उठाया है। यहां का बुनियादी ढांचा अंतरराष्ट्रीय मानकों का है और आवभगत भी शानदार है। व्यक्तिगत रूप से मैं यहां के स्टेडियम को पसंद करता हूं क्योंकि मैंने 2017 एशियाई चैंपियनशिप के दौरान एक नया रिकॉर्ड बनाया है।”

चोपड़ा ने यह भी संकेत दिया हैं कि वो अस्थायी तौर पर कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाना चाहते हैं। उन्होंने 2018 एशियाई खेलों के दौरान भी ऐसा ही किया था। इस जकार्ता में हुई इस प्रतियोगिता में खुद का रिकॉर्ड तोडकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता।

उन्हें उम्मीद है कि 2021 लाभकारी साल होगा।