टोक्यो का टिकट ले चुके नीरज चोपड़ा और शिवपाल सिंह कर रहे हैं ओलंपिक की तैयारी

भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में टोक्यो जाने वाले भारतीय जेवलिन थ्रोअर्स अगले साल होने वाले ओलंपिक गेम्स के लिए कर रहे हैं ट्रेनिंग।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

टोक्यो ओलंपिक में जगह बना चुके 5 भारतीय जेविलन थ्रोअर्स में एक नाम नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) और शिवपाल सिंह (Shivpal Singh) का भी शामिल है और यह दोनों ही एथलीट कलिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर, ओडिशा में ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा बने हुए हैं।

नीरज और शिवपाल के अलावा अंडर 18 नेशनल रिकॉर्ड धारक रोहित यादव (Rohit Yadav), राजिंदर सिंह (Rajinder Singh) और 2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली अनु रानी (Annu Rani) भी उस कैंप का हिस्सा हैं। यह 5 एथलीट कोच उवे हॉन (Uwe Hohn) के नेतृत्व में ट्रेनिंग करेंगे और साथ ही उन्हें डॉ क्लाउस बार्टोनिएट्ज़ (Dr Klaus Bartonietz) का साथ भी मिलेगा।

ग़ौरतलब है कि पहले यही ग्रुप नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स, पटियाला में अभ्यास कर रहा था। अब उत्तरी भारत में सर्दी के आ जाने से खिलाड़ियों को ओडिशा भेजा गया है ताकि वह अपने समय का ठीक से सदुपयोग कर सकें।

कैंप के बारे में बात करते हुए नीरज ने कहा “हम यहां ओलंपिक 2021 के लिए ट्रेनिंग कर रहे हैं। अपनी सही मेहनत के दम से हम ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।”

एथलेटिक्स सेंट्रल नार्थ ईस्ट (Athletics Central North East – ACNE), साउथ अफ्रीका के दौरान नीरज चोपड़ा ने 85 मीटर की थ्रो फेंक कर ओलंपिक में क्वालिफाई किया था और अब वह आगले साल के लिए परिश्रम करते नज़र आ रहे हैं।

इतना ही नहीं बल्कि इस युवा एथलीट ने 2017 एशियन एथलेटिक चैंपियनशिप (2017 Asian Athletic Championships) में गोल्ड मेडल पर अपने नाम की मुहर लगाई थी।

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए इस एथलीट ने कहा “2017 एशियन एथलेटिक चैंपियनशिप में मैंने यहीं पर गोल्ड जीता था और वह सुनहरी याद है।”

नीरज की तरह ही शिवपाल सिंह ने साउथ अफ्रीका में हुई प्रतियोगिता के ज़रिए टोक्यो का टिकट हासिल कर खुद को अव्वल खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया। ग़ौरतलब है कि उस स्पर्धा के दौरान शिवपाल सिंह ने 85.47 मीटर की बेहतरीन थ्रो फेंकी थी।

इतना ही नहीं बल्कि शिवपाल सिंह ने दोहा में हुई 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (2019 Asian Athletics Championships) में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (Athletics Federation of India – AFI) ने स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (Standard Operating Procedure – SOP) को भारी महत्व दिया है और उनका भी मानना है कि अगर खेल और खिलाड़ियों को कोरोना वायरस (COVID-19) से बचाना है तो इस सभी नियमों का पालन होना चाहिए।