टोक्यो ओलंपिक: निकोलाइ स्नेसारेव ने कोच के रूप में की वापसी, भारत के लंबी दूरी के धावकों को देंगे प्रशिक्षण

स्नेसारेव को टोक्यो ओलंपिक में है भारत के पदक हासिल करने की उम्मीद

लेखक भारत शर्मा ·

मध्य और लंबी दूरी के धावकों के कोच निकोलाइ स्नेसारेव भारत के लंबी दूरी के धावकों के कोच के रूप में वापसी की है और वह टोक्यो ओलंपिक के लिए धावकों को प्रशिक्षण देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

वह टोक्यो ओलंपिक में लंबी दूरी के इवेंट में भारत के पदक जीतने की उम्मीद कर रहे हैं। बेलारूसी कोच भारत के प्रमुख स्टीपलचेज़र अविनाश सेबल पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो पहले ही टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं।

स्नेसारेव भारतीय एथलीटों को लगभग दो साल पहले फरवरी 2019 तक कोचिंग दे रहा थे। उसके बाद उन्होंने कठिप परिस्थितियों में एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के साथ अपना करार समाप्त करने का फैसला किया था।

AFI ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से उन्हें फिर से कोच के रूप में नियुक्त करने के लिए मंजूरी मांगी थी। जिसके बाद SAI ने उन्हें अस्थाई तौर पर नियुक्ति देने की मंजूरी दे दी है।

AFI के अध्यक्ष एडिले सुमिरवाला ने ओलंपिक चैनल को बताया, "हां, स्नेसारेव सेबल सहित लंबी दूरी के अन्य धावकों को प्रशिक्षित करने के लिए वापस आएंगे। उन्हें कोच के रूप में नियुक्ति देने के लिए हमे पहले ही SAI से मंजूरी मिल चुकी है। उनके जल्द ही भारत के लिए उड़ान भरने की उम्मीद हैं, लेकिन वह विदेशी कर्मियों से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही कोचिंग शुरू कर पाएंगे।"

अभ्यास करते हुए स्टिपलचेज धावक अविनाश साबले 

स्नेसारेव को टोक्यो ओलंपिक की समाप्ति तक के लिए कोच के रूप में नियुक्त किया गया है।

स्नेसारेव के पहले कोचिंग छोड़ने के बाद सेबल काफी चर्चा का विषय रहे थे। 27 वर्षीय 3000 मीटर स्टीपलचेज़ पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने स्नेसारेव के स्थान पर अपने आर्मी कोच अमीश कुमार को वापस लाने का विकल्प चुना था। उसके बाद स्नेसारेव के अपने भारत के कार्यकाल को समाप्त करने के निर्णय किया था।

हालांकि, सेबल अब अनुभवी कोच के तहत प्रशिक्षण के लिए तैयार है, स्नेसारेव ने AFI के साथ अपने मतभेदों को दफनाने का फैसला किया है और जल्द ही भारत की लंबी दूरी के धावकों को प्रशिक्षित करने के लिए उड़ान भरेंगे।

सेबल ने 2019 में दोहा में एथलेटिक्स विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में 8:21.37 के समय के साथ टोक्यो 2020 में 3000 मीटर स्टीपलचेज के लिए क्वालीफाई किया था। इसमें उन्हें 13वां स्थान मिला था। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का कट-ऑफ समय 8:22.00 था।

अनुभवी कोच की कड़ी मेहनत करने वाले खिलाड़ी के रूप में प्रतिष्ठा है और उन्होंने भारत के कुछ बेहतरीन लंबी दूरी के धावक जैसे कि प्रीजा श्रीधरन, ओपी जैशा, सुधा सिंह और ललिता बब्बर को प्रशिक्षित किया है।