ओलंपिक एथलीटों के लिए बजट की नहीं आने दी जायेगी कमीः किरेन रिजिजू  

किरेन रिजिजू ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और अंतरराष्ट्रीय एथलीटों को कोच के रूप में नियुक्ति को दी हरी झंडी  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

टोक्यो जाने वाले एथलीट आगामी ओलंपिक में प्रभावशाली प्रदर्शन करने के लिए जोर-शोर से प्रशिक्षण में जुटे हुए हैं। उन्हें सहयोग करने के लिए खेल मंत्रालय मजबूती से उनके साथ खड़ा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भरोसा दिलाया है कि इन एथलीटों के प्रशिक्षण में बजट की कोई समस्या नहीं आयेगी।

रिजिजू ने ANI को बताया, "वर्तमान में महामारी की स्थिति के कारण हमारे बजट खर्च को लेकर कुछ प्रतिबंध हैं और वित्त मंत्रालय इस पर गौर कर रहा है। लेकिन, हम इस समस्या का एथलीटों के प्रशिक्षण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने देंगे। एथलीट विशेष रूप से ओलंपिक के लिए पूरे जोरों से प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसलिए एथलीटों के प्रशिक्षण को लेकर हमारे खेल विभाग के सामने बजट की कोई बाधा नहीं हैं।"

उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फ़ार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPR) के सहयोग से नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) द्वारा विकसित एंटी-डोपिंग के क्षेत्र में रासायनिक परीक्षण में उपयोग के लिए खोज करने वाली संदर्भ सामग्री भी लॉन्च की। इसका उपयोग सभी वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) द्वारा पूरे भारत में अधिकृत की गई प्रयोगशालाओं में किया जायेगा।

इसके बाद रिजिजू ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की 54वीं शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का प्रमुख मुद्दा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) का विकास था।

बैठक में NCOE का बुनियादी ढांचा केवल उच्चतम मानकों पर तैयार करने का निर्णय लेते हुए परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।

एथलीट को सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं का अनुभव कराने के लिए हॉस्टल, किचन और पूरा बुनियादी ढांचा तीन सितारा होटलों की तर्ज पर विकसित किया जायेगा। विभिन्न NCOE में खेल विज्ञान उपकरण और स्टाफ का जिम्मा एक विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपा जायेगा।

सभी NCOE के लिए फिजियोथेरेपी के नए उपकरण और फिजियोथेरेपिस्ट उपलब्ध कराये जाएंगे। हालांकि इसे पहले चरण में शामिल नहीं किया गया था।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह कार्य डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज और जवाहरलाल नेहरू कॉम्प्लेक्स में बने नए हॉस्टल में शुरू किया जाएगा।

भारत के केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू

SAI ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, "बैठक में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों को उच्चतम मानकों पर बनाने के सम्बंध में चर्चा हुई और मंजूरी दी गई। साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास और उन्नयन, छात्रावासों और रसोई घर के प्रबंधन की जिम्मेदारी एक विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से कराने पर भी सहमति बनी। देश भर में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में बुनियादी ढांचे के निर्माण, विकास और उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।

बजट का उपयोग खेल मैदान के सुधार और मौजूदा सुविधाओं को और उन्नत बनाने में भी किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में यह भी तय किया गया कि अंतरराष्ट्रीय एथलीटों और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को सीधे अनुबंध या प्रतिनियुक्ति पर कोच के विभिन्न पदों पर रखा जाएगा। यहां तक ​​कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) और सरकार में काम करने वाले कोचों को उनकी सेवाओं के लिए रखा जाएगा।

मंत्री रिजिजू ने कहा, "हमारे खिलाड़ी, हमारे राष्ट्र का गौरव हैं। ये निर्णय पूर्व की घोषणा के अनुरूप है, जो मैंने पहले प्रख्यात भारतीय कोच और पूर्व एथलीटों को SAI-NCOE में लाने के बारे में की थी।"

SAI कैंपस स्कूलों की स्थापना करना चाहता है ताकि प्रशिक्षु अपने पसंदीदा खेल-खेलने के साथ-साथ अपनी शिक्षा को भी जारी रख सकें।

बैठक में खेल सचिव रवि मितल, SAI के महानिदेशक संदीप प्रधान, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के महासचिव राजीव मेहता, भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय तैराक ख़जान सिंह ने भाग लिया।