पंघाल और कौशिक ने 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रचा इतिहास 

भारतीय मुक्केबाज़ों ने मेडल आश्वासित कर खेमे में दौड़ाई ख़ुशी की लहर

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय बॉक्सर अमित पंघाल और मनीष कौशिक ने येकातेरिनबर्ग, रशिया में चल रही मेंस 2019 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल आश्वस्त कर इतिहास रच दिया है। हालांकि भारत वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पहले 4 मेडल जीत चुका है लेकिन भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि इस प्रतियोगिता के एक संस्करण में भारत की झोली में एक से ज़्यादा मेडल आएंगे।  

पंघाल का पहला पदक 

एशियन गेम्स में विजयी रहे अमित पंघाल 52 किग्रो में खेलते हुए फिलिपींस के कार्लो पालम को 4-1 से मात देकर भारत के लिए मेडल आश्वस्त किया। इस 23 वर्षीय युवा बॉक्सर ने दूसरे और तीसरे राउंड में अपने प्रतिद्वंदी से कई कड़े सवाल पूछे जिनके जवाब उनके पास न थे। अब अमित का अगला मुकाबला सेमीफाइनल में लोकल बॉक्सर सकेन बिबोसिनोव से है और मौजूदा फॉर्म की बात की जाए तो अमित की जीत की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

कौशिक का कौशल बरकरार 

जहां एक तरफ अमित जीत के रथ पर सवार हैं, वहीं दूसरी तरफ कौशिक ने भी अपने प्रतिद्वंदी को पस्त किया। 63 किग्रो में खेलते हुए कौशिक ने ब्राज़ील के वांडर्सन डी ओलिवेरा को 5-0 से मात देकर मेडल पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर ली है। कौशिक का अगला मुकाबला टॉप रैंक वाले एंडी क्रूज़ गोमेज़ से सेमीफाइनल में होगा और यह भी देखना दिलचस्प होगा कि दोनों ही मुक्केबाजों की रणनीति क्या होती है।

संजीत से छीन ली जीत  

उज़्बेकिस्तान के सांज़हर टुरसुनोव से भिडंत में भारतीय बॉक्सर संजीत ने उम्दा खेल दिखाते हुए जीत अपने नाम की लेकिन 7वीं रैंक के खिलाड़ी जूलियो कैस्टिलो टॉरेस से हार का सामना करन पड़ा। संजीत का मेडल जीतने का सपना इस तरह चकना-चूर हुआ लेकिन अभी भी भारतीय दल में उम्मीदें बरकरार हैं।

भारतीय मुक्केबाज़ पर भारी पड़ा इंग्लिश मुक्केबाज़ 

5वें रैंक के कविंदर सिंह बिष्ट का मुकाबला 57 किग्रो वर्ग में इंग्लैंड के पीटर मैकग्रेल से हुआ। इस इंग्लिश खिलाड़ी के दांव-पेंच मानों तकनीक और फुर्ती से लैस थे और भारतीय कविंदर को इनका सामना करना भारी पड़ रहा था। यह हार भारतीय खेल प्रेमियों को खटकी ज़रूर लेकिन, इस समय अपने खिलाड़ियों का साथ जनता द्वारा देना बेहद ज़रूरी होता है।