पूजा ढांडा ने ओलंपिक क्वालीफायर की ट्रायल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए छोड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप

रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के साथ ढांडा भी अभी नहीं बना पाई है टोक्यो ओलंपिक के लिए जगह

लेखक भारत शर्मा ·

भारतीय अनुभवी पहलवान पूजा ढांडा ने शनिवार से आगरा में शुरू हो रही सीनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप से अपना नाम वापस ले लिया। इसके साथ ही उन्होंने एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर के लिए होने वाली ट्रायल पर अपनी नजरें जमा दी है।

2018 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता (57 किग्रा वर्ग) ट्रायल के लिए अपने वजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हिसार में जन्मी पहलवान ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप से बाहर होने का फैसला इसलिए किया है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि यह ओलंपिक क्वालीफायर के लिए सभी महत्वपूर्ण ट्रायल से उनकी सहनशक्ति और ताकत को खत्म कर देगा।

ढांडा ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "मुझे 57 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करने के लिए वजन कम करना होगा। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेलने से मेरी सहनशक्ति और ताकत का नुकसान होगा। इसलिए मैंने इसे छोड़ने का फैसला किया है। मैं अब क्वालीफायर के लिए होने वाली ट्रायल्स में प्रतिस्पर्धा करूंगी।"

बता दें कि ढांडा रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक जैसे बड़े नामों की तरह अभी तक टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।

पूजा ढांडा (बाएं) ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में जीता रजत पदक

हालांकि, 27 वर्षीय पहलवान टोक्यो में अपने ओलंपिक की शुरुआत करने की उम्मीद कर रही है। 57 किलो भार वर्ग की ट्रायल में उनका मुख्य मुकाबला हमवतन अंशु मलिक होगा, जिन्होंने सर्बिया में व्यक्तिगत विश्व कप में रजत पदक जीता था।

भारतीय महिला पहलवानों में विनेश फोगट टोक्यो ओलंपिक के लिए अपनी बर्थ बुक करने वाली एकमात्र महिला पहलवान है। हालांकि, पांच वजन श्रेणियां 50, 57, 62, 68 और 76 किलो में अभी तक कोई भी पहलवान अपनी जगह नहीं बना पाया है। भारतीय पहलवान अप्रैल और मई में होने वाले एशियाई और विश्व क्वालीफायर्स में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और ओलंपिक के लिए स्थान सुरक्षित कर सकते हैं।

इस बीच, साक्षी मलिक इस ट्रायल से पहले सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी।

मार्की नेशनल इवेंट में दो दिन के आयोजन में लगभग 240 महिलाएं भाग लेंगी। उद्घाटन के दिन 50 किग्रा, 55 किग्रा, 57 किग्रा, 62 किग्रा और 72 किग्रा भार वर्ग में प्रतियोगिता होगी। जबकि अंतिम दिन पहलवान 53 किग्रा, 59 किग्रा, 65 किग्रा, 68 किग्रा और 76 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

सीमित संख्या में दर्शकों को प्रतियोगिता के लिए अनुमति दी जाएगी। हालांकि, रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश रेसलिंग एसोसिएशन को सलाह दी है कि प्रतियोगिता में कोरोना महामारी के सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।