ऑस्ट्रेलियन ओपन क्वालिफायर में प्रजनेश गुणेश्वरन ने जीत दर्ज की

भारतीय नंबर 1अब भिड़ेगा जर्मनी के यूनिक हाँफमन से। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

ऑस्ट्रेलियन ओपन क्वालिफायर में भारत केप्रजनेश गुणेश्वरन ने मंगलवार को हैरी बॉर्चियर को मात देकर अपने कारवां को आगे बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में 17वें सीड केगुणेश्वरन ने अपनी काबिलियत का एहसास दिलाते हुए 6-2, 6-4 से मुकाबले को अपने नाम किया।

उन्होंने कैनबरा चैलेंजर में जल्दी बाहर हो जाने के बाद मेलबर्न में पुख्ता खेल दिखाया और भारतीय खेल प्रेमियों को नई उम्मीदें दी। पहले सेट को गुणेश्वरन ने 6-2 से जीता।

पहले सेट में शानदार जीत के बाद लगा कि गुणेश्वरन दूसरा भी जल्द ही जीत जाएंगे लेकिन बॉर्चियर ने वापसी करने के संकेत दिए और अपने खेल से गुणेश्वरन को कुछ देर के लिए बैकफुट पर रखा। चौथे गेम में यह भारतीय टेनिस खिलाड़ी 1-3 से पीछे रहा। हालांकिगुणेश्वरन ने जल्द ही वापसी कर अपने कौशल का प्रमाण दिया और इस सेट को 6-4 से अपने हक में रखा। अब इस खिलाड़ी का मुकाबला जर्मनी के यूनिक हाँफम से है।  

रामनाथन हुए पस्तऑस्ट्रेलियन ओपन क्वालिफायर में भारत का एक और टेनिस स्टार खेलता दिखा। यह नाम है रामकुमार रामनाथन। रामनाथन का मुकाबला अर्जन्टीना के फेडेरिको कोरिया से हुआ जो इस प्रतियोगिता में 15वीं सीड पर काबिज़ हैं। भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट जीत कर अपना कौशल दिखाया लेकिन अगले दो सेटों में कुछ कर न सके। अंतत स्कोर कोरिया के हित में 4-6, 6-4 और 6-1 से रहा। 

भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी शुरुआत दिखाते हुए छठी और दसवीं गेम में अपने प्रतिद्वंदी की सर्व को दो बार तोड़ा और सेट को 6-4 से अपने नाम किया। कोरि भी कहां पीछे रहने वाले थे और उन्होंने वापसी कर रामनाथन को मैट पर धराशायी किया और अगला सेट जीत कर खुद को खेल में बनाए रखा।

अब बारी थी तीसरे यानि फाइनल सेट की और दोनों ही खिलाड़ियों का जोश देखते ही बन रहा था।कोरिया ने बेहद दिलचस्प खेल दिखाते हुए पहले, तीसरे और सातवें गेम में रामनाथन की सर्व को तोड़ा और खेल को अपने हिसाब से चलाया। कोरिया ने इस सेट को 6-1 से अपने नाम किया और भारतीय खिलाड़ी को बाहर का रास्ता दिखाया। 

मुकुंद की दोहरी जीत

बेंडिगो चैलेंजर की बात की जाए तो शशि कुमार मुकुंद ने शानदार खेल दिखाया। यह मुकाबला था भारतीय खिलाड़ी और जापान केयोशिहितो निशियोकाके बीच। पहले सेट में मुकुंद ने अपने प्रतिद्वंदी की सर्व चौथे और छठे गेम में तोड़ कर अपना दबदबा कायम रखा।

मुकुंद अब 5-2 से आगे चल रहे थे लेकिन तभी निशियोका ने चोट के कारण मुकाबले को बीच में छोड़ा और इस वजह से भारतीय खिलाड़ी को अगले राउंड में जाने का मौका मिला।

अब मुकुंद की बारी थी मेंस डबल्स में खेलने की और जीत के साथ अपने कारवां को आगे बढाने की। मुकुंद की जोड़ी चीन के सुन फजिंग से बनी और उनका मुकाबला स्विट्जरलैंड के लुका मार्गारोली और इटली के एंड्रिया वावसोरी से था। इस भारत-चीन जोड़ी ने मुकाबले को 6-3, 6-4 से जीता और राउंड ऑफ़ 16 में प्रवेश किया।