एचएस प्रणॉय के अलावा 6 अन्य भारतीय शटलर्स ने ऑल इंग्लैंड ओपन से अपना नाम लिया वापस

कोरोना वायरस के डर से समीर वर्मा, सौरभ वर्मा, चिराग शेट्टी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, मनु अत्री और सुमीत रेड्डी भी हुए ऑल इंग्लैंड ओपन से हुए बाहर

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

कोरोना वायरस की आशंका को लेकर 11 मार्च से शुरू होने वाले ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप से भारतीय शटलर एचएस प्रणॉय, समीर वर्मा और सौरभ वर्मा समेत सात भारतीय खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस ले लिया है।

”एचएस प्रणॉय ने ईएसपीएन से बात करते हुए कहा कि “हम इस जोखिम में नहीं पड़ना चाहते थे। हम में से कुछ लोगों ने बात की और इस बात पर सहमति जताई कि ये यात्रा सुरक्षित नहीं है। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से ओलंपिक कट-ऑफ इस तरह से है कि मेरे पास खोने के लिए कम है।”

प्रणॉय ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे थे कि वायरस के मौजूदा हालात को देखते हुए ऑल इंग्लैंड रद्द को कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं, कल मैंने गोपी सर (पुलेला गोपीचंद) को अपने फैसले के बारे में बताने के लिए मैसेज किया।"

डबल्स शटलर चिराग शेट्टी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, मनु अत्री और सुमित रेड्डी के अलावा अन्य चार भारतीय शटलर्स ने भी प्रतियोगिता ने नाम वापस ले लिया है।

चिराग शेट्टी ने कहा, "स्थिति काफी खराब है, इसलिए हमने जोखिम भरे यात्रा के बजाय हटने का फैसला किया।

भारत के चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ऑल इंग्लैंड ओपन से हुए बाहर

बुधवार को इंग्लैंड की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने कोरोना वायरस को चौथे दर्जे की घटना घोषित कर दी – जिसका मतलब है उच्चतम स्तर की आपातकालीन तैयारी के लिए योजना बनाना। ये फैसला ब्रिटेन में 87 मामलों की पुष्टि होने के बाद लिया गया है। ऑल इंग्लैंड के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कहा था कि वो स्थिति की 'बारीकी से निगरानी' कर रहे हैं और ये टूर्नामेंट योजना के अनुसार आगे बढ़ने के लिए निर्धारित है।

भारत के कई और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत और बी साई प्रणीत की ओलंपिक में जगह बनाने की उम्मीद से इस टूर्नामेंट में अब भी हिस्सा लेने की उम्मीद बरकरार है।

कई बैडमिंटन इवेंट जो टोक्यो खेलों के लिए क्वालिफायर के रूप में आयोजित होने थे वो वायरस फैलने के डर से हाल ही में रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं।

क्वालिफायर अवधि के नहीं बढ़ाए जाने और ज्यादा रैंकिंग वाली इवेंट्स को शामिल करने के बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन के पिछले हफ्ते के फैसले ने साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप की टोक्यो के लिए टिकट प्राप्त करने की चिंता बढ़ा दी है। जिन्होंने बैडमिंटन की गवर्निंग बॉडी से अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।

क्वालिफिकेशन रेस में शीर्ष 16 एकल खिलाड़ी, एक ही देश के दो एथलीटों की टोक्यो खेलों में एंट्री पक्की है।