भारत का बैडमिंटन में भविष्य सुरक्षित और सुनहरा है: पुलेला गोपीचंद

पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन और नेशनल कोच को लगता है कि साइना और सिंधु के ओलंपिक पदकों ने बैडमिंटन में युवाओं का मनोबल बढ़ाया, जिसकी ज़रूरत थी।

राष्ट्रीय मुख्य कोच और पूर्व ओलंपियन पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) का कहना है कि साइना नेहवाल (Saina Nehwal), पीवी सिंधु (PV Sindhu) और किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) की शानदार उपलब्धियों ने भारतीय बैडमिंटन का सबसे बड़ा विज्ञापन रहा है।

गोपीचंद ने पीटीआई भाषा से कहा, "मैं कह सकता हूं कि इन पिछले 10 वर्षों में इस खेल ने देश में सबसे ज्यादा विकास किया है।" "देश में बहुत सारी ऐकेडमियां खुल रही हैं।"

2001 के ऑल इंग्लैंड चैंपियन रहे गोपीचंद ने 2004 में कोचिंग के क्षेत्र में प्रवेश किया और साइना नेहवाल और पीवी सिंधु के ओलंपिक पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों हैदराबाद में उनकी ऐकेडमी ट्रेनिंग करती हैं।

बैडमिंटन में उनके योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति में अपनी पहचान बनाने वाले गोपीचंद कहते हैं कि खेल के लिए आकर्षण तेजी से बढ़ गया है और वो लोगों की तलाश कर रहे हैं।

गोपीचंद ने कहा, "पूरे देश, पंजाब, मिजोरम और यहां तक ​​कि विदेशों से भी कई बच्चे ट्रेनिंग के लिए मेरी ऐकेडमी में आते हैं।"

''कई ऐसे मामले भी हैं, जहां माता-पिता हैदराबाद में अपने बच्चों के साथ रहते हैं, ताकि उनकी ट्रेनिंग ठीक से होती रहे। इसलिए, मेरा मानना ​​है कि बैडमिंटन भविष्य के लिए अच्छी तरह से तैयार है।''

उन्होंने कहा, ''इसके अलावा, सिंथेटिक शटल के आ जाने से अगले कुछ वर्षों में शटल की लागत कम हो जाएगी। जिससे खेल और बेहतर तरीके से विकसित होगा।''

भारत में बैडमिंटन के खेल को लोकप्रिय बनाने में पुलेला गोपीचंद का भी बहुत अहम योगदान रहा है। तस्वीर साभार: पीवी सिंधु/फ़ेसबुक
भारत में बैडमिंटन के खेल को लोकप्रिय बनाने में पुलेला गोपीचंद का भी बहुत अहम योगदान रहा है। तस्वीर साभार: पीवी सिंधु/फ़ेसबुकभारत में बैडमिंटन के खेल को लोकप्रिय बनाने में पुलेला गोपीचंद का भी बहुत अहम योगदान रहा है। तस्वीर साभार: पीवी सिंधु/फ़ेसबुक

बैडमिंटन एक शानदार ऑल-राउंड खेल है

पुलेला गोपीचंद का बैडमिंटन के प्रति जुनून अविश्वसनीय है। अपने करियर में चोट लगने के बाद, वो इस खेल के साथ बने रहने के लिए कोचिंग की दुनिया में उतर गए, जिसने उन्हें एक शीर्ष स्पोर्ट्समैन के रूप में स्थापित किया। अगर साइना या सिंधु से समर्पण के पूछा जाएगा, तो वो गोपीचंद का ही नाम लेंगी।

गोपीचंद कहते हैं, बैडमिंटन एक शानदार खेल है क्योंकि ये शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करते है।

उन्होंने फ़र्स्टपोस्ट को बताया कि, “बैडमिंटन आपकी ताकत और सहनशक्ति का टेस्ट लेता है। इस खेल में आपको दौड़ने, कूदने, बग़ल में कदम रखने, आगे और पीछे जाने की ज़रूरत होती है, इसके लिए आपको कठोर स्मैश मारने की शक्ति होनी चाहिए। इन सभी चीजों ने मिलकर बैडमिंटन को एक शानदार ऑल-राउंड खेल बनाया है।”

''ये खेल बहुत मज़ेदार है। इस खेल को कभी समय मिलने पर ज़रूर खेलें और अनुशासन और हार्डवर्क का आनंद लें।''

गोपीचंद ने आगे कहा कि, ''ये खेल आपको बहुत सी चीजे सिखा देता है, वो बहुत महत्व रखता है, उन्होंने ये भी कहा कि “चैंपियन बनना बिल्कुल जरूरी नहीं है।''

बैडमिंटन कैसे खेला जाता है ?

पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और दूसरे शटलरों की सफलताओं ने भारत में बैडमिंटन के खेल को और भी लोकप्रिय बनाया है।

भारत में अब बैडमिंटन का नंबर सबसे चहेते खेलो में दूसरे पायदान पर आता है, उससे आगे बस क्रिकेट ही है।

आप इस लिंक पर बैडमिंटन खेलने का तरीक़ा, उसका इतिहास और इस खेल से जुड़ी और भी कई जानकारियां हासिल कर सकते हैं।

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