ख़राब थाईलैंड दौरे के बावजूद पुलेला गोपीचंद को भारतीय शटलरों पर है भरोसा

राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के चीफ़ कोच पुलेला गोपीचंद को अभी भी अपने खिलाड़ियों पर भरोसा है और वह मानते हैं कि मौजूदा प्रक्रिया से ओलंपिक में फ़ायदा मिलेगा।

लेखक सैयद हुसैन ·

पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) को विश्वास है कि थाईलैंड दौरे पर किए गए निराशाजनक प्रदर्शन से भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु (PV Sindhu), साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और दूसरे शटलरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन और मौजूदा राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के प्रमुख कोच पुलेला गोपीचंद ने द हिन्दु के साथ बाचतीत में कहा, “नतीजे भले ही अच्छे नहीं हैं, लेकिन आपको ये भी देखना होगा कि ये भारतीय खिलाड़ी क्वरंटाइन में रहे थे और इन्हें ‘हाई रिस्क’ ज़ोन में रहना पड़ा था। जिसकी वजह से शटलरों को जिम या कोर्ट में अभ्यास करने का ज़्यादा मौक़ा नहीं मिला था।“

पहले थाईलैंड ओपन से ठीक पहले साइना नेहवाल और एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे। हालांकि बाद में ये टेस्ट रिपोर्ट ग़लत निकली थी लेकिन तब तक मैचों का कार्यक्रम बदल दिया गया था और पहले दिन भारतीय सपोर्ट स्टाफ़ को कोर्टसाइड में आने की इजाज़त नहीं थी।

इसके बाद दूसरे थाईलैंड ओपन के दौरान बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) कोविड-19 से ग्रसित हो गए थे और फिर उनके रूममेट किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) को कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनज़र टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था। बाद में ये पता चला था कि बी साई प्रणीत की रिपोर्ट भी ग़लत आई थी।

जबकि BWF वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में भारत से सिर्फ़ पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत ने क्वालिफ़ाई किया था और ये दोनों ही शटलर ग्रुप स्टेज से बाहर हो गए थे।

गोपीचंद ने ये भी माना कि डबल्स में जिस तरह का प्रदर्शन चिराग शेट्टी (Chirag Shetty), सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponappa) ने किया वह दिल जीतने वाला है। पोनप्पा ने बैडमिंटन रैंकिंग में छलांग लगाते हुए 19वें स्थान हासिल कर लिया

टोक्यो गेम्स के लिए क्वालिफ़िकेशन विंडो 2 मार्च से शुरू हो रहे स्विस ओपन के साथ खुलेगा। जहां गोपीचंद को भारतीय शटलरों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

“ज़ाहिर है खिलाड़ी इतने लंबे ब्रेक के बाद थोड़ा अलग महसूस कर रहे होंगे, लेकिन आने वाले टूर्नामेंट में मुझे उम्मीद है कि अच्छा प्रदर्शन देखने को मिलेगा।“

47 वर्षीय इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने एक बार फिर ट्रेनिंग सिस्टम को लेकर भरोसा जताया, जिसकी बदौलत ही साइना नेहवाल ने लंदन 2012 में कांस्य और पीवी सिंधु ने रियो 2016 में रजत पदक हासिल किया।

“ओलंपिक में पिछले कुछ संस्करण में हमने शानदार क़ामयाबी हासिल की है और ये संभव हो पाया है इस प्रकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम की बदौलत। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार भी इसका फल हमें दिखेगा। हम ओलंपिक के लिए सही दिशा में तैयारी कर रहे हैं।“

टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफ़िकेशन विंडो मार्च में शुरू होकर जून में होने वाले इंडियन ओपन तक चलेगा। जबकि टोक्टो ओलंपिक 23 जुलाई से शुरू होंगे और इसका समापन 8 अगस्त को होगा।