पुलेला गोपीचंद को मिलेगा आईओसी कोच लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद IOC द्वारा इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले पहले भारतीय हैं।

भारतीय बैडमिंटन कोच और पूर्व खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा 2019 कोच लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। 46 वर्षीय पुरुष कोच की श्रेणी में वह उपविजेता रहे और यह सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने।

आईओसी ने एक बयान में कहा, “पैनल भारत में बैडमिंटन के विकास में उनके प्रयासों, खेल के दौरान एथलीटों के समर्थन और ओलंपिक मूवमेंट में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करना चाहता है।"

पुलेला गोपीचंद ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, “मैं इस सम्मान से खुश हूं, जिसे मैं सभी भारतीय कोचों के लिए एक सम्मान के रूप में देखता हूं। मैं भारत सरकार, खेल मंत्रालय, बैडमिंटन संघ और भारतीय ओलंपिक संघ का आभारी हूं।”

उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह हमारे कोचों को और बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मुझे बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा”।

एक बेहतरीन बैडमिंटन कोच

पुलेला गोपीचंद, प्रकाश पादुकोण के साथ भारत के शुरुआती बैडमिंटन सितारों में से एक थे और उन्होंने 2001 में प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीती। हालांकि वह खुद ओलंपिक पदक नहीं जीत सके। उन्होंने एक कोच के रूप में दो बैडमिंटन पदक भारत की झोली में डालने में अपना योगदान दिया है।

भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच ने साइना नेहवाल के कौशल को विकसित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिन्होंने लंदन 2012 में कांस्य पदक जीता और पीवी सिंधु ने रियो 2016 में रजत जीता और पिछले साल वह बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

2016 रियो गेम्स के दौरान पीवी सिंधु कोच पुलेला गोपीचंद के साथ बात करते हुए
2016 रियो गेम्स के दौरान पीवी सिंधु कोच पुलेला गोपीचंद के साथ बात करते हुए2016 रियो गेम्स के दौरान पीवी सिंधु कोच पुलेला गोपीचंद के साथ बात करते हुए

इसके अलावा गोपीचंद के दो और प्रमुख योगदान हैं। पहला उनके दिमाग की उपज गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी। दूसरा उन्होंने पूर्व विश्व नंबर 1 किदांबी श्रीकांत, पारुपल्ली कश्यप और वर्तमान विश्व नंबर-11 बी साई प्रणीत जैसे खिलाड़ियों को तैयार किया है।

उनकी 16 वर्षीय बेटी गायत्री गोपीचंद भी एक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इस सत्र में प्रीमियर बैडमिंटन लीग में पदार्पण किया और प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया।

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