भारत ने 2019 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप का अंत मेडलों की चमक से किया

चोट लगने के कारण पुनिया हुए 86 किग्रा फ्री स्टाइल से बाहर, अवारे ने हासिल किया ब्रॉन्ज़

लेखक जतिन ऋषि राज ·

नूर-सुल्तान, कज़ाकिस्तान में चल रहे 2019 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप का आखिरी दिन भारत के लिए खट्टा-मीठा रहा। उमरते हुए भारतीय रेसलर दीपक पुनिया प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद एड़ी में चोट लगने के कारण बाहर हुए। वहीं दूसरी तरफ राहुल अवारे ने ब्रॉन्ज़ मेडल पर अपना कब्ज़ा जमाया।

दीपक जो कि सेमीफाइनल में जीतकर फाइनल की और बढ़ रहे थे, वहीं चोटिल होने के कारण उन्हें अपने बढ़ते कदम थामने पड़े और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 86 किग्रो वर्ग में खेलते हुए उनका फाइनल मुकाबला ईरान के बेहतरीन रेसलर हसन यज़दानी से था, लेकिन सेमीफाइनल की चोट के कारण उन्हें गोल्ड मेडल जीतने की रेस से अपना नाम बाहर करना पड़ा। 

ख़ुशी की बात यह है कि दीपक का प्रदर्शन लाजवाब था, एक दम सटीक तकनीक के साथ आत्मविश्वास चरम पर और हाथ में सिल्वर मेडल की चमक। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में अपना डेब्यू कर रहे इस भारतीय पहलवान ने मेडल के साथ-साथ ओलंपिक कोटा भी जीता और वह अगले साल टोक्यो 2020 में अपना जौहर दिखाते हुए नज़र आ सकते हैं।

अवारे ने जीता ब्रॉन्ज़

दीपक पुनिया के फाइनल से बाहर होने का दुख भारत के दूसरे रेसलर राहुल अवारे ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीत कर कुछ कम किया। राहुल के इस प्रदर्शन से भारत ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में आज तक के सबसे खूबसूरत सफ़र की गवाही दी। 61 किग्रो में लड़ते हुए राहुल का सामना यूएस के टेलर ग्राफ से हुआ और उन्होंने शुरुआत में ही ग्राफ को आसानी से दो अंक दे दिए। अपने खेल को दोबारा बनाते हुए राहुल ने मैट पर ग्राफ को टिकने नहीं दिया और 2019 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप से ले लिया यादगार ब्रॉन्ज़ मेडल। 

भारतीय रेसलर ने वापसी कर खेल पलटा

अवारे 4-2 की बढ़त से मुकाबले को अपने हक में रखते हुए खेल रहे थे और यूएस के ग्राफ को वापसी करने के ज़्यादा मौके नहीं दे रहे थे। शुरूआती मिनट में ग्राफ ने ज़रूर उम्दा खेल दिखाया लेकिन दूसरे राउंड में अवारे ने लगातार अटैक करना शुरू कर दिया और अपने प्रतिद्वंदी को पूरे समय बांधे  रखा।

कोच द्वारा बढ़त को बरकरार रखने की सलाह अवारे के काम आई और उन्हें जीत के और भी नज़दीक ले गई। अवारे, पुनिया के साहस और बाकी खिलाड़ियों के दम ख़म ने भारत को 2019 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कुल मिलाकर 5 मेडल जितवाए और साथ ही में 4 ओलंपिक कोटा भी। अगले साल जापान में होने वाले ओलंपिक गेम्स 2020 के हवाले से बात करें तो भारतीय कुश्ती का खेमा तेज़ी और तंदरुस्ती के साथ आगे बढ़ रहा है और मैदान फतह करने की पूरी कोशिश जारी है। 

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में यह भारत का सबसे बेहतरीन संस्करण रहा जहां जीत का सिलसिला शुरू से ही लगा रहा। इससे पहले साल 2013 में भारत ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में प्रशंसा भरा प्रदर्शन कर 1 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे। यह रही उनकी लिस्ट: अमित दहिया (सिल्वर), बजरंग पुनिया (ब्रॉन्ज़) और संदीप तुलसी यादव (ब्रॉन्ज़)। 

अब यह देखना होगा कि ओलंपिक कोटा जीत चुके सभी भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य टोक्यो 2020 कैसे बनता है और कौन सा पहलवान किस रणनीति को अपनाता है।