पीवी सिंधु, साइना नेहवाल से मलेशिया मास्टर्स में मज़बूत शुरुआत की उम्मीद

शीर्ष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को आगामी मलेशिया मास्टर्स के शुरुआत दौर में आसान ड्रॉ दिए गए हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए साल 2019 मिले-जुले परिणामों के साथ खत्म हुआ। अब उनके सामने एक विशाल ओलंपिक वर्ष है, जिसमें सभी खिलाड़ी बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) रैंकिंग सूची के शुरुआती छमाही के समाप्त होने से पहले शीर्ष पर पहुंचने की कोशिश करेंगे। यह सूची 30 अप्रैल, 2020 को घोषित की जाएगी, जिसके आधार पर ओलंपिक के लिए चयन किया जाएगा।

बैडमिंटन फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) 7 जनवरी से शुरू होने वाले सुपर 500 टूर्नामेंट में पांच श्रेणियों में 15 से अधिक प्रतिभागियों के साथ पुरुष एकल में पांच, महिला एकल में दो, और पुरुष युगल में छह, महिला युगल और मिश्रित युगल के साथ हर तरह के प्रशिक्षण करेगा।

सिंधु, साइना की हो सकती है आसान शुरुआत

आगामी 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत की सबसे बड़ी बैडमिंटन उम्मीद, पीवी सिंधु रूस की एवगेनिया कोसेत्स्काया के खिलाफ संघर्ष के साथ अपने 2020 अभियान की शुरूआत करेंगी। भारतीय विश्व नंबर छह ने 27वें स्थान पर काबिज़ इस रूसी खिलाड़ी का सामना अपने पूरे करियर में सिर्फ एक बार किया है। 2018 चीन ओपन में सिंधु ने सीधे गेमों में 21-13, 21-19 से कोसेत्स्काया पर जीत दर्ज़ की थी।

शुरुआती मुकबाबले के बाद सिंधु का सामना दुनिया की नंबर एक ताई त्ज़ु यिंग के खिलाफ संभावित क्वार्टर फाइनल संघर्ष से पहले दूसरे दौर में जापान की अया ओहोरी या थाईलैंड की बुसानन ओंगब्रामुंगफान से हो सकता है।

पीवी सिंधु ‘रेस टू टोक्यो ’ओलंपिक रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं।

वहीं दूसरी ओर, साइना नेहवाल को पहले दौर में बाई मिल सकता है, क्योंकि अभी तक उनके प्रतिद्वंदी का नाम सुनिश्चित नहीं किया गया है। दूसरे दौर में वह दुनिया की आठवें नंबर की दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी सी-यंग से भिड़ सकती हैं, जिसमें क्वार्टर फाइनल में संभावित दावेदार के रूप में अकाने यामागुची या कैरोलिना मारिन से सामना होने की उम्मीद है।

कश्यप, श्रीकांत की राह मुश्किल

भारत के पुरुष एकल वर्ग में बी साई प्रणीत, पारुपल्ली कश्यप, समीर वर्मा, एचएस प्रणय और किदांबी श्रीकांत के साथ पांच शटलर होंगे, जो बेहतर होने के लिए मुकाबला करेंगे।

कश्यप पहले दौर में विश्व के नंबर एक केंटो मोमोता से भिड़ेंगे। यह जापानी खिलाड़ी इस समय अपने शानदार फॉर्म में है। ऐसे में भारतीय विश्व नंबर 23 खिलाड़ी कश्यप को सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए अपना पूरा दम लगाने की जरूरत होगी। आपको बता दें, कश्यप ने अपने करियर में तीन बार मोमोता का सामना किया है और तीनों ही बार उन्हें हार मिली है।

श्रीकांत का मुकाबला चीनी ताइपे की चोउ टीएन चेन से होगा, जो अब दुनिया में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने पांच बार एक-दूसरे का सामना किया है, और 2014 के हांगकांग ओपन की जीत को छोड़कर अन्य सभी शेष अवसरों पर उन्हें हार मिली है।

किदांबी श्रीकांत के लिए इस साल बड़ी चुनौतियां

2019 बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता साई प्रणीत को डेनमार्क के रासमस जेमके के खिलाफ मुकाबला करना होगा। जबकि दुनिया के 33 वें नंबर के खिलाड़ी समीर वर्मा पहले दौर में थाईलैंड के कांटाफोन वांगचारोएन का सामना करेंगे। एचएस प्रणॉय अपने संघर्षपूर्ण 2019 सीज़न के बाद 2020 अभियान की शुरुआत जापान के कांता सुनामी के साथ करेंगे।

सात्विक-चिराग के लिए आर या पार की लड़ाई

लगभग दो साल के लम्बे सफर के बाद, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी के लिए बीते साल एक अनमोल पल उस वक्त आया, जब उन्होंने 2019 में थाईलैंड ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जोड़ी ने विश्व चैंपियन ली जुनहुई और लियू यू चेन को हराकर बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 टूर्नामेंट जीतने के लिए फाइनल में प्रवेश किया था। इस जोड़ी से 2020 में भी बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

पहले राउंड में मलेशिया के ओंग यू सिन और टेओ ई यी के खिलाफ रैंकिरेड्डी और शेट्टी का मुकाबला होगा, जो मलेशियाई बैडमिंटन सर्किट में बहुत बड़े नाम हैं। हालांकि, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ मलेशिया (BAM) ने जनवरी के बाद राष्ट्रीय सेट-अप से युगल को ‘प्रोजेक्ट 24’ के कारण से हटा दिया। ऐसे में भारतीय मलेशिया की इस परिस्थिति का फायदा उठा सकते हैं।

अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी की महिला युगल जोड़ी दक्षिण कोरिया की चांग ये ना और किम हय रिन के खिलाफ कोर्ट पर आमने-सामने होगी, जबकि पोनप्पा वांग यी लीयू और हुआंग डोंग पिंग की उच्च रैंक वाली चीनी युगल जोड़ी का सामना करने के लिए रंकीरेड्डी के साथ जोड़ी बनाएंगे।

टोक्यो में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे गोपीचंद

अप्रैल के अंत तक जारी होने वाली बीएफआई रैंकिंग के शीर्ष 16 में से अपने ओलंपिक प्रतिभागियों को चुनने के लिए बीएफआई के साथ, पुलेला गोपीचंद अगले चार महीनों तक उत्सुकता के साथ निरीक्षण करेंगे। जहां एथलीटों को इंडोनेशिया मास्टर्स, थाईलैंड मास्टर्स, ऑल इंग्लैंड ओपन, इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की आवश्यकता होगी।

राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच ने भारत के लिए पिछले दो ओलंपिक में बड़ी भूमिका निभाई है। जिसकी बदौलत भारत ने लगातार ओलंपिक संस्करणों में दो पदक जीते हैं - साइना नेहवाल (2012 में कांस्य पदक) और पीवी सिंधु (2016 में रजत पदक)। अब आशा यही है कि भारत आगामी खेलों में अपने पिछले प्रदर्शन को बेहतर करने का प्रयास करेगा।

गोपीचंद ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, "हमने पिछले कुछ ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन किए हैं। इस बार, हम अपनी टीम में एक विश्व चैंपियन (सिंधु) के साथ ओलंपिक में जाएंगे। उम्मीद है कि कुछ अच्छी तैयारी के साथ, हम बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी कर सकते हैं।"