2019 बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में रहेगी पीवी सिंधु पर सभी की नज़र 

भारत की एकमात्र चुनौती वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु 2019 बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स से एक बार फिर फ़ॉर्म में वापसी करना चाहेंगी। 

लेखक सैयद हुसैन ·

बैडमिंटन में इस सीज़न की आख़िरी प्रतियोगिता के लिए चीन पूरी तरह से तैयार है, जहां अगले हफ़्ते गुआंगज़ू में शुरू होने जा रहा है बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स। बुधवार 11 दिसंबर से दुनिया के बेहतरीन शटलरों के बीच ज़ोरदार जंग देखने को मिलेगी, जहां इस सीज़न का अंत वे जीत के साथ करने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे।

चैंपियनों के चैंपियन बनने की इस लड़ाई में दुनिया के एक से बढ़कर एक शटलर कोर्ट पर नज़र आएंगे, जिनमें दुनिया के नंबर एक केंटो मोमोता और ताई ज़ू यिंग के साथ साथ वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु भी शामिल हैं। रियो ओलंपिक में सिल्वर पदक जीतने वाली और इसी साल बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप का ख़िताब अपने नाम करने वाली भारत की पी वी सिंधु गत विजेता भी हैं, लिहाज़ा उनपर अपने ख़िताब की रक्षा करने का भी दबाव होगा।

बड़ी प्रतियोगिता की बड़ी खिलाड़ी हैं पीवी सिंधु

अगर बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप को छोड़ दिया जाए तो उसके अलावा ये सीज़न सिंधु के लिए निराशाजनक रहा है। ज़्यादातर प्रतियोगिताओं में सिंधु प्री क्वार्टर फ़ाइनल या उससे पहले ही बाहर हो गईं थी। तियान्हे जिमनाज़ियम में जब ये प्रतियोगिता शुरू होगी तो सिंधु की नज़र इसी रिकॉर्ड को बेहतर करते हुए एक बार फिर जीत की पटरी पर लौटने की होगी।

हैदराबाद की इस शटलर के हालिया फ़ॉर्म को देखते हुए चीन में होने वाली इस प्रतियोगिता के जीतने की दावेदारी उनके लिए कम ही लगती है, लेकिन सिंधु ने कई बार ये साबित किया है कि बड़े टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन कुछ अलग ही रहता है। वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले भी सिंधु का फ़ॉर्म कुछ ख़ास नहीं था, और उन्हें मलेशिया ओपन और जापान ओपन में शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर होना पड़ा था। पर वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली थी और सभी को चौंकाते हुए पी वी सिंधु वर्ल्ड चैंपियन बन कर लौटीं।

चैंपियन बनने के सफ़र में सिंधु ने ताई ज़ू, चेन यू फ़ी और नोज़ोमी ओकुहारा जैसी दिग्गज शटलर को रौंदा था। इसी तरह बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में भी सिंधु को उम्मीद होगी कि वह अपने ख़िताब की भी रक्षा करें और फ़ॉर्म भी वापस पाएं।

2019 बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में हिस्सा लेने वाली पी वी सिंधु एकमात्र भारतीय शटलर हैं

सिंधु के सामने चुनौतियां

सिंधु के वूमेंस सिंगल्स मुक़ाबलों का ड्रॉ सोमवार को निकाला गया जिसमें वह जापान की अकाने यामागुची, चीन की चेन यूफेई और ही बिंगजीजाओ के खिलाफ खेलती हुई दिखाई देंगी। सिंधु का पहला मुक़ाबला बुधवार को यामागुची के साथ होना है।

सिंधु के सामने इस प्रतियोगिता में सबसे बड़ी चुनौती चीन ताइपे की शटलर ताई ज़ू यिंग की होगी, जिन्होंने इसी साल फ़्रेंच ओपन में सिंधु को हराकर बाहर किया था। 25 वर्षीय ये शटलर भी वापसी की कर रही है, चाइना ओपन के दौरान वह चोटिल हो गईं थी। बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स जीतने की ताई ज़ू सबसे बड़ी दावेदारों में से एक हैं। सिंधु और ताई के बीच हुई टक्करों में चीन ताइपे की शटलर का पलड़ा भारी रहा है, ताई के ख़ूबसूरत ड्रॉप शॉट्स इन दोनों के बीच हुए पिछले 10 मुक़ाबलों में से 7 बार सिंधु पर भारी पड़े हैं।

ताई ज़ू के अलावा सिंधु की राह में चीन की चेन यू फ़ी भी रोड़ा बन सकती हैं, जिनके नाम पिछले सीज़न में कुल 6 टाइटल हैं और हाल के सीज़न में जितने भी टूर्नामेंट उन्होंने खेले हैं उनमें से एक को छोड़कर सभी के सेमीफ़ाइनल तक वह पहुंची हैं। 21 वर्षीय इस शटलर ने पिछले महीने हुए दो बड़े टूर्नामेंट हांग कांग ओपन और फ़ुज़ो चाइना ओपन में भी गोल्ड मेडल जीता है। हालांकि इस शटलर को पी वी सिंधु इस सीज़न में वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप और इंडोनेशिया ओपन में मात दे चुकी हैं।

सिंधु और ओकुहारा की प्रतिद्वंदिता

बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में एक बार फिर ओकुहारा और सिंधु के बीच लड़ाई देखने को मिल सकती है, जिसे इन दोनों के बीच प्रतिद्वंदिता के भाग-2 के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के सालों में ये दोनों शटलर जब आमने सामने आती हैं तो दर्शकों को एक अलग स्तर का बैडमिंटन देखने को मिलता है। 2017 वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में चले क़रीब दो घंटे के उस फ़ाइनल मुक़ाबले को आज भी बैडमिंटन प्रेमी सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ मैचों में से एक मानते हैं, जिसे बैडमिंटन फ़ैन्स और दिग्गजों ने उस साल मैच ऑफ़ द ईयर घोषित किया था।

ओकुहारा को उस मुक़ाबले में 21-19, 20-22 और 22-20 से जीत नसीब हुई थी, लेकिन इसके बाद पी वी सिंधु ने इसका बदला अगले दो वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में ले लिया था। 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में तो सिंधु ने ओकुहारा को सिर्फ़ 38 मिनट में चारों खाने चित कर दिया था।

ओकुहारा के ख़िलाफ़ सिंधु को मामूली बढ़त भी हासिल है, लेकिन इस सीज़न जापानी शटलर का फ़ॉर्म सिंधु से ज़्यादा बेहतर है। इस सीज़न वह चार प्रतियोगिताओं के फ़ाइनल तक पहुंची हैं।

इनके अलावा जापान की अकाने यामागुची और थाईलैंड की रत्चानोक इन्तानोन का भी प्रदर्शन सिंधु से बेहतर रहा है लिहाज़ा इस प्रतियोगिता में ये दोनों भी सिंधु को टक्कर दे सकती हैं।

मोमोता का मैजिक

पुरुष एकल की बात करें तो जापान के केंटो मोमोता के लिए ये सीज़न यादगार रहा है। मोमोता चाहेंगे कि सीज़न का शानदार सफ़र भी वह बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स जीतते हुए ख़त्म करें। अगस्त से मोमोता ने जितने भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है उन सभी में सिर्फ़ फ़्रेंच ओपन को छोड़कर वह चैंपियन रहे हैं, जिसमें बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप भी शामिल है। फ़्रेंच ओपन ही एकमात्र ऐसी प्रतियोगिता थी जहां उन्हें एंथनी गिंटिंग से सीधे गेम्स में हारकर बाहर होना पड़ा था।

मोमोता की ख़ासियत है उनका शक्तिशाली डिफ़ेंस और कोर्ट की चारों ओर दौड़ते हुए हर क्षेत्र को कवर करना, जिससे उनके प्रतिद्वंदी पर दबाव बन जाता है। बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में भी मोमोता से इसी मैजिक की पूरी उम्मीद रहेगी।

हालांकि मोमोता के सामने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चीन के चेन लॉन्ग की चुनौती ज़रूर होगी। साथ ही साथ चोट के बाद वापसी करते हुए डेनमार्क के विक्टर एक्सेल्सन भी ज़बर्दस्त लय में नज़र आ रहे हैं, तो इंडोनेशिया के जॉनथन क्रिस्टी भी मोमोता को कड़ी टक्कर देने की सलाहियत रखते हैं।

युगल वर्ग में इंडोनेशिया की जोड़ी मार्कस गिडियन और केविन सुकामुलजो जिन्हें मिनियन्स के नाम से भी जाना जाता है, इस जोड़ी की दावेदारी पुरुष युगल में सबसे ऊपर है। इस साल इस जोड़ी ने अब तक कुल 7 चैंपियनशिप पर कब्ज़ा जमाया है, और अगले हफ़्ते से शुरू होने वाले बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में भी ये जोड़ी जीत की प्रबल दावेदार है।

मिनियन्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती जापान की जोड़ी ताकेशी कामुरा और किगो सोनोडा की होगी। साथ ही साथ गत विजेता चीन के ली जुन हुई और लियु यू चेन से भी मिनियन्स को होशियार रहना होगा।

बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स का फ़ॉर्मेट

इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 8 शटलरों को चार-चार के दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जहां हरेक शटलर को दूसरे शटलर के साथ एक एक मैच खेलने होंगे।

ग्रुप स्टेज से टॉप दो शटलर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाएंगे, जहां पहले ग्रुप में नंबर-1 पर रहे शटलर को दूसरे ग्रुप के नंबर-2 शटलर के साथ भिड़ना होगा। इस तरह दोनों सेमीफ़ाइनल के विजेताओं का सामना फ़ाइनल में ख़िताबी भिड़ंत में होगा।

सोमवार (9 दिसंबर 2019) को ड्रॉ की घोषणा होगी जिसके बाद ये पता चलेगा बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में किसकी टक्कर किससे होगी।

कहां देख सकते हैं ?

बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स के सभी मुक़ाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और हॉट स्टार पर बुधवार, 11 दिसंबर से भारतीय समयनुसार (IST) सुबह 8.30 बजे से देख सकते हैं।