पीवी सिंधु ने किया भारत में ओलंपिक डे समारोह का नेतृत्व

यह बैडमिंटन स्टार लॉकडाउन के दौरान खाना बनाना और खुद को शांत रखना भी सीख रही हैं। ओलंपिक डे के मौके पर साइना नेहवाल, सुशील कुमार सहित अन्य एथलीटों ने भी अपने विचार साझा किए।

लेखक रितेश जायसवाल ·

रियो 2016 की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने ओलंपिक डे के अवसर पर दुनियाभर के एथलीटों के साथ वर्कआउट करने की ओलंपिक की वैश्विक पहल में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

दुनियाभर में 23 जून को ओलंपिक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन ओलंपिक खेलों के महत्व और उसके मूल्यों का जश्न मनाया जाता है। इसके साथ ही यह पैगाम दिया जाता है कि यह मंच उम्र, लिंग या एथलेटिक क्षमता की परवाह किए बिना सभी को खेलों में भागीदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

भारतीय बैडमिंटन स्टार इस समय हैदराबाद में अपने घर पर हैं और उन्होंने वहीं से हाई-इंटेंसिटी वाले कई वर्कआउट किए। लाइव सत्र के दौरान उन्होंने आधे घंटे तक बर्पीस, जंपिंग जैक और स्क्वाट जंप किए। उसके बाद उन्होंने सलाह देते हुए बताया कि इन चुनौतीपूर्ण दिनों में खुद को कैसे फिट और सकारात्मक रखें?

पीवी सिंधु ने ओलंपिक के इंस्टाग्राम चैनल पर लाइव सत्र में कहा, “यह समय नई चीजों को सीखने के लिए बहुत अच्छा है। हां, मुझे बैडमिंटन की कमी खलती है, लेकिन दिमाग को व्यस्त रखना बहुत जरूरी है। यह आपको आगे बढ़ते रहने में काफी मदद करता है।"

उन्होंने आगे कहा, “मैं खाना बनाना सीख रही हूं और लोगों को रोजाना ध्यान लगाने के लिए भी कहूंगी। यह आपको शांत रखने में मदद करता है और यह आपको सोचने पर मजबूर करता है। ओलंपिक डे का वर्कआउट शानदार रहा है और मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे आप लोगों के साथ ऐसा कुछ करने का मौका मिला।"

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) को इस मौके पर पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में ट्राइसेप डिप्स लगाते हुए देखा गया। आप यह वीडियो यहां देख सकते हैं।

ओलंपिक मूल्यों के मायने

इस अवसर पर भारत की ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और सुशील कुमार (Sushil Kumar) ने बताया कि किस तरह से पदक जीतने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया और उन्होंने उस सपने को हासिल करने के लिए कितनी मेहनत की।

वहीं, सिडनी 2000 में कांस्य पदक जीतने वाली कर्णम मालेश्वरी (Karnam Malleswari) और ट्रैक-एंड-फील्ड क्वीन पीटी उषा (PT Usha) ने लोगों से खेल की भावना को बनाए रखने की अपील की और इस दिन सभी से एक साथ आने का आह्वान किया।

‘लक्ष्य को बड़ा रखो, कड़ी मेहनत करो’

भारतीय टेबल टेनिस स्टार अचंत शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) और ल्यूज के खेम में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले शिवा केशवन (Shiva Keshavan) सहित अन्य ओलंपियनों ने लोगों को अपना लक्ष्य बड़ा रखने, बड़े सपने देखने और इसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।

'हमेशा जीत के बारे में न सोचें’

भारतीय हॉकी गोलकीपर और पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश (PR Sreejesh) ने बताया कि क्यों हर समय बेहतर प्रदर्शन करना या जीत हासिल करना इतना मायने नहीं रखता है।