पीवी सिंधु ने बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 के सेमीफाइनल में किया प्रवेश  

रियो ओलंपिक सिल्वर मेडल विजेता पीवी सिंधु ने वर्ल्ड नंबर 2 को हराकर सेमी फाइनल में जगह बनाई

लेखक जतिन ऋषि राज ·

बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 का यह दौर भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के नाम रहा। बीडब्लूएफ में दो सालों से अपना दबदबा बनाए हुए चीन की ताइ जु यिंग ने आज तक वर्ल्ड चैंपियनशिप में कोई भी मेडल नहीं जीता है और वहीं दूसरी तरफ भारत की पीवी सिंधु अब तक कुल 4 वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडल जीतने में सफल रहीं हैं। बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 में पीवी सिंधु ने वर्ल्ड नंबर 2 की शटलर ताइ जु यिंग को 12-21, 23-21, 21-19 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।

इस जीत से भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना 5वां मेडल पुख्ता कर लिया है और आगे की राह भी आसान कर ली है। खेल के दौरान अपने खराब फैसलों की वजह से चीनी खिलाड़ी ने सिंधु को वापसी करने का मौका दिया और खेल को अपने हाथों से जाने दिया।

मुकाबले में की वापसी

एक समय ऐसा था कि सिंधु चाह कर भी खेल को पकड़ नहीं पा रहीं थी और एक-एक अंक के लिए उन्हें जूझना पड़ रहा था। पहली ही गेम में ताइ जु यिंग ने ऐसी बढ़त बनाई कि सिंधु का वापसी करना लगभग नामुम्किन सा था, जिस वजह से चीनी शटलर ने वह गेम 21-12 से जीता। दूसरा गेम शुरू होते ही सिंधु के तेवर मानों तेज़ और सटीक थे। तेज़ी से कोर्ट को कवर करती सिंधु ने इस बार अपनी प्रतिद्वंदी को कोई मौका नहीं दिया और खेल में अपनी पकड़ मज़बूती से बनाए रखी। बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा पेश करते हुए सिंधु ने दूसरे गेम को जीत कर खुद को खेल में बनाए रखा।

दबाव में रखा धैर्य

ताइ जु यिंग ने दिखा दिया कि वर्ल्ड नंबर 2 का पायदान उन्हें ऐसे ही प्राप्त नहीं हुआ है। तीसरा गेम शुरू होते ही ताइ जु यिंग ने अपने तजुर्बे का इस्तमाल करना शुरू किया और भारतीय शटलर को तकनीक बदलने पर मजबूर किया। इस फाइनल गेम में चीनी शटलर ने 9-3 से बढ़त लेकर भारत की उम्मीदों को मानों धुंधला सा कर दिया था लेकिन सिंधु भी आसानी से कहां हार मानने वालो में से थी। दबाव में अच्छा खेल दिखाते हुए सिंधु ने जीत की तरफ कदम बढ़ाने शुरू किए और लगातार कुछ अंक बटोर कर बढ़त अपने नाम की। इसी बीच, ताइ जु यिंग ने कुछ अनचाही गलतियां की और सिंधु ने उनका ज़बरदस्त फायदा उठाया। करीब एक घंटे तक यह मुकाबला चला और साहसी सिंधु ने जीत को अपनी झोली में डाल कर कोर्ट के बाहर निकलीं।

बी साई प्रणीत के लिए करियर की पहली बड़ी उपलब्धि 2010 BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतना था।

बी साईं प्रणीत ने रचा इतिहास

जहां एक तरफ सिंधु ने बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया वहीं दूसरी तरफ भारतीय पुरुष शटलर बी साईं प्रणीत ने इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ मुकाबले को एकतरफ़ा 24-22, 21-14 से जीता।

36 सालों के बाद, बी साईं प्रणीत बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पुख्ता करने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनें। इससे पहले यह कारनामा भारतीय दिग्गज प्रकाश पादुकोन ने 1983 के कोपेनहेगन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीत कर किया था। फिलहाल बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा बना हुआ है और हर लिहाज़ से उनसे जीत की उम्मीद की जा सकती है।