मलेशिया मास्टर्स में समाप्त हुआ सिंधु और साइना का सफ़र 

दोनों भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिस कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।    

लेखक जतिन ऋषि राज ·

मलेशिया मास्टर्स में शुक्रवार का दिन भारतीय खेमे के लिए बेहद खराब रहा। क्वार्टरफाइनल मुकाबले में भारत की पीवी सिंधु को ताइ ज़ू-यिंग के सामने हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले के आकंड़े यिंग के पक्ष में 21-16, 21-16 से गए।

सिंधु के अलावा एक और भारतीय दिग्गज जीत की उम्मीद से कोर्ट में उतरी थी लेकिन परिणाम फिर उनके प्रतिद्वंदी के हक में गया। यहां हम बात कर रहे हैं ओलंपिक की कांस्य पदक  विजेता साइना नेहवाल की। स्पेन की कैरोलिना मारिन के सामने नेहवाल का प्रदर्शन काफी फीका रहा। नेहवाल ने इस मुकाबले को 8-21, 7-21 से गंवा दिया और यकीनन इस हार से उनके मनोबल पर भी असर पड़ेगा। 

सिंधु के हाथ आई निराशा

पीवी सिंधु और ताइ ज़ू-यिंग का इस मुकाबले से पहले 16 बार आपस में आमना-सामना हो चुका था और दोनों ही एक-दूसरे की खामियों व ताकतों से वाकिफ हैं। मुकाबले के दौरान सिंधु ने लंबी स्मैश मारने की रणनीति बनाई लेकिन वह इसका लाभ न ले सकीं।  

पहले गेम के आधे समय तक सिंधु 9-11 के मामूली अंतर से पीछे थीं लेकिन उनकी मुश्किलें इसके बाद शुरू हुईं। हालांकि आधे समय से पहले सिंधु को देख एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि वह खेल से बाहर हैं। गेम के दूसरे भाग में यह भारतीय शटलर 13-11 से आगे थीं लेकिन ताइ ज़ू-यिंग के ज़हन में कुछ और ही चल रहा था। इसके बाद ताइ ज़ू-यिंग ने सिंधु को केवल तीन अंक बटोरने के मौके दिए और 21-16 से इस गेम को अपने नाम किया।  

सिंधु ने आखिरी बार इस चीनी ताइपे को 2019 चैंपियनशिप में हराया था लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इस भारतीय खिलाड़ी को यिंग ने 11 बार हराया है। दूसरे गेम में भी यिंग ने शानदार शुरुआत कर 11-4 से बढ़त अपने नाम की। सिंधु ने कुछ अंक और बटोरे लेकिन लक्ष्य को पार न कर पाईं और इस गेम को उन्होंने 16-21 से गंवा दिया। भारत के खिलाफ मिली जीत के बाद यिंग ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।

नेहवाल का हाल हुआ बेहाल

साल 2013 में इंडोनेशिया कप में इस प्रतिद्वंद्विता ने जन्म लिया। हम बात कर रहे हैं भारत की साइना नेहवाल और स्पेन की कैरोलिना मारिन के बीच की टक्कर की। पहली बार जब यह दोनों इंडोनेशिया कप में भिड़े थे तो नेहवाल ने बाज़ी मारी थी लेकिन शुक्रवार मलेशिया मास्टर्स 2020 के दौरान कहानी में फेर-बदल दिखाई दिया।

अपनी रणनीति के तहत मारिन ने शटल को नेहवाल से दूर झोंका या यूं कहें कि शटल को लंबा चलाया। इस वजह से नेहवाल को रिटर्न में दिक्कतों का सामना करना पड़ा और मारिन अपनी झोली में अंक बटोरती गईं। पहले गेम के आधे समय तक नेहवाल 6-11 से पीछे थीं। खेल के दोबारा शुरू होने पर मारिन ने लगातार 9 अंक अपने हक में करते हुए नेहवाल को जीत से और दूर कर दिया। आखिरी स्कोर नेहवाल के खिलाफ 8-21 से रहा।

नेहवाल के पास अब आखिरी मौका रह गया था और उस मौके का भी परिणाम निराशाजनक रहा। दूसरे गेम में भी नेहवाल के हाल कुछ खराब ही दिखे और मारिन ने आसानी से जीत दर्ज की। आधे समय तक एक बार फिर स्पेन की दिग्गज खिलाड़ी 11-6 से आगे थीं और उन्होंने एक बार फिर खेल को अपने हिसाब से चलाया। अंतत उन्होंने इस गेम को 21-7 से अपने नाम किया। इस गेम को जीतने के साथ कैरोलिना मारिन ने मुकाबले को जीता और सेमीफाइनल तक अपने कारवां को पहुंचाया।

मलेशिया मास्टर्स के दौरान एच एस प्रणॉय, किदांबी श्रीकांत, बी साई प्रणीत पहले ही बाहर हो चुके हैं और शुक्रवार के दिन पीवी सिंधु और साइना नेहवाल की हार के साथ भारतीय खेमे को एक और निराशा हाथ लगी।