वॉक रेस में रेशमा पटेल ने तोड़ा दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड 

उत्तराखंड की एथलीट ने अंडर-18 बालिकाओं की राष्ट्रीय जूनियर एथलीट चैंपियनशिप में 5000 मीटर दौड़ में जीता स्वर्ण पदक 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

भारत की उभरती रेस वॉकर रेशमा पटेल (Reshma Patel) लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करती जा रही हैं। उत्तराखंड की युवा एथलीट ने एक पखवाड़े में दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने रविवार को गुवाहाटी के सरूसजाई स्टेडियम में आयोजित बालिकाओं की अंडर—18 राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

उन्होंने 2017 में गोवा के बंबोलिम में केटी नीना (K.T. Neena) द्वारा 24:11:70 समय के साथ बनाये रिकॉर्ड को तोडते हुए 23:38:57 समय के प्रदर्शन के साथ नया रिकॉर्ड बनाया।

26 जनवरी को भोपाल में जूनियर फेडरेशन कप में 10000 मीटर दौड़ में पदार्पण करते ही U-20 नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने के ठीक बाद उसकी यह उपलब्धि उल्लेखनीय है।

देहरादून की इस युवा एथलीट को रूपाली (उत्तर प्रदेश) और दीपिका शर्मा (राजस्थान) ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन उसने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर आसानी से जीत हासिल करने के लिए अच्छा प्रदर्शन किया।

पटेल ने इस सफलता का श्रेय अपने भाई और मार्गदर्शक लंबी दूरी के धावक व युवा ओलंपिक 2010 में भाग लेने वाले इंद्रजीत को दिया है, जिन्होंने उसकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "भैया ने मेरे लिए मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने मेरे लिए सब कुछ किया। यहां तक की उत्तराखंड भेजने के लिए वो गांव में सभी से लड़ भी गए। वो मेरी आहार की आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखते हैं। नियमित रूप से मुझे अभ्यास कराते हैं। भाई का साथ मिलने से पहले तक मुझे पेशेवर एथलेटिक्स के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।"

पटेल इलाहाबाद में एक किसान परिवार से जुडी हैं। उनके भाई इंद्रजीत पहले सब्ज़ी भी बेचते थे। उसके एथलेटिक्स में जाने के लिए माता—पिता की की सहमति हासिल करने में उनके भाई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इंद्रजीत ने कहा, "मैंने सभी के साथ संघर्ष किया। यहां तक ​​कि मेरे परिवार के लोग भी इसके खिलाफ थे। ग्रामीण यह कहकर मेरा मजाक उड़ाते थे कि पहले तुम कुछ महत्वपूर्ण हासिल करके क्यों नहीं दिखाते, उसके बाद ही तो अपनी बहन को कुछ सिखा पाओगे।"