एफआईएच प्रो लीग के लिए उत्साहित हैं रुपिंदर पाल सिंह

टोक्यो 2020 से पहले भारतीय डिफेंडर बड़ी टीमों के आगे खुद को परखना चाहता है।

लेखक ओलंपिक चैनल लेखक ·

ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई करने के बाद अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम की नज़रें एफआईएच प्रो लीग पर होंगी। 2020 ओलंपिक गेम्स से पहले, भारतीय डिफेंडर रुपिंदर पाल सिंह दुनिया की बेहतरीन टीमों के आगे खुद को परखना चाहते हैं। भारतीय हॉकी टीम सबसे ज़्यादा चर्चा में तब आई जब विश्व भर की टीमें एफआईएच प्रो लीग के पहले संस्करण का हिस्सा थीं लेकिन भारत ने इस प्रतियोगिता में शिरकत नहीं की। लीग का हिस्सा न होने के कारण भारतीय टीम को ओलंपिक में क्वालिफाई करने के लिए अलग रास्ता अपनाना पड़ा। एफआईएच प्रो लीग – एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें विश्व की टॉप टीमें हिस्सा लेतीं हैं और लीग की 4 सर्वश्रेष्ट टीमें ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़तीं हैं।

टोक्यो 2020 अब नज़दीक है और हर देश इसको फतह करने की कोशिश में लगा है और इसी की तैयारियों के मद्देज़र एफआईएच प्रो लीग के अगले सीज़न में भारतीय पुरुष हॉकी टीम खेलती नज़र आएगी।ओलंपिक के अभ्यास के लिए इस लीग का महत्व और बढ़ चुका है। भारत 18 जनवरी 2020 को नीदरलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगा और अपने प्रदर्शन से सीख हासिल करने की कोशिश करेगा जो कि टोक्यो 2020 के लिए प्रेरणा का सबब बन सकता है।

दिलचस्प चुनौतियां

भारत के ड्रैग–फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह प्रो लीग को टोक्यो 2020 के अभ्यास के लिए बेहद उम्दा मंच मानते हैं। हॉकी इंडिया की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ रुपिंदर पाल सिंह ने कहा कि “हमारा पहला लक्ष्य 2020 ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई करना था और जब हम अपनी जगह पक्की कर चुके हैं तो अब हमारा इरादा उसके अभ्यास में खुद को पूरी तरह से झोंक देना होगा। उन्होंने आगे कहा "हमारे पास 9 महीने का समय है और प्रो लीग में खेलने से हम यह देख पाएंगे की बड़ी टीमों के आगे हमारा प्रदर्शन कैसा है और इसकी मदद से हम अपने खेल में सुधार और बदलाव कर पाएंगे।"

फॉर्म में खेलते हुए रुपिंदर पाल सिंह रूस के खिलाफ भारत को टोक्यो 2020 का टिकट दिलवाते हुए

भारतीय बेहतरीन ड्रैग–फ्लिकर के लिए विश्व की टॉप टीमों के खिलाफ खेलकर ओलंपिक गेम्स के लिए अभ्यास करना मानों एक दिलचस्प मौका है। प्रो लीग का पहला संस्करण सफल रहा था और इसके “होम–अवे” प्रारूपों के चलते भारत को बड़ी टीमों में उनके घर जाकर हारने का मौका मिलेगा और साथ ही साथ भारत की ज़मीन पर हॉकी के मैच भी खेले जाएंगे। 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने बताया।

टिके रहना है

चोट के कारण साल 2018 रुपिंदर पाल के लिए चुनौती भरा रहा और टीम में टिके रहने में उन्हें ख़ासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब जबकि भारतीय हॉकी टीम ने रूस को हराकर टोक्यो 2020 के लिए कोटा स्थान हासिल कर लिया है और इस लिहाज़ से रुपिंदर की नज़रे भी 2020 के सबसे बड़े सीज़न यानी जापान में होने वाले ओलंपिक गेम्स पर टिकीं होंगी।

इस बाबत उन्होंने कहा "पिछले साल बहुत सी बड़ी प्रतियोगिता में न खेलने के बाद वापसी करने का एहसास बेहद ख़ास है और इंडिया ब्लू का दोबारा प्रतिनिधित्व करना अपने में बड़ी बात है। मेरा ध्यान अपने प्रदर्शन पर था और मैं खेल से भारत की टोक्यो 2020 में जगह पुख्ता करना चाहता था। हालांकि रूस ने हमें कड़ी टक्कर दी लेकिन हमारे खेल की बदौलत हमें ओलंपिक कोटा हासिल हुआ जिस वजह से आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ चुका है।"

भारत के मुकाबले

देखिए भारत की एफआईएच प्रो लीग की अनुसूची

जनवरी 18 & 19: भारत v नीदरलैंड

फरवरी 8 & 9: भारत v बेल्जियम

फरवरी 22 & 23: भारत v ऑस्ट्रेलिया

अप्रैल 25 & 26: जर्मनी v भारत

मई 2 & 3: ग्रेट ब्रिटेन v भारत

मई 23 & 24: भारत v न्यूजीलैंड

जून 5 & 6: अर्जन्टीना v भारत

जून 13 & 14: स्पेन v भारत