रुपिंदर पाल सिंह: साल 2019 रहा ख़ास लेकिन नज़र है 2020 ओलंपिक गेम्स पर 

हॉकी फील्ड में अपनी वापसी और टोक्यो 2020 की अपनी तैयारियों को लेकर बोले भारतीय डिफेंडर रुपिंदर पल सिंह।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारत के मशहूर और काबिल ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह ने अपने करियर में बहुत उतार चढ़ाव देखे हैं। कहते हैं न कि एक खिलाड़ी असल खिलाड़ी तब ही बनता है जब वह कठिन समय में ज़्यादा मेहनत करे और अपने मज़बूत पक्ष को आगे रखे। इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने बेलजियम टूर पर वापसी कर अपने खेल से सभी को प्रसन्न किया और अपनी टीम के एक मज़बूत अंग बन गए। हाल ही में उन्होंने रूस के खिलाफ ओलंपिक क्वालिफायर में शानदार खेल दिखाया और भारतीय हॉकी टीम को ओलंपिक का कोटा जितवाने में सफल रहे।

भुवनेश्वर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रुपिंदरपल ने बताया कि “साल 2018 मेरे लिए बेहद मुश्किल रहा और कई बड़ी प्रतियोगिताओं में मैं शिरकत नहीं कर पाया। वह एक बहुत मुश्किल अनुभव था लेकिन ऐसे कठिन समय आपको मज़बूत और एक समझदार इंसान बनाते हैं। मुझे एहसास हुआ कि चोट के बाद मुझे काफी जगहों पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन मैं खुशकिस्मत रहा कि साल 2019 के अंत तक मैं टीम का एक अहम हिस्सा बन गया।”

इस भारतीय हॉकी खिलाड़ी ने अगले 7-8 महीनों में कुछ और खिलाड़ियों के साथ मिलकर बड़ी कामयाबी हासिल करने की राह को भी दर्शाया।

रुपिंने आगे बताया “इस सफ़र में जिम और मैदान में कड़ी मशक्कत जुड़ी है और मैं बहुत आभारी हूं कि मैं एक सफल वापसी कर पाया। सबसे अहम बात थी कि मैं अपनी काबिलियत से अपनी टीम को बड़ा योगदान दूं। मेरे हिसाब से हमारी टीम धीरे-धीरे अपने खेल का स्तर बढ़ाते हुए चल रही है जहां वह बड़ी-बड़ी सफलता हासिल कर ओलंपिक गेम्स की वजह से साल 2020 बहुत से खिलाड़ियों के बेहद ख़ास है और मैं अपने देश को इस बड़े स्तर पर गौरवांकित करना चाहता हूं।”

रूस के खिलाफ हुए ओलंपिक क्वालिफायर में रुपिंदरपाल सिंह ने शानदार दो गोल दागे। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया। 

टोक्यो 2020 पर नज़र  

एफआईएच प्रो लीग जो कि जनवरी 2020 से शुरू होने जा रही है उसके लिए भारतीय हॉकी टीम भुवनेश्वर में ट्रेनिंग कर रही है।

रुपिंदरपाल ने कहा “हमारे पास यह 4 हफ्ते हैं जिनमें हम व्यक्तिगत तौर पर बेहतर होना चाह रहे हैं। कोचिंग टीम कड़ी मशक्कत कर रही है और उनका ध्यान पूरे 34 खिलाड़ियों पर है जो कैंप का हिस्सा हैं और वह हर खिलाड़ी को बेहतर होने का मौका दे रही है। यह एक बहुत अच्छी प्रक्रिया है जिस वजह से हर खिलाड़ी व्यतिगत तौर पर अपने कौशल पर काम कर सकता है। इसकी वजह से 2020 ओलंपिक गेम्स के लिए भी हम तैयार हो रहे हैं।”

इस भारतीय डिफेंडर ने आने वाले समय को टोक्यो 2020 के अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण बताया। रुपिंदर साल 2016 रियो ओलंपिक गेम्स में भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे लेकिन उस समय यह टीम क्वार्टरफाइनल में ही बाहर हो गई थी। हालांकि रुपिंदर के हिसाब से 4 साल बाद यह भारतीय हॉकी टीम बहुत मज़बूत व बेहतर हो गई है और 2020 ओलंपिक गेम्स की मज़बूत दावेदारी पेश करेगी। 

इस बाबत उन्होंने कहा “ओलंपिक गेम्स में अपने देश की अगुवाई करना गर्व की बात है। यह हमेशा से मेरा सपना रहा है। यह भी सच है कि पिछली बार हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं था लेकिन इन चीज़ों का तजुर्बा हमें आने वाले ओलंपिक गेम्स यानि टोक्यो 2020 में काम आएगा। हम लोगों ने मेहनत की है और मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारतीय हॉकी टीम दुनिया की सफल टीमों में से एक है।”