टोक्यो ओलंपिक से पहले प्रशिक्षण की निरंतरता बनाए रखने के लिए SAI ने कोविड-19 की SOP में किया संशोधन 

आरटी-पीसीआर टेस्ट नेगेटिव नहीं आने तक प्रशिक्षण में लौटने वाले एथलीटों को रहना होगा हॉस्टल के अलग से आइशोलेट ब्लॉक में 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

टोकियो ओलंपिक को लेकर एथलीटों के लिए प्रशिक्षण की प्रबलता बनाए रखने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने पिछले साल 11 सितंबर और 3 दिसंबर को जारी की स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में मामूली संशोधन किया है।

पूरे देश में विभिन्न प्रतियोगिताओं से अपने केंद्रों पर लौटने वाले एथलीटों के लिए क्वारैंटाइन नियमों में परिवर्तन किया गया है। ताकि नोडल स्पोर्ट्स बॉडी के प्रशिक्षण केंद्रों के राष्ट्रीय शिविरों में लौटने वाले सभी एथलीट कोरोना महामारी के दौरान सुरक्षा से समझौता किए बिना अपना प्रशिक्षण फिर से शुरू कर सकें।

संशोधित SOP के तहत एथलीट अपने प्रशिक्षण को फिर से शुरू करने के साथ-साथ उसमें निरंतरता बनाए रख सकेंगे। पहले सात दिनों के लिए बॉयो-बबल में रहने वाले एथलीटों का आरटी-पीसीआर टेस्ट नेगेटिव नहीं आने तक उन्हें, दूसरे एथलीटों से दूर रखा जायेगा।

SAI ने एक बयान में कहा, "प्रतियोगिता स्थल से लौटने पर हर बार उन्हें सात दिनों के लिए क्वारैंटाइन में रहने के लिए कहने से उनके प्रशिक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।"

भारतीय खेल प्राधिकरण के कार्यक्रम में मौजूद खेल मंत्री किरेन रिजिजू और विदेश मंत्री एस जयशंकर

इसके अलावा, SAI ने प्रशिक्षण सुविधाओं के प्रमुखों को विभिन्न प्रतियोगिताओं से लौटने वाले एथलीटों को हॉस्टल परिसर के अलग या आइशोलेट ब्लॉकों में ठहराने की व्यवस्था करने की सख्त हिदायत दी है, जब तक की सात दिन बाद उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट नेगेटिव नहीं आ जाता।  

सभी SAI केंद्रों के प्रमुखों और कोचों को ये भी सूचित किया गया है कि वे एथलीटों की वापसी को सही से निर्धारित करें, ताकि वे बिना किसी रुकावट के खेल, जिम और खेल विज्ञान सुविधाओं का सुरक्षा से कोई समझौता किये बिना फायदा उठा सकें। 

प्रशिक्षण पर लौटने वाले एथलीटों के लिए अलग से भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जब तक कि उनकी आरटी-पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो जाती। 

यदि, भोजन की अलग-अलग व्यवस्था नहीं की जा सकती है, तो केंद्र प्रमुखों को एक सही शेड्यूल बनाने की सलाह दी गई है, ताकि शिविर में भाग ले रहे एथलीटों से उन्हें अलग रखा जा सके।