दो लगातार हारों के बाद भारत ने थाईलैंड को दी मात, बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के सेमीफ़ाइनल में टीम इंडिया

भारत के सिर जीत का सेहरा युवाओं ने बांधा, क्वार्टर फ़ाइनल में 0-2 से पीछे होने के बाद भारत की रोमांचक जीत

लेखक सैयद हुसैन ·

शुक्रवार को हार के मुंह से भारत ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में जीत छीनते हुए 3-2 से थाईलैंड को दी मात। 0-2 से पीछे होने के बाद एक समय भारतीय टीम के ऊपर प्रतियोगिता से बाहर होने का ख़तरा मंडरा रहा था।

थाईलैंड के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले बी साई प्रणीत और किदांबी श्रीकांत की लगातार हार के बाद भारत एशिया बैडमिंयन चैंपियनशिप 2020 से बाहर होने के कगार पर खड़ी थी।

लेकिन यहां से अगले तीनों करो या मरो के मुक़ाबले को जीतते हुए भारतीय युवा शटलरों ने भारत के सुनहरे बैडमिंटन भविष्य का संकेत दे दिया। भारत के लिए एम आर अर्जुन-ध्रुव कपिला की जोड़ी, लक्ष्य सेन और फिर किदांबी श्रीकांत के साथ मिलकर पुरुष युगल के मुक़ाबले में चिराग शेट्टी ने ये जीत दिलाई।

दो भारतीय दिग्गजों की एक के बाद एक हार

शुक्रवार का पहला मुक़ाबला भारत के बी साई प्रणीत और थाईलैंड के कांटाफ़ोन वैंगशैरोन के बीच था। ये दोनों ही शटलर अपने अपने देश के सर्वोच्च रैंकिंग वाले खिलाड़ी थे।

विश्व के 12वें नंबर के थाई शटलर ने ये मुक़ाबला 21-14, 14-21 और 21-12 से अपने नाम करते हुए भारत को झटका दे दिया था। इस हार के साथ ही भारत 5 मुक़ाबलों वाले इस मैच में 0-1 से पीछे हो गया था। बी साई प्रणीत की ये इस प्रतियोगिता में लगातार दूसरी हार थी।

बी साई प्रणीत की बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में लगातार दूसरी हार

अब भारत के लिए अगले मुक़ाबले में कोर्ट पर उतरे थे पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 किदांबी श्रीकांत, जिनका सामना मौजूदा वर्ल्ड नंबर-35 कुनलावत वितिदसार्न से था। किदांबी से उम्मीदें इसलिए भी ज़्यादा थीं, क्योंकि मलेशिया से 1-4 से हारने वाले मैच में भारत की ओर से किदांबी ही एकमात्र शटलर थे जिन्हें जीत नसीब हुई थी।

पहला गेम बेहद रोमांचक रहा जहां एक समय स्कोर 20-20 था लेकिन अगले दो प्वाइंट्स हारते हुए किदांबी ने पहला गेम भी 20-22 से गंवा दिया था। दूसरे गेम में तो थाई शटलर ने कमाल का खेल दिखाते हुए गेम को एकतरफ़ा बना दिया और 38 मिनट में ही किदांबी को शिकस्त देते हुए भारत को 0-2 से पीछे कर दिया था। यहां से अगले तीन मैचों में एक और हार भारत को इस टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा देती।

बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन का कमाल जारी

युवाओं का कमाल

लेकिन भारतीय बैडमिंटन के भविष्यों का इरादा कुछ और ही था, जिसकी शुरुआत अगले युगल मुक़ाबले में एम आर अर्जुन और ध्रुव कापिला ने कर दी थी। उन्होंने थाई जोड़ी किटिनुपॉन्ग केडरेन और तानुपत विरियंगरुका को 21-18, 22-20 से हराते हुए भारत को शुक्रवार की पहली जीत दिलाई और उम्मीदों को ज़िंदा रखा था।

अब एकल मुक़ाबले में भारत की ओर से लक्ष्य सेन एक ही लक्ष्य के साथ उतरे थे कि अगर भारत को अगले दौर में ले जाना है तो इस मैच को जीतना ही होगा। लक्ष्य के सामने थाई शटलर सुनान्यू अविहिंगसानन की चुनौती थी, जिन्हें लक्ष्य ने बेहद रोमांचक मुक़ाबले में 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही अब स्कोर 2-2 से बराबर हो गया था और पांचवां और आख़िरी मुक़ाबला सेमीफ़ाइनल का टिकेट हो चुका था।

शुक्रवार को आख़िरी मुक़ाबले में पुरुष युगल के मुक़ाबले में चिराग शेट्टी और किदांबी श्रीकांत कोर्ट पर उतरे थे, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के चोटिल होने की वजह से चिराग के साझेदार किदांबी थे। इस जोड़ी के सामने थे थाईलैंड के मनीपॉन्ग जोंगजीत और निपितफ़ोन फ़ुआंगफ़ुआपेट, इस मुक़ाबले को भारतीय जोड़ी ने 21-15, 16-21, 21-15 से जीतते हुए भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचा दिया।

भारत के सामने सेमीफ़ाइनल में कौन ?

भारतीय टीम के सामने इस जीत के बाद आराम करने का बिल्कुल भी समय नहीं होगा, क्योंकि शनिवार को ही सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में भारतीय टीम का सामना मज़बूत इंडोनेशियाई टीम से होगा।