बैडमिंटन

साइना नेहवाल को मिल रही है रोजर फ़ेडरर और सेरेना विलियम्स से प्रेरणा

भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल चोट की वजह से टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने से जूझ रही हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय बैडमिंटन दिग्गज साइना नेहवाल (Saina Nehwal) ने कहा कि वो टोक्यो ओलंपिक की दौड़ में निश्चित रूप से शामिल हैं और अगले साल के ग्रीष्मकालीन खेलों में भाग लेने के लिए रोजर फेडरर (Roger Federer) और राफेल नडाल (Rafael Nadal) जैसे टेनिस के महान खिलाड़ियों से प्रेरित हैं।

2012 के लंदन खेलों की कांस्य पदक विजेता 30 वर्षीय नेहवाल पिछले कुछ वर्षों में चोट से जूझती रही हैं और उनका फॉर्म शानदार नहीं रहा है। पूर्व विश्व नंबर 1 खिलाड़ी रैंकिंग में भी नीचे आ गई हैं और वो अभी फिलहाल 20वें स्थान पर हैं।

हालांकि साइना नेहवाल अभी भी आश्वस्त हैं कि वो टोक्यो ओलंपिक के लिए जगह बना सकती हैं। हालांकि उनका सफर आसान नहीं होगी।

"मुझे पता है कि ओलंपिक के बारे में ही सब सोच रहे हैं। ये बहुत बड़ा इवेंट है लेकिन इससे पहले, आपको कई टूर्नामेंटों के बारे में सोचना होगा। साइना नेहवाल ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान कहा, मैं अपनी लय में वापस आना चाहती हूं। ओलंपिक के बारे में सोचने से पहले मुझे पूरी तरह से ठीक होना है और सात-आठ टूर्नामेंट खेलने हैं। लेकिन हां, मैं निश्चित रूप से रेस में हूं। मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं और मैं इसके लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं।

नेहवाल फिलहाल बीडब्ल्यूएफ (BWF) की ओलंपिक क्वालिफिकेशन रैंकिंग में 22 वें स्थान पर है, जो अप्रैल में COVID​​-19 महामारी के कारण फ्रीज था। ऐसे में टोक्यो में साइना नेहवाल की खेलने की उम्मीद अभी भी बरकरार है।

फेडरर और नडाल से मिल रही है प्रेरणा

जनवरी 2021 तक क्वालिफिकेशन करने के दरवाजे खुले हैं। बीडब्ल्यूएफ कैलेंडर जनवरी में एशियाई लेग के साथ फिर से शुरू हो रहे हैं और साइना नेहवाल अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हैं।

उन्होंने कहा, "हाँ, ऐसे समय थे, जब मुझे लगा कि मुझे खेलना रोकना होगा और मैं अब और नहीं जीत पाऊँगी"। लेकिन फिर मुझे लगा कि मैं इससे आगे जा सकती हूं। मुझे लड़ना पसंद है। मैं घर बैठे क्या करूंगी? ये मेरी जिंदगी है, ये मेरा काम है।”

अपनी वापसी की राह में साइना टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर, राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) और सेरेना विलियम्स (Serena Williams) से प्रेरणा ले रही हैं। जो 30 की उम्र पार करने के बाद भी विश्व-विजेता बने हुए हैं।

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ओलंपिक क्वालिफिकेशन मापदंडों के अनुसार, ‘रेस टू टोक्यो’ के लिए रैंकिंग में शीर्ष 16 सिंगल्स खिलाड़ी क्वालिफाई होंगे। हालांकि, प्रत्येक देश को दो कोटा स्थानों तक ही सीमित किया गया है, अगर किसी देश के दो से अधिक खिलाड़ी शीर्ष -16 में हैं तो पहले दो खिलाड़ियों को सीधी एंट्री मिलेगी।

सातवें स्थान पर मौजूद पीवी सिंधु (PV Sindhu) वर्तमान में महिला डिवीजन में शीर्ष 16 में एकमात्र भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।

उन्होंने कहा, “मैं जोकोविच, फेडरर, नडाल, सेरेना में बहुत अच्छा उदाहरण देख सकती हूं। आपको ये देखने की जरूरत नहीं है कि ये कैसे हो पाता है? मैं एक फाइटर हूं और मैं वापस आ जाऊंगी। जब वे ऐसा कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं कर सकती?"

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