नेहवाल और कश्यप ने की टोक्यो 2020 बैडमिंटन क्वालिफिकेशन को आगे बढ़ाने की मांग 

2020 ओलंपिक खेलों में क्वालिफाई करने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को टॉप 16 में अपना नाम शुमार करना होगा।  

ओलंपिक खेलों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और हर खिलाड़ी टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। खेल चाहे कोई भी हो, हर खिलाड़ी अपनी तकनीक और खेल को बेहतर करते हुए जापान की राजधानी टोक्यो में शामिल होना चाहता है।

इसी बीच भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप ने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (Badminton World Federation) से ओलंपिक क्वालिफिकेशन कट-ऑफ की तारीख को आगे बढ़ाने की मांग की है। पहले कट-ऑफ की तारीख 30 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन चीन में उत्पन्न हुए कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते पहले ही जर्मन ओपन, चाइना मास्टर्स, पोलिश ओपन जैसे बहुत से क्वालिफायर को आगे बढ़ा दिया गया है। यही नहीं कई टूर्नामेंट्स रद्द भी कर दिए गए हैं।

ओलंपिक क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया के अनुसार बीडब्लूएफ 30 अप्रैल को रैंकिंग लिस्ट जारी कर सभी देशों को टोक्यो 2020 में अपने खिलाड़ी भेजने की सूची भेजेगा। ऐसे में आने 2020 ओलंपिक से पहले होने वाली सभी प्रतियोगिताएं भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। सभी खिलाड़ी अपनी रैंकिंग को बेहतर करते हुए ओलंपिक खेलों में शामिल होने की अपनी संभावनाओं को और बेहतर कर सकेंगे।

फिलहाल की स्थिति के मुताबिक़ भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को बहुत से अंक हासिल करने के मौकों को गंवाना पड़ सकता है। आपको बता दें, जर्मन ओपन से 7000 अंक, चाइना ओपन से 5,500 अंक और पोलिश ओपन से 4000 अंक खिलाड़ियों को गंवाने पड़ सकते हैं, जो उनकी रैंकिंग को बेहतर करने में सहायक हो सकते हैं।

पारुपल्ली कश्यप रैंक 24 और साइना नेहवाल रैंक 22 पर काबिज़ हैं। अगर यह दोनों खिलाड़ी और इनके आस पास की रैंकिंग वाले खिलाड़ी 2020 ओलंपिक गेम्स में डायरेक्ट एंट्री चाहते है तो उन्हें अपना नाम शीर्ष 16 में शुमार करना होगा। इस इवेंट को आगे बढ़ाने या रद्द होने के फैसलों के बाद नेहवाल, कश्यप के साथ किदांबी श्रीकांत (Kidabi Srikant), सौरभ वर्मा (Sourabh Verma) और एचएस प्रणॉय (HS Prannoy) जैसे खिलाड़ियों पर भी असर पड़ सकता है।

2012 लंदन गेम्स (2012 London Games) में भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले खिलाड़ी साइना नेहवाल ने ट्वीट कर कहा कि “यह उन खिलाड़ियों के साथ अन्याय होगा, जो ओलंपिक खेलों में क्वालिफाई करने के बेहद नज़दीक हैं।”थ रथ

 2020 ओलंपिक गेम्स के क्वालिफायर इवेंट

ओलंपिक क्वालिफायर के लिए रैंकिंग बढ़ाने के मौके थॉमस एंड उबेर कप (Thomas & Uber Cup), सुदीरमन कप (Sudirman Cup), वर्ल्ड चैंपियनशिप (World Championships), ग्रेड 2 बीडब्लूएफ टूर टूर्नामेंट 1–6 ग्रेड, ग्रेड 3 बीडब्लूएफ कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप (व्यक्तिगत एवं टीम) और कॉन्टिनेंटल मल्टीस्पोर्ट गेम्स जैसी और भी बहुत सी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

तजुर्बेकार पारुपल्ली कश्यप ने भी ट्वीट के जरिए कहा, “जर्मन ओपन रद्द हो चुका है और साथ ही स्विस ओपन (Swiss Open), सिंगापुर ओपन (Singapore Open) और मलेशिया ओपन (Malaysia Open) पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में उन खिलाड़ियों के साथ अन्याय हो सकता है, जो ओलंपिक खेलों में क्वालिफाई करने के बेहद नज़दीक हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सभी खिलाड़ियों को क्वालिफाई करने का बराबर मौका मिलेगा।”

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की बात करें तो बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) इस समय 51,277 अंकों के साथ 11वें स्थान पर काबिज़ हैं। वूमेंस सिंगल्स की खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) 7वीं रैंक पर 67,754 अंकों के साथ मजबूती के साथ खड़ी हैं। यह दोनों ही खिलाड़ी 2020 ओलंपिक गेम्स में भारत के लिए बैडमिंटन में मेडल जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं।

वहीं, मेंस डबल्स की बात करें तो सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की चहेती जोड़ी 8वें स्थान पर है।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की अगली चुनौती

अभी के हालातों की बात की जाए तो भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए ऑल इंग्लैंड ओपन (All England Open) और इंडिया ओपन (India Open) बेहद महत्वपूर्ण हैं। इंग्लैंड ओपन 11-15 मार्च तक खेला जाएगा और इस प्रतियोगिता के हाथ कुल 12,000 अंक हैं और वहीं इंडिया ओपन के जरिए खिलाड़ी 9,200 अंक अपने नाम कर सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि समीकरण बदलने के बाद भारत के हवाले से कौन से खिलाड़ी 2020 ओलंपिक गेम्स में क्वालिफाई करने में सफल होते हैं।

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