टोक्यो 2020 के लिए साक्षी मलिक का सफ़र मुश्किल 

एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के लिए हुए नेशनल ट्रायल्स में सोनम मलिक ने रियो गेम्स की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को हराया। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ओलंपिक गेम्स के अपने दूसरे संस्करण में भाग लेने के लिए दिन रात एक कर रहीं थी लेकिन अब इस सपने को एक बड़ा झटका लग गया है। रियो ओलंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली मलिक को बुधवार को हुए एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के ट्रायल्स में शिकस्त का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि यह हार उन्हें भारत की उम्दा पहलवान सोनम मलिक (Sonam Malik) से मिली।

62 किग्रा भारवर्ग में खेलते हुए साक्षी मलिक के हाथ से मानो एक सुनहरा मौका निकल गया। सोनम मलिक को मिली 3-2 से जीत ने उनका किर्गिस्तान के बिशकेक में 27 से 29 मार्च तक वाले कोंटीनेंटल क्वालिफायर में स्थान पुख्ता कर दिया है। 

एशियन रेसलिंग चैंपियशिप में भारतीय खिलाड़ियों के औसत प्रदर्शन को देखते हुए रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (Wrestling Federation of India, WFI) ने ट्रायल्स रखने की घोषणा की थी ताकि वे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को ही भारत की अवुवाई करने के लिए भेज सकें। 

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप की बात करें तो सोनम मलिक 62 किग्रा भार वर्ग में खेलते हुए ख़ासा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। गौरतलब है कि उन्हें आइसुलु टाइनीबेकोवा (Aisuluu Tynybekova) के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। वहीं दूसरी तरफ किरण (Kiran) भी 76 किग्रा भार वर्ग में कुछ कमाल नहीं दिखा सकीं और प्रतियोगिता के तीसरे राउंड में ही बाहर हो गईं। इतना ही नहीं भारतीय पुरुष पहलवान ज्ञानेंद्र (Gyanendra) भी 60 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में मेडल जीतने में नाकाम रहे।

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सोनम मलिक ने बनाई जगह 

ट्रायल्स के दौरान सोनम मलिक के सामने ऐसी कोई चुनौती नहीं आई जो उन्हें रोक सके। क्वार्टरफाइनल में इस दिग्गज पहलवान ने राधिका (Radhika) को 5-1 से हराया तो सेमीफाइनल में सरिता मोर (Sarita Mor) को 3-1 से पछाड़ा। आपको बता दें कि एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सरिता ने गोल्ड मेडल पर अपने नाम की मुहर लगाई थी। ट्रायल्स के फाइनल मुकाबले में सोनम ने साक्षी को शिकस्त देकर पूरे भारत में अपने नाम का डंका बजाया और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई।

सोनम मलिक के सुनहरे पल 

सोनम की जीत के बाद उनके कोच अजमेर ने कहा “इस युवा के लिए साक्षी को हराना बड़ी बात है। सोनम ने उन्हें थका दिया था। रोम इवेंट में कोहनी में चोट लगने के बावजूद इस खिलाड़ी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया। जबकि उनकी ट्रेनिंग भी ढंग से नहीं हुई थी।”

कोच ने आगे कहा कि “ऊपरी भार वर्ग में खेल रहे खिलाड़ियों को लगा होगा कि सोनम को आड़े हाथ लेना आसान होगा क्योंकि वे अभी छोटी हैं और उनके पास अनुभव की भी कमी है। मैंने उन्हें कहा था कि ऐसी अहम प्रतियोगिता में लड़कर जीतना बड़ी बात है और उनकी इस जीत ने मुझे गौरवान्वित कर दिया है।” 

वहीं दूसरी तरफ, 76 किग्रा भार वर्ग में खेलते हुए किरण ने भारतीय टीम में अपनी जगह को सुरक्षित कर चुकी हैं, तो वहीं ज्ञानेंद्र ओलंपिक क्वालिफायर के 60 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में खेलते नज़र आएंगे।