साक्षी मलिक को नए ट्रायल की घोषणा से फिर जगी आस

रियो 2016 की कांस्य पदक विजेता के पास 26 फरवरी को राष्ट्रीय ट्रायल में ओलंपिक क्वालिफ़ायर के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने का एक और अवसर होगा।

साक्षी मलिक (Sakshi Malik) को टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने के लिए एक अन्य अवसर मिल गया है। दरअलस भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने एशिया ओलंपिक क्वालिफ़ायर के लिए महिला पहलवानों को चुनने के लिए दो वर्गों में नए सिरे से ट्रायल करवाने की घोषणा की है। इससे अब भारतीय कुश्ती की स्टार खिलाड़ी साक्षी मलिक को अपने सपने के लिए एक नई रफ्तार मिल गई है।

बता दें कि रियो 2016 के कांस्य पदक विजेता के पास 26 फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक क्वालिफ़ायर के लिए भारत की टीम में अपनी जगह पक्की करने का मौका मिलेगा।दरअसल रियो डी जनेरियो में 2016 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक 62 किलोग्राम भारवर्ग में टीम बनाने में असफल रहीं। जहां उन्हें जनवरी में भारत की उभरती स्टार खिलाड़ी सोनम मलिक से हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि, सोनम एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में पदक जीतने में असफल रहीं। जिसके बाद डब्ल्यूएफआई ने कहा कि वे क्वालिफ़ायर के लिए सर्वश्रेष्ठ पहलवान सुनिश्चित करने के लिए नए सिरे से ट्रायल कराए जाएंगे।

वहीं, किरण और सोनम 76 किलोग्राम भार वर्ग में चल रहे एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में जीत हासिल करने में असफल रही हैं, डब्ल्यूएफआई ने कहा कि वे बुधवार को नए ट्रायल लिए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सर्वश्रेष्ठ पहलवान ही क्वालिफ़ायर के लिए पहुंचें।

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा, “हमने फैसला किया है कि महिलाओं के 62 किग्रा और 76 किग्रा वर्ग में ट्रायल नए सिरे से आयोजित किया जाएंगे, जो 26 फरवरी को लखनऊ में होंगे। सिर्फ यही वर्ग हैं जिनमें पदक नहीं आए हैं। हमने ग्रीको रोमन वर्ग में 60 किग्रा वर्ग में भी नए सिरे से ट्रायल कराने का फैसला किया गया है"।

पूजा ढांडा को करना होगा इंतजार

इस घोषणा से साफ मलतब है कि टोक्यो 2020 में पूजा ढांडा (Pooja Dhanda) को 57 किलोग्राम वर्ग में उनके सपने के लिए बड़ा झटका लगा है। बता दें कि अंशू मलिक (Anshu Malik) ने पूजा ढांडा को 57 किलोग्राम वर्ग के नेशनल ट्रायल में मात देकर भारतीय टीम में जगह बनाई थी और उज्बेकिस्तान के सेवारा एशमूरतोवा पर 4-1 की जीत के बाद कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी।

वहीं, ओलंपिक क्वालिफ़ायर प्रतियोगिता 27 से 29 मार्च को किर्गिस्तान के बिशकेक में आयोजित किया जाएगा, जिसका आयोजन पहले जियान में होना था, लेकिन कोरोना वायरस के फैलने के कारण UWW ने इसे चीन से हटा दिया। हालांकि UWW ने इस बात की गारंटी दी है कि चीनी पहलवानों को ओलंपिक क्वालिफ़ायर में हिस्सा लेने के लिए सभी तरह की आवश्यक अनुमति दी जाएगी।

पदक की रेस में साक्षी मलिक

हालांकि वह ओलंपिक भार वर्ग की कटौती करने में विफल रहीं और साक्षी मलिक एशियाई चैंपियनशिप में शामिल हुईं, क्योंकि रोहतक के पहलवान ने 65 किलोग्राम एक गैर-ओलंपिक डिवीजन में रजत पदक हासिल किया।

वहीं, फाइनल मुकाबले में भारतीय पहलवान जापान की नाओमी रुइके (Naomi Ruike) के खिलाफ अपने बचाव में ठीक थे, लेकिन उनकी डिफेंसिव अच्छी नहीं थी। जिसकी वजह से मुकाबले में 1-2 से मात मिली।

आपको बता दें कि साक्षी मलिक पिछले कुछ वर्षों में रियो 2016 के प्रदर्शन को दोहराने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं, जो वह अपने मुक्के को मोड़ने के लिए अपनी डिंफेसिव कौशल का इस्तेमाल करती हैं। जिसपर उनका अटूट विश्वास है।

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