ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को लगा झटका, ट्रायल्स में सोनम से मिली हार

साक्षी मलिक, पूजा ढांडा शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर हो गई हैं और अब वह एशियाई चैंपियनशिप में मुकाबला करते हुए नज़र नहीं आएंगी।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

दो बार की विश्व कैडेट चैंपियन सोनम मलिक ने शनिवार को रियो ओलंपिक ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता साक्षी मलिक को एक कड़े मुकाबले में हराकर एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान पक्का कर लिया है। जबकि जूनियर अंशु मलिक ने विश्व चैंपियनशिप की पदकधारी पूजा ढांडा को पराजित कर उलटफेर करने में कामयाबी हासिल की।

सोनीपत की सोनम ने साक्षी को हराया

सोनम और अंशु दोनों को पहले दौर में अनुभवी पहलवानों से भिड़ना था लेकिन दोनों ने अपने साहसिक प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया। फाइनल दौर में सोनम ने राधिका को 4-1 से हराकर 62 किग्रा वर्ग में भारतीय टीम में जगह बनाई। आपको बता दें साक्षी मलिक लंबे समय से प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रही हैं।

पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह पहले राउंड में ही हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं। इसके बाद वह रेपचेज में भी कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाईं और बिना मेडल के ही देश वापस लौटीं। इसके बाद रेसलिंग फेडरेशन ने उनसे इस प्रदर्शन पर सवाल किया, जिसका उनके पास कोई जवाब नहीं था।

अगले राउंड में पहुंची विनेश

57 किग्रा ट्रायल में अंशु ने पूजा को हराने के बाद फाइनल में मानसी को शिकस्त दी। अन्य वर्गों में कोई कुछ ख़ास और हैरान करने वाले मुकाबले देखने को नहीं मिले। जिसमें विनेश फोगाट (53 किग्रा) और दिव्या काकरान (68 किग्रा) ने आसानी से अपने मुकाबले जीत लिए। गौरतलब है कि विनेश फोगाट ओलंपिक में भारत की बड़ी उम्मीद हैं। रियो ओलिंपिक में चोट लगने के बाद से जबसे उन्होंने वापसी की है, उन्होंने सभी को प्रभावित किया है।

कॉमनवेल्थ रजत पदक विजेता पूजा ढांडा 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए एक बड़ी पसंद

साल 2018 में एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्होंने पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल भी हासिल किया था। निर्मला देवी (50 किग्रा) और किरण गोदारा (76 किग्रा) अन्य पहलवान रहीं, जिन्होंने ट्रायल में जीत हासिल की।

2016 रियो ओलंपिक में चोट के बाद दर्द से तड़पती हुई विनेश फोगाट

विजेता पहलवान रोम में 15 से 18 जनवरी तक चलने वाली पहली रैंकिंग सीरीज में भाग लेंगी। जिसके बाद ये नई दिल्ली में 18 से 23 जनवरी तक होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। अगर ये पहलवान इन दोनों प्रतियोगिताओं में पदक जीत लेती हैं तो 27 से 29 मार्च तक जियान में होने वाले एशियाई ओलंपिक क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।