एड्रियाटिक पर्ल यूथ टूर्नामेंट: सनमाचा चानू और विंका ने जमाया स्वर्ण पदक पर कब्जा

अन्य मुकाबलों में भारत ने दो रजत और चार कांस्य पदक भी जीते

लेखक भारत शर्मा ·

मोंटेनेग्रो के बुडवा में आयोजित 30वें एड्रियाटिक पर्ल यूथ टूर्नामेंट में रविवार को भारत की स्वर्ण दौड़ बरकरार रही। टूर्नामेंट के 75 किलो भार वर्ग में सनमाचा चानू और 60 किलो भार वर्ग में विंका स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।

अंतिम बाउट में चानू को हमवतन राज साहिबा को पटखनी दी, जबकि विंका ने मोल्दोवा के किपर क्रिस्टीना को पोडियम के शीर्ष पर हराया। इसके साथ ही टूर्नामेंट में अब भारत के पास तीन स्वर्ण पदक हो गए हैं।

इससे पहले चानू ने सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान के सोखिबा रूज़मेटोवा को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर साहिबा से स्वर्ण के लिए भिड़ंत पक्की की थी। इस बीच विंका ने अपने फिनिश प्रतिद्वंद्वी सुवी तुजुला को लगातार कई पंच जड़ते हुए रिंग में धराशाही कर दिया था। इसके चलते रेफरी ने दूसरे राउंट में ही मैच को रोकना पड़ा।

यह संयोग की ही बात है कि इससे पहले चानू और विंका ने मंगोलिया के उलानबटार में 2019 एशियाई युवा मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।

अन्य मुकाबलों में, भारत ने दूसरे दिन दो रजत पदक और चार कांस्य भी हासिल किए। राज साहिबा के अलावा, गितिका (48 किग्रा) को भी रजत से संतोष करना पड़ा, जबकि नेहा (54 किग्रा) और प्रीति (57 किग्रा) ने कांस्य जीतने में सफलता हासिल की।

पुरुष वर्ग में जुगनू (+91 किग्रा) और प्रियांशु (49 किग्रा) कांस्य पदक अपने नाम किए।

इससे पहले, शनिवार को एशियाई जूनियर चैंपियन अल्फिया पठान (+81 किग्रा) ने इस स्पर्धा में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था।उन्होंने मोल्दोवा की डारिया कोज़ोरव को 5-0 से हराया था।

भारतीय युवा मुक्केबाजी दल ने एक मजबूत प्रदर्शन पेश किया है और इस आयोजन से कम से कम 12 पदक हासिल करने के लिए तैयार हैं।