ओलंपिक टिकट हासिल करने के लक्ष्य से प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी करेंगी सानिया मिर्ज़ा

मातृत्व अवकाश के बाद होबार्ट इंटरनेशनल टूर्नामेंट के जरिए मिर्ज़ा एक बार फिर प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी करेंगी। चौथी बार ओलंपिक टिकट हासिल करना होगा लक्ष्य।

लेखक रितेश जायसवाल ·

भारतीय टेनिस दिग्गज सानिया मिर्ज़ा ने गुरुवार को कहा कि जनवरी 2020 में होने वाले होबार्ट इंटरनेशनल टूर्नामेंट के ज़रिए वह टेनिस में फिर से वापसी करेंगी। आपको बता दें 33 वर्षीय मिर्ज़ा दो साल से मातृत्व अवकाश पर चलने के चलते प्रतिस्पर्धी टेनिस से दूर रही हैं। उन्होंने आख़िरी बार अक्टूबर 2017 में चीन ओपन में हिस्सा लिया था।

पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी करने वाली भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने पिछले साल अक्टूबर में बेटे इज़हान को जन्म दिया था। मुंबई में हुई एक प्रेस वार्ता के दौरान मिर्ज़ा ने कहा कि वह होबर्ट इंटरनेशनल में विश्व रैंकिंग में 38वें स्थान पर काबिज़ यूक्रेन की नाडिया किचेनोक के साथ महिला युगल वर्ग में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही अगले साल होने वाले ऑस्ट्रेलिया ओपन में वह राजीव राम के साथ प्रतिभागिता करेंगी।

एक टेनिस कोर्ट का शुभारंभ करने के उद्देश्य से आई सानिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं होबार्ट के बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन में खेलूंगी। मैं अगले महीने मुंबई में भी एक आईटीएफ महिला इवेंट में खेलूंगी। हालांकि इस स्पर्धा में खेलना अभी तय नहीं है। मेरी कलाई की चोट पर निर्भर करेगा कि मैं इसमें हिस्सा लूंगी या नहीं। लेकिन होबार्ट और ऑस्ट्रेलियन ओपन में मैं जरूर खेलूंगी।"

मिर्ज़ा भारत की सबसे कुशल महिला टेनिस खिलाड़ी हैं, जिन्होंने स्विस टेनिस स्टार मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाते हुए 2015 में महिलाओं के युगल विंबलडन खिताब सहित छह ग्रैंड स्लैम जीते हैं। उन्हें आख़िरी बड़ी जीत 2016 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में हासिल हुई, जहां उन्होंने हिंगिस के साथ शीर्ष ख़िताब हासिल किया।

सानिया (दाएं) और मार्टीना हिंगिस (बाएं) ने साल 2015 में जीता महिला युगल विम्बल्डन ख़िताब

मीडिया से बात करते हुए मिर्ज़ा ने यह भी कहा कि "जब आप मां बनती हैं तो जीवन में बहुत सारे बदलाव आते हैं। आपकी दिनचर्या और नींद का समय भी बदल जाता है। अभी मैं खुद को फिट महसूस कर रही हूं। मेरा शरीर अब वैसा ही है, जैसा कि मेरे बच्चे के जन्म लेने से पहले हुआ करता था। बीते 6-7 महीनों से मैनें वापसी के बारे में सोचना शुरू किया।"

ओलंपिक टिकट हासिल करना होगा लक्ष्य

मिर्ज़ा ने आगे कहा, "ओलंपिक खेलों में मैं तीन बार हिस्सा ले चुकी हूं और पिछली बार खराब किस्मत के चलते हम पदक नहीं जीत सके। इसलिए मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं चौथी बार ओलंपिक में भाग ले सकूं। यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी। ओलंपिक से पहले मुझे तीन ग्रैंड स्लैम में खेलने का मौका मिलेगा।”

आपको बता दें, ओलंपिक खेलों में उनका सबसे अच्छा समापन रियो में हुआ, जहां वह मिश्रित युगल वर्ग में ब्रॉन्ज़ मेडल का मुकाबल जीतने से चूक गईं। चेक गणराज्य के लुसी हिरडेका और राडेक स्टेपानेक के खिलाफ उन्हें 1-6, 5-7 से शिकस्त मिली थी।