सानिया मिर्ज़ा ने पहली बार भारत को फेड कप के प्ले ऑफ तक पहुंचाया

करो या मरो की स्थिति में भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा ने आखिरी के तीनो मुकाबलों को जीत कर किया यह करिश्मा।

असल खिलाड़ी वही है जो मुश्किल पथ पर चल कर जीत हासिल करे और अगर इसका उदाहरण कोई है तो वह हैं भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza)। कोच अंकिता भांबरी (Ankita Bhambri) के नेतृत्व में जब फेड कप में करो या मरो की स्थिति आई तो सानिया मिर्ज़ा ने आखिरी के 3 मुकाबले जीत कर सबको हैरान कर दिया।

फेड कप के इतिहास में भारत पहली बार इस प्रतियोगिता क प्ले ऑफ में पहुंचा था और वह भी तब जब वह एशिया/ओशियनिक(Asia/Oceanic) ज़ोन में चीन से हार चुका था। अंकिता भांबरी ने पूर्व टेनिस खिलाड़ी बालचंद्रन मणिक्कथ (Balachandran Manikkath) के साथ हुई इन्स्टाग्राम की लाइव चैट में कहा “सानिया टीम में एक उर्जा लाती हैं और सबको प्रेरणा देती हैं और भरोसा दिलाती हैं कि अगर क्वालिफाई करना ही मकसद है तो वह मुमकिन है।”

भारतीय ग्रुप में चीन, उज़्बेकिस्तान, साउथ कोरिया और चीनी ताइपे जैसी कठिन टीमे थी। अपने पहले टाई में भारतीय टीम को चीन के सामने 3-0 से हारना पड़ा लेकिन इसके बाद भारत ने उज़्बेकिस्तान पर पलटवार कर उन्हें 3-0 से मात दी।

सानिया मिर्ज़ा ने फेड कप 2020 का अपना पहला मुकाबला साउथ कोरिया के खिलाफ खेला था और वहां से इस टीम की काया पलट हो गई। ग़ौरतलब है कि पिछले साल ही मिर्ज़ा एशिया/ओशियनिक ज़ोन से फेड कप हार्ट अवार्ड जीतने वाले पहली भारतीय टेनिस खिलाड़ी बनी।

भारतीय बाज़ीगर

फेड कप में सानिया मिर्ज़ा के तीनों डबल्स के मुकाबले जीत के लिए अहम थे। ऐसे में 6 बार की ग्रैंड स्लैम डबल्स चैंपियन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और एक हीरो की तरह उभरी। अंकिता भांबरी ने आगे कहा “सानिया ने अपने सारे डबल्स मुकाबले जीते हैं और इस तरह से हम आगे बढ़े। एक समय पर हम 1-1 पर थे लेकिन हम लगभग डबल्स के सारे मुकाबले हार गए। इस बार मैं सानिया मिर्ज़ा और अंकिता रैना को धन्यवाद करती हूं कि उन दोनों ने मिलकर हमे आगे पहुंचाया।”

कोरिया रिपब्लिक के खिलाफ रुतुजा भोसले को जंग सू-जिओंग (Su Jeong Jang) पर मिली जीत और अंकिता रैना को स्कोर 1-1 से बराबर था ना-ला हान (Na-Lae Han) से मिली हार के बाद भारत 1-1 से बराबरी पर था।

एक बार फिर भरतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा और अंकिता रैना ने ना-ला हान और किम ना-री के खिलाफ कमर कस ली थी और उन्हें 6-4, 6-4 से मात देते हुए भरत को 2-1 की बढ़त दिलाई।

इसके बाद चौथे मुकाबले में चीनी ताइपे के खिलाफ भी भारत की यही कहानी थी और स्कोर 1-1 से बराबर था। एक बार फिर इस भारतीय जोड़ी पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 डबल्स खिलाड़ी लतीशा चैन (Latisha Chan) और एन शुओ लिआंग (En Shuo Liang) से दो दो हाथ करने चली थी। दर्शकों को निराश न करते हुए भारतीय खेमे ने 6-4, 4-6, 6-4 से जीत हासिल की और कोर्ट पर अपने नाम की मुहर लगा दी।

फाइनल ग्रुप स्टेज में भारत की भिड़ंत हुई इंडोनेशिया से हुई थी और एक बार फिर स्कोर 1-1 से बराबर था।

सानिया मिर्ज़ा/अंकिता रैना की जोड़ी ने प्रिस्का मैडेलिन नुगरोहो (Priska Madelyn Nugroho) और एल्डिला सुजजीदी (Aldila Sutjiadi) को 7-6, 6-0 से मात दी और फेड कप के प्ले ऑफ में कदम रखे। यह महज़ एक जीत नहीं थी बल्कि कुछ खिलाड़ियों की वजह से एक कोशिश सफल हुई थी जो इससे पहले भारतीय इतिहास में कभी नहीं हुई थी।

इसके बाद अप्रैल में भारत का मुकाबला लातविया से होना था लेकिन कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया है।

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