अगर मैं अपना वज़न 89 किग्रा से 62 किग्रा कर सकती हूं तो कोई भी कर सकता है: सानिया मिर्ज़ा

बच्चे को जन्म देने के बाद सानिया 89 किग्रा की हो गईं थीं लेकिन फिर उन्होंने कैसे ख़ुद को 62 किग्रा तक लाया, इसका ख़ुलासा उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट से किया है

लेखक सैयद हुसैन ·

सानिया मिर्ज़ा ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय टेनिस जगत में वापसी की है, दो साल से वह कोर्ट से दूर थीं क्योंकि उन्होंने अपने बेटे इज़हान मिर्ज़ा मलिक को जन्म दिया है। वह हमेशा से ही आश्वस्त थीं कि कोर्ट पर वापसी करेंगी।

लगातार वह अपनी फ़िट्नेस ट्रेनिंग और जिम के फ़ोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर साझा कर रहीं थीं। जिस तरह के वर्क आउट वाले वीडियोज़ सानिया ने साझा किए हैं, वह सही मायनों में किसी भी मां के लिए प्रेरणादायक है कि कैसे वह भी बच्चे को जन्म देने के बाद अपना वज़न कम कर सकती हैं।

और अब फ़िट हो चुकी सानिया ने एक बार फिर इंस्टाग्राम के ज़रिए एक तस्वीर साझा की है जिसमें वह बता रहीं हैं कि कैसे इज़हान को जन्म देने के बाद वह 89 किग्रा से 62 किग्रा तक पहुंच गई। उन्होंने दो तस्वीरें भी साझा की हैं, एक में वह 89 किग्रा की हैं और एक में 62 किग्रा।

30 वर्षीय भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने इस पोस्ट में भावुक और प्रेरणादायक कैप्शन भी लिखा है, ‘’89 किग्रा बनाम 63 किग्रा, हम सभी का एक लक्ष्य निर्धारित होता है। प्रतिदन का लक्ष्य और लंबे समय का लक्ष्य। सभी अपने में ख़ास होते हैं, मुझे अपना लक्ष्य हासिल करने में चार महीने लगे, जो बच्चे को जन्म देने के बाद दोबारा फ़िट होना और कोर्ट पर लौटना था। काफ़ी समय के बाद वापसी करना था और एक बार फिर कोर्ट पर जीत की आदत बनाते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिर उसी प्रदर्शन को दोहराना था। आप अपने लक्ष्य की ओर ध्यान दीजिए, फिर चाहे कोई कुछ कहे। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता क्योंकि ऊपर वाला जानता है कि हमारे साथ कौन होते हैं। अगर मैं कर सकती हूं तो फिर कोई भी कर सकता है।‘’ इस कैप्शन के बाद उन्होंने हैशटैग भी लगाया है, #believe #mummahustles”।

होबार्ट में वापसी के साथ बनी चैंपियन

33 वर्षीय पूर्व ग्रैंड स्लैम विजेता सानिया ने अक्तूबर 2018 में इज़हान को जन्म दिया था, और पिछले महीने उन्होंने होबार्ट ओपन में वापसी करते हुए महिला युगल ख़िताब अपने नाम किया था।

पद्मश्री, पद्मभूषण और राजीव गांधी खेल रत्न से नवाज़ी जा जुकी सानिया मिर्ज़ा ने पिछले महीने अपनी साथी नादिया किचेनोक के साथ मिलकर महिला युगल का ख़िताब जीता था। फ़ाइनल में उन्होंने चीनी जोड़ी ज़ैंग शुआई और पेंग शुआई को शिकस्त दी थी। दो साल बाद वापसी कर रही सानिया का ये पहला टूर्नामेंट था और उन्होंने चैंपियनशिप जीत के साथ वापसी का ऐलान किया।

हालांकि ग्रैंड स्लैम में उनकी वापसी मनमुताबिक़ नहीं रह पाई, चोट की वजह से उन्हें 2020 ऑस्ट्रेलियन ओपन से अपना नाम वापस लेना पड़ा था। सानिया मिर्ज़ा के लिए ये झटके से कम नहीं था 42 वूमेंस टेनिस एसोसिएशन (डब्लूटीए) की विजेता रह चुकी सानिया इस टूर्नामेंट में काफ़ी अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर खेल रहीं होती।

ओलंपिक में पदक जीतना है सानिया का सपना

6 ग्रैंड स्लैम इवेंट में चैंपियन रहीं सानिया मिर्ज़ा और वूमेंस युगल में पूर्व नंबर-1 रह चुकी सानिया का ओलंपिक में पदक जीतने का सपना अभी भी अधूरा है। रियो 2016 ओलंपिक में सानिया पदक के बेहद क़रीब आकर सेमीफ़ाइनल में चूक गईं थीं। इसके बाद कांस्य पदक मुक़ाबले में उन्हें उनके जोड़ीदार रोहन बोपन्ना के साथ क्ज़ेच रिपब्लिक की मिश्रित जोड़ी लूसी हराडेका और राडेक स्टेपानेक के हाथों हार मिली थी।

सानिया मिर्ज़ा को उस हार का मलाल आज भी है, अब उनकी नज़र इस बार होने वाले ओलंपिक पर है। दिसंबर में हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत करते हुए सानिया ने कहा था, ‘’टोक्यो ओलंपिक मेरे दिमाग़ में चल रहा है, हालांकि ये मेरा अभी प्रमुख लक्ष्य नहीं है। क्योंकि फ़िलहाल मैं इस चीज़ पर ध्यान दे रही हूं कि मैं लगातार फ़िट रहूं और खेलती रहूं। ताकि मैं ओलंपिक में भारत की ओर से खेलने के लिए ख़ुद को योग्य बना सकूं।“

इसके अलावा सानिया ने कहा था ‘’पिछली बार पदक न जीतना मेरे लिए बहुत निराशाजनक था। लिहाज़ा एक बार फिर बोपन्ना के साथ खेलते हुए बेहद उत्साहित हूं। हम कोशिश करेंगे कि इस बार ख़ुद को ऐसे तैयार करें कि ओलंपिक पदक अपने पास ही हो।‘’

उनके ताज़ा इंस्टाग्राम पोस्ट से ये बात साफ़ है कि सानिया जिस लक्ष्य को पूरा करने की ठान लेती हैं तो फिर हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा देती हैं। और जब ओलंपिक पदक जीतना उनका एक अहम और अधूरा सपना है तो फिर हैदराबाद की ये सनसनी उसे पूरा करने के लिए जी जान लगा देगी।